All Golpo Are Fake And Dream Of Writer, Do Not Try It In Your Life

मेरी चुदक्कड बहने-12


प्रेषक : राज


आप लोगो ने मेरी चुदक्कड बहने पार्ट 11 में अभी तक पढ़ा …. उसके आगे .. मैने पायल को मैल कर दिया  मैल करके मैं जैसे ही बेड पे लेटा, मेरी आँख लग गयी और मैं एक गहरी नींद में चला गया  ” बीप बीप  बीप बीप  बीप बीप ” फोन मेरा बजने लगा मैने फोन उठाया “उम्म्म्म हेलो ” “आप अभी तक सो रहे हो भाई क्यूँ ऑफीस नहीं जाना” पायल ने सामने अपनी हमेशा की तरह उत्साही और मीठी आवाज़ में कहा “ह्म्‍म्म्म अभी तो सिर्फ़ 8 बजे हैं, थोड़ी देर सोने दे प्लीज़” मैने सुस्ता के कहा  “ठीक है भाई बाय” पायल ने जल्दी फोन कट कर दिया नींद में मैने भी नहीं सोचा कि उसने इतना जल्दी फोन क्यूँ कट किया और वापस नींद में चला गया “ओह मेरे बेटू मेरे शोना प्लीज़ उठ जाओ ना बाबू चलो जल्दी करो अब मेरे जानू” किसी ने मेरे सर पे हाथ फिराते हुए कहा मैने ज़ोर देके जब अपनी आँखें खोली, तब सामने पायल को देख के थोड़ा आश्चर्या चकित हुआ थोड़ा खुश हुआ  उसका वो स्माइलिंग फेस जब जब वो हँसती थी ऐसा लगता था मानो भगवान मुझ पे बहुत खुश हुए हैं क्यूँ कि मेरी ज़िंदगी का ये हिस्सा सबसे ज़्यादा खूबसूरत था  “हाई पायल  आजा तू भी सो जा अभी टाइम है ऑफीस में” मैने पायल का हाथ पकड़ते हुए कहा  “भाई मेरे आप एक बार घड़ी की तरफ देखो ” पायल ने मेरा मूह पकड़ के घड़ी की तरफ घुमाया  “ओह नो!!!! शिट!!!!!!! 1 बज गया है ओह यार!!! ” मैं बेड पे उठ के कहने लगा चिल्लाने लगा सही होगा यहाँ “स्शसशहसस मेरे भाई, धीरे, आज लेट जाओ कोई दिक्कत नहीं है  ” पायल ने मेरे बालों में हाथ फिराते हुए कहा “नहीं पायल बहुत काम है यार रुक मैं फ्रेश होके आता हूँ” मैने बाथरूम की तरफ भागते हुए कहा  मैं जल्दी से बाथरूम में गया और फ्रेश होके नहाने लगा ना चाहते हुए भी मुझे 30 मिनट हो गये जैसे ही मैं नहा के बाहर आया, पायल ने बेड पे मेरे कपड़े निकाल के रखे थे साथ में मेरा वॉलेट, मेरी , मेरा डियो  देख के मुझे बहुत अच्छा लगा बट कुछ बोलने का टाइम नहीं था मैं जल्दी से कपड़े पहनने लगा एक बार खुद को आईने में देख के पलटा तो सामने पायल दरवाज़े से अंदर आई उसके हाथ में चाइ और नाश्ता था मेरे लिए “धीरे भैया आओ पहले नाश्ता करो, बाद में साथ चलते हैं ऑफीस” पायल ने बैठ के मुझे कहा मैं:- नहीं पायल निकलना है यार, लेट हूँ बहुत आज पायल:- भाई, ऑलरेडी लेट हो, जहाँ इतनी देर, वहाँ कुछ मिनट्स और गालियाँ सेम ही मिलेंगी आपको, मुझे आँख मारते हुए कहा मैं जल्दी से खाने बैठा और चाइ पीने लगा कुछ बोले बिना मैने नाश्ता फिनिश किया और पायल को मुझे ऑफीस ड्रॉप करने को कहा  हम नीचे आ गये जहाँ अंशु बैठी थी  अंशु:- हाई  कैसे हो, दिखते ही नहीं  मैने उसे देखे बिना जवाब दिया “फाइन आंटी गॉट टू गो नाउ बू बाइ लेटर्स” ये कहके मैं और पायल दौड़ के बाहर आए और गाड़ी में बैठ के ऑफीस के लिए निकल पड़े “क्या हुआ भाई  ये यहाँ क्यूँ आई थी, ” पायल ने अंशु के बारे में पूछा मैं:- अभी आई होगी डियर, तू चल ना जल्दी और तेरी प्रेज़ेंटेशन कितने बजे है  पायल:- भाई वो तो हो गयी 8 बजे थी, 11 बजे फिनिश करके आपको कॉल किया था बट आप तो आप हो सो गये मैं:- कैसी रही प्रेज़ेंटेशन  पायल:- रॉकिंग भाई मेरी बॉस तो बहुत खुश थी इससे एक बहुत बड़ी डील क्लोज़ होगी कंपनी के लिए, आंड ऑल क्रेडिट टू यू स्वीट हार्ट  मैं:- जानू मेरी अब पहले ऑफीस छोड़ मुझे , रात को बहुत सारी बातें करनी हैं अब भगा भगा मैं पागल हुए जा रहा था घड़ी देख देख के मुझे देख के पायल भी सीरीयस हुई और गाड़ी भगाने लगी  करीब 3 बजे मैं ऑफीस पहुँचा, जैसे ही गाड़ी रुकी मैं:- ओके बाइ बाइ बाइ बयी  कहके मैं निकला जल्दी और दौड़ने लगा  मैं अचानक खुद को रोकते हुए मुड़ा, पीछे पायल वहीं की वहीं खड़ी थी ऐसा देख मैं उसके पास गया  “सॉरी स्वीट हार्ट आज बहुत लेट हूँ रात को आता हूँ तेरे पास तेरी मोम से पर्मिशन लेनी है कि तू हमारे घर आए रहने अब कुछ दिन” पायल की आँखें बड़ी हो गयी जैसे सवाल कर रही हो “रात को आता हूँ तेरे घर डियर मोम से पर्मिशन लेके आज तुझे अपने घर ले जाउन्गा, तू कुछ दिन वहाँ पे रहेगी अब मेरे साथ” मैने पायल को आँख मारते हुए कहा  पायल को कुछ समझ नही आया जब तक वो कुछ समझती, तब तक मैं ऑफीस के गेट के अंदर चला गया था  मुझे छोड़ के पायल भी अपनी ऑफीस की तरफ निकल गयी जैसे ही मैं ऑफीस पहुँचा, ऐज एक्सपेक्टेड मेरे बॉस ने मुझे बहुत सुनाया तो सही, बट फिर मैने उसे ठंडा किया और काम पे लग गया आज पहली बार ऐसा लग रहा था कि मैं ऑफीस की कुर्सी पे नहीं, बल्कि किसी गरम तवे पे बैठा हूँ मेरा पिछवाड़ा मेरे बॉस ने बहुत ही गरम कर दिया था खैर मैं जैसे तैसे अपने काम में लग गया, और जल्दी फिनिश करने लगा काम करते करते बार बार मुझे बीती रात के नज़ारे दिख रहे थे वो अंशु की गान्ड और चूत वो विजय अंकल का अपनी साली को अपनी बीवी के सामने चोदना विजय अंकल का डॉली के बारे में चुदाई का ख़याल ये सब चीज़ें मुझे बहुत डिस्टर्ब कर रही थी इसलिए नहीं क्यूँ कि ये सब मेरे घर में मेरे ही चाचा चाची कर रहे थे, बल्कि इसलिए कि इतनी चुदक्कड रंडिया मेरे आस पास होने के बावजूद मेरे लंड को ठंडक नहीं मिल रही थी स्शसशहसस मेरे भाई, धीरे, आज लेट जाओ कोई दिक्कत नहीं है  ” पायल ने मेरे बालों में हाथ फिराते हुए कहा  ठंडक नहीं मिल रही थी मैं ये सब सोचते सोचते काम ही नहीं कर पा रहा था मैने जब देखा तो मेरा थोड़ा काम पेंडिंग तो था, पर मुझसे ऑफीस में बैठा ही नहीं जा रहा था मैं सीधा अपने बॉस के पास गया और उससे घर जाने की बात कही पहले तो वो मुझे सुन ही नहीं रहा था, फिर मैने उसे आश्वासन दिया कि मैं पेंडिंग काम घर से ही पूरा कर दूँगा कंपनी के दिए गये लॅपटॉप पे ये सुनके उसने मुझे इजाज़त तो दे दी, लेकिन एक धमकी के साथ  मैं ये सब इग्नोर करके घर जाने के लिए निकला, तब पायल को फोन मिला लिया  “हां भाई बोलिए” पायल ने जवाब देते हुए कहा मैं:- “क्या बात है जानेमन, आज ना स्वीट हार्ट, ना जानू, नाराज़ है क्या मेरी स्वीट्स मुझसे” पायल:- सुनिए आइ विल कॉल यू बॅक ओके, बाय ये कहके पायल ने फोन कट कर दिया मैं बहुत हैरान हुआ ये सोचते सोचते कि ये क्यूँ ऐसा बिहेव कर रही है मेरे पास गाड़ी तो थी नहीं,दोस्तों आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है   मैने ऑफीस के बाहर जाके सिगरेट जला ली, और वहीं खड़े खड़े ऑफीस के कुछ बन्दो से गप्पे लड़ाने लगा करीब 20 मिनट बाद मुझे पायल का कॉल आया मैं फोन उठाके कुछ बोलता उससे पहले पायल चालू हो गयी  “सॉरी सॉरी सॉरी भाई, उस वक़्त मेरी मॅनेजर के साथ थी प्लीज़ सॉरी  आप कहाँ हो अभी बताइए क्यूँ फोन किया था बताइए  हेलो !!! हेलो!!! कहाँ गये भाई, व्हेअर आर यू” पायल ने एक साँस में ये सब कहा मैं:- हां मेरी मा रुक जा, तू चुप होगी तभी तो मैं बोलूँगा ना मैं अभी ऑफीस के बाहर हूँ, तेरा वेट कर रहा हूँ, जल्दी से लेने आ मुझे पायल:- अभी इतना जल्दी क्यूँ अभी तो सिर्फ़ शाम के 6 हुए हैं आपका काम फिनिश हो गया क्या ? मैं:- हां तू आ ना, सवाल मत पूछ इतने पायल:- ओके मैं निकल रही हूँ अभी, आप वेट करो बू बाइ म्‍म्ममवाआहहहहा मैं फोन कट करके वहीं उसका वेट करने लगा वेट करते करते 20 मीं हो गये, मैने दूसरी सिगर्रेट भी ख़तम की बट पायल कहीं नहीं दिख रही थी मैने पायल को फोन किया तो भी नो रेस्पॉन्स मैने दूसरी बार ट्राइ ही किया था, तभी सामने मुझे वो गाड़ी के अंदर दिखाई दी जैसे ही वो गाड़ी रोक के गाड़ी से उतरी, मैं उसे देखता ही रह गया मैं क्या, जो भी लोग आस पास खड़े थे, सब उसी को देख रहे थे ग़ज़ब की खूबसूरत लग रही थी  रेड कलर के टॉप में से उसके चुचे उछल कर बाहर निकलना चाहते थे सन ग्लासस पहने उसके बाल खुले हुए मैं तो देखता ही रह गया ऐसा लग रहा था मानो ऑफीस से नहीं, किसी फॅशन शो से लौट रही है मेरे आस पास के सब लोग भी उसे किसी भूखे भेड़िए की तरह देखने लगे कुछ पल के लिए तो मैं हक्का बक्का हो गया था पायल चल के मेरे पास आई और बोली पायल:- चलो अब क्या देखते रहोगे यहाँ खड़े रहके उसकी बात सुनके मुझे होश आया और मैं उसका हाथ पकड़ के सीधा उसे गाड़ी के अंदर ले आया मैं:- ये क्या है कोई ऑफीस ये पहन कर जाता है कभी व्हाट्स रॉंग विद यू  पायल:- क्या हुआ भाई, क्यूँ इतना लोड ले रहे हो मैने अपना जॅकेट नहीं पहना गर्मी की वजह से इस गर्मी में जक्सेट पहनु मैं ? फॅशन डिज़ास्टर लगेगा लोग बोलेंगे पागल लड़की है  मैं:- अरे पर ये पहनने की ज़रूरत ही क्या थी कोई और कपड़े नहीं है तुझे, मैं लेके दूं बोल, पायल:- भाईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई चिल मारो ना  क्यूँ अपनी तबीयत बिगाड़ रहे हो इतना गुस्सा होके चलो अभी चेंज कर लेती हूँ  “रहने दे अब फ्री में मुझे पब्लिक को कुछ नहीं दिखाना बड़ी आई गाड़ी में कपड़े बदलने वाली” मैने चिड के उससे कहा पायल:- चलो भाई लेट्स गो बस, आइ एम सॉरी अब ये कहके पायल ने गाड़ी घर की तरफ बढ़ा दी रास्ते में जब मेरा गुस्सा ठंडा हुआ तो मैने उससे बात करने की कोशिश की मैं:- तो प्रेज़ेंटेशन कैसी थी मेरी जानू की पायल:- ठीक थी  मैं:- क्यूँ अच्छी नहीं थी प्रेज़ेंटेशन अच्छी नहीं बनाई थी मैने ? पायल:- नहीं अच्छी थी “अब बस यार क्यूँ ऐसे मार रही है, एक एक शब्द नहीं चाहिए जवाब में अब गुस्सा ठंडा कर प्लीज़, नहीं तो मैं पागल हो जाउन्गा तेरे बिना” मैने थोड़ा उँची आवाज़ में थोड़ा झल्ला के कहा पायल:- चलो ठीक है बस सॉरी!! ऐसे कपड़े नहीं पहनुँगी मैं आपके सामने बस मैं:- मैने कब कहा के मेरे सामने मत पहन बस ऑफीस वीअर नहीं है ये मैने ऐसा कहा आगे तेरी मर्ज़ी  ये कहके मैने बात करना बंद कर दी  15 मीं बीत चुके थे पहली बार पायल और मैने एक दूसरे से 15 मीं तक कोई बात नहीं की थी ये खामोशी हम दोनो को अंदर ही अंदर काट रही थी मैं जानता था कि वो लड़की है इसलिए कभी पहेल नहीं करेगी  “सॉरी स्वीट हार्ट आगे से नहीं चिल्लाउन्गा तुझ पे यार प्लीज़ फर्गिव मी” मैने थोड़ा मीठी आवाज़ में कहा  ये सुनके पायल मुझे देखने लगी कुछ सेकेंड्स में देखते देखते हँसने लगी ज़ोर से  “हाहहहहा भाई हहहे  क्या यार हेहहेहेहेहेहहे” पायल हँसते हँसते बात कर रही थी मुझे समझ नहीं आया इसे क्या हुआ  “क्या हुआ अब” मैने उसे देख के सवाल करने लगा “कुछ नहीं भाई हेहहहे मुझे लगा आप दूसरे मर्दों से अलग हो, पर मैं ग़लत थी हहेहहेहहहे” पायल फिर बोल बोल के हँसने लगी “दूसरे मर्दों से अलग मतलब क्या ” मेरी चिढ़ बढ़ रही थी “हहहीहे चिल मेरे भाई बताती हूँ आज ही मैने एक आर्टिकल पढ़ा जिसमे लिखा था कि जब मर्द और औरत का झगड़ा होता है, उसमे ग़लती चाहे किसी की भी हो, पर माफी हमेशा सब से पहले मर्द ही माँगता है और आपने ये साबित भी कर लिया” पायल मुझ पे फिर से हँसने लगी  मैं सोच में पड़ गया था के इसको कैसे समझू मैं ये लड़की एक पल में गुस्सा, एक पल में प्यार, आख़िर क्या है ये मुझे सोच में देख पायल फिर बोली “अच्छा चलो सॉरी पर एक लास्ट बात बोलूं आपको” “बोल” मैं सिर्फ़ ये शब्द ही बोल पाया “उस आर्टिकल में लिखा था कि एक मर्द कम से कम 45 मिनट्स तो औरत से नाराज़ रहता है पर आप तो 17 मिनट में ही हार मान गये’ पायल ने फिर मुझे चिढ़ाने के लिए कहा  “नहीं ऐसा नहीं है, मैं तुझसे ज़्यादा देर नाराज़ नहीं रह सकता डियर तू जानती है ना मैं तुझसे कितना प्यार करता हूँ, तुझसे एक मिनट तो क्या , एक पल भी ” “झूठ झूठ झूठ पायल ने मुझे बीच में ही काट दिया  “अगर प्यार करते तो आज दोपहर को मुझे इग्नोर ही नहीं करते भाई जाओ ना आप, मुझे बात नहीं करनी” पायल ने बनावटी गुस्से में मुझसे मूह फिराते हुए कहा मैं:- ठीक है चल नहीं बात कर बस मुझे घर ड्रॉप कर, डॉली से मिलके मैं उसके साथ घूमने जाउन्गा ये सुन पायल मुझे देखते देखते आग बाबूला होने लगी “चलो अभी ज़्यादा मत भागो, नहीं तो फिर जानते हो ना मुझे क्या करूँगी मैं” पायल ने गुस्से में गाड़ी की तेज़ी बढ़ाते हुए कहा बातें करते करते हम पायल के घर पहुँच गये  हम गाड़ी से उतर के पायल के घर के अंदर गये और सीधा उसकी मोम, यानी मेरी बुआ के पास चले गये मैं:- बुआ जी कैसे हो, कितना घूमते हो आप एक हम हैं, हमे टाइम ही नहीं मिलता कितने खुश नसीब हो आप  बुआ:- बेटा मस्का मत मार, बोल क्या काम है सीधे सीधे पायल:- वाह मोम!!!! आप भी पहचान गये हो भाई को एहहेहेहहे मैं:- बुआ जी  कुछ दिन आप पायल को हमारे घर रहने के लिए भेजिए ना प्लीज़ बुआ:- अभी तो तुम्हारे घर से आई है अचानक क्या हुआ बेटे  मैं:- नहीं बुआ कुछ नहीं बस ऐसे ही, मैं घर पे अकेला होता हूँ आप तो जानते हो डॉली और ललिता को, उन लोगों को मेरे से बात करने के लिए टाइम ही नहीं है इसलिए पायल कुछ दिन रहेगी साथ तो मुझे भी अच्छा लगेगा और इसका भी टीपी हो जाएगा मैने पायल को आँख मारते हुए कहा पायल:- मैने कोई टीपी नहीं करना मेरे पास बहुत काम है, मैं नहीं चलूंगी कहीं पायल ने मेरी तरफ देखते कहा कहके फिर अपनी जीभ निकाल के बुआ से चुप के मुझे चिडाने लगी बुआ:- ठीक है राज बेटे, मेरी तरफ से पर्मिशन है आज इसके पापा भी आ जाएँगे ये मान जाए तो ले जाओ इसे  अब हटो यहाँ से, मुझे काम फिनिश करने दो अपना तुम दोनो तुम बाहर जाओ, मैं अभी कोल्ड कॉफी लाती हूँ तुम दोनो के लिए ये कहके बुआ अपने काम में लग गयी और हम लोग बाहर आ गये  पायल:- अब बोलो क्यूँ ले चल रहे हो अपने घर मुझे मैं:- क्यूँ मतलब ऐसे ही, दिल है मेरा क्यूँ, नहीं ले जा सकता ? पायल:- अगर ले जाना है तो हमेशा के लिए ले जाओ ना अपने साथ ऐसे रोज़ रोज़ अपने साथ ले जाते हो, फिर वापस छोड़ने आते हो इतना कोई तड़पाता है क्या कभी कहते कहते पायल की आँखें नम होने लगी  ये देख मुझसे भी रहा नहीं गया मैं तुरंत उसके पास गया और उसे ज़ोर से अपने गले लगा लिया मैं:- अब रोना बंद कर प्लीज़ मेरी जानू तेरा ये एक एक आँसू मेरे दिल पे एक ऐसा बोझ डाल रहा है जो मैं जीते जी कभी नहीं उतार पाउन्गा उस वक़्त हमे किसी की परवाह नहीं थी बुआ जी भी देख लेती तो भी हमे डर नहीं था कहीं ना कहीं मुझे लगने लगा था, पायल जब जब मेरे साथ होती है, मुझे डर बिल्कुल नहीं लगता बस हमेशा लगता है कि मेरे साथ एक बहुत ही बड़ी शक्ति है, जिसके होते हुए मुझे कोई नुकसान नहीं पहुँचा सकता हम दोनो एक दूसरे से बिना किसी डर के गले लगे हुए थे हमे पता ही नहीं चला कब हमारे पीछे बुआ आई “आहें आहें  क्या मैं डिस्टर्ब कर रही हूँ तुम दोनो को” बुआ ने पीछे से कहा इस आवाज़ से हम अलग हुए और पीछे बुआ खड़ी थी  “नहीं बुआ जी  हम तो बस ऐसे ही” मैं इससे आगे कुछ नहीं कह पाया  “एक्सक्यूस मी भाई मोम मैं अभी आई” इतना कहके पायल उपर चली गयी उसकी आँखें अभी भी नम थी, शायद बुआ ने वो देख लिया बुआ:- क्या हुआ बेटे पायल क्यूँ रो रही थी  मैं:- कुछ नही बुआ हम बस ऐसे ही बातें कर रहे थे, बातों बातों में उसकी शादी की बात निकली ये सुनके शायद वो भावुक हो गयी और मुझसे देखा नहीं गया इसलिए मैने उसे गले लगा लिया बुआ:- इसमे रोना क्या है ये भी पगली है, एक ना एक दिन तो उससे शादी करनी ही पड़ेगी ना अच्छा, तुम कॉफी पियो मैने देखती हूँ उसके रूम में ये कहके बुआ भी पायल के पास चली गयी उसके रूम में उनके जाते ही मैने एक चैन की साँस ली “फेवववव!!!!! थॅंक गॉड मैने कुछ सोच लिया नहीं तो आज बुआ पता नहीं क्या सोच लेती” मैने खुद से कहा थोड़ी देर तक मैं वहीं बैठे बैठे कॉफी पीने लगा और पूजा के बारे में सोचने लगा कैसी होगी ये पूजा कौन है ये आख़िर मैने आज तक नहीं देखा उसे ? मैं बैठे बैठे यही सोच रहा था, तभी उपर से बुआ और पायल आते दिखे, पायल के हाथ में बॅग भी था उसका देख के मुझे खुशी हुई के फाइनली पायल मान गयी मेरे साथ चलने को  पायल:- अब चलें इधर बैठे बैठे मेरी मा को मेरी शादी के आइडिया दे रहे हो जल्दी निकलो यहाँ से अब  मैं:- हां हां चल ना ले गाड़ी , जाके बैठ मैं आता हूँ  पायल के जाते ही मैं:- डोंट वरी बुआ मैं ख़याल रखूँगा पायल का  बस कुछ दिन की बात है  बुआ:- नो प्राब्लम बेटा तुम हो, तुम्हारी मोम है तो मुझे कैसी चिंता अब चिंता तो बस इसकी शादी की है मैं:- बुआ, चिंता ना करें हम जल्द ही इसके लिए कुछ सोचेंगे “ओक बेटे अब जाओ, नहीं तो तुमपे चिल्लाएगी वो” बुआ ने हंस के कहा मैने बाहर जाके देखा तो पायल ड्राइवर सीट पे बैठी मेरा वेट कर रही थी मैं जाके उसके पास बैठ गया “मैं नहीं करूँगी शादी पहले ही बोल रही हूँ आपसे अगर आप मेरे साथ शादी नहीं करोगे तो मैं किसी के साथ शादी नहीं करूँगी” पायल ने सीधे सीधे मेरी आँखों में देखते हुए कहा  मैने कुछ जवाब नहीं दिया उसे मैं बस उसकी आँखों में देखने लगा कुछ देर तक उससे देखते रहने के बाद FM पे एक गाना आया जिसे सुन के उसे मेरा जवाब मिल गया “आने वाला पल जाने वाला है हो सके तो इसमे, ज़िंदगी बिता लो पल जो ये जाने वाला है”  मैं:- सुना तूने तू आगे का मत सोच इस पल में ही जीना है हमे और मेरा वादा है तुझसे अगर तू मेरी नहीं हुई, तो ज़िंदगी भर मैं भी किसी को अपना नहीं होने दूँगा ये सुनके पायल को खुशी तो नहीं हुई पर शायद उसकी उदासी भी कहीं गायब होती हुई दिखाई दी मुझे  हम घर की तरफ निकल गये रास्ते में हमने घर के लिए कुछ खाने का समान, कुछ न्यू गेम के डीवीडी’स, और एक विस्की की बॉटल ले ली  बातें करते करते हम घर पहुँचे घर पहुँचते ही मेरी मोम पायल को देख के खुश हुई उन्होने झट से उसे अपने गले लगा लिया “हाए मेरी बेटी कैसी है एक दिन में तू चली गयी थी कितना सताती है तू हमे हाँ” मेरी मों ने पायल को गले लगा के कहा पायल:- ओफफो मामी !! क्या आप भी इतने डायलॉग मार रहे हो अब मैं कुछ दिन रहूंगी यहाँ, चिंता मत कीजिए  और आप भाई की शादी क्यूँ नहीं कर देते आपके लिए भी एक बेटी आ जाएगी ना फिर मेरी कोई ज़रूरत नहीं रहेगी आपको पायल ने मेरी मोम को ये कह तो लिया, पर ये कहते कहते उसकी आँखों में वो खुशी नहीं थी शायद वो कुछ और सोच रही थी  “क्या बोल रही हो बेटे तुम्हारी ज़रूरत नहीं होगी हमे ? खबरदार जो आगे से ऐसा कहा तो तुम क्या इस घर की बेटी नहीं और रही राज की शादी की बात, तुम ही ढूँढ लो इसके लिए लड़की हम तो बोल बोल के थक गये हैं, ये है कि सुनता ही नहीं” मेरी मा ने जवाब दिया पायल ने मेरी तरफ देखते हुए कहा “कैसी लड़की चाहिए भाई आपको मैं ढूँढ लूँगी आप बताइए” उसका ये सवाल सुनके, मैं जैसे क्लीन बोल्ड हो चुका था  मैं:- कोई नहीं अगर ढूँढनी है तो ऐसी लड़की ढूँढ जो तेरी परच्छाई हो तुरंत शादी कर लूँगा मैं उसके साथ मेरा जवाब सुन के पायल और मोम थोड़ी सर्प्राइज़ हुई, बट किसी ने कुछ नहीं कहा , मोम का तो पता नहीं, बट पायल की आँखों में जो खुशी मैने उस वक़्त देखी, आज पूरे दिन में ये देखने के लिए तरस गया था मैं हम एक दूसरे को ही देख रहे थे बहुत कुछ बोल रहे थे हम आँखों ही आँखों में “हाई  हाउ आर यू ” इस आवाज़ से पायल और मेरी नज़रें अलग हुई मैने पीछे मूड के देखा, तो देखता ही रह गया  करीब 25 या 26 साल की कोई लड़की होगी उसके खुले हुए बाल उसका टॉप मुश्किल से उसकी कमर को ढक रहा था उसके चुचे कम से कम 34 के होंगे, जैसे जैसे वो आगे बढ़ रही थी उसके चुचे झूलते मीनारों के समान उपर नीचे हो रहे थे उसकी कमर के पास आते ही मेरी नज़र उसके शॉर्ट्स पे पड़ी इससे बड़ी शॉर्ट्स तो मैं पहनता हूँ मैने सोचा शॉर्ट्स के नीचे उसकी टाँगें, इतनी गोरी नहीं थी, पर एक दम सही मात्रा में टॅंड थी मैं उसे देखता ही रह गया मैं कुछ बोल ही नहीं पा रहा था, ऐसी चिकनी माल को देख के बड़े बड़े साधु खो जायें, तो मैं कौनसी चीज़ हूँ  “इसका साइज़ 34 ही है ज़्यादा मत ताडो अब” पायल ने मेरे कान के पास आके कहा ये सुनके मैने अपनी नज़रें हटा के उसकी तरफ देखा पायल मुझे गुस्से में ही देख रही थी, पलट के फिर मैने उस लड़की को देख के कहा “हाई  क्या मैं जानता हूँ आपको” मैने हाथ बढ़ाते हुए उस लड़की को कहा “बेटे ये पूजा है मेरी बेटी” पीछे से अंशु ने कहा (ओह!!!! तो ये है इनका प्यादा मैने खुद से कहा वेलकम !!! तैयार हो जा, तेरी मा के साथ तेरी भी टिकेट निकलवाता हूँ रंडी खाने की) मुझे सोचते देख पायल तिलमिला गयी “भाई मैं जा रही हूँ आपके रूम में, आना है तो आ जाना, गेम स्टार्ट कर रही हूँ मैं” पायल ने गुस्से में आके कहा मैं कुछ कहता उससे पहले पायल मेरी आँखों के सामने से गायब हो गयी  कोई बात नही, मैं तेरे को मना लूँगा डियर, बट ये देखना ज़रूरी है मैने सोचते सोचते पूजा से बात करना स्टार्ट की  मैं:- ओह आपकी बेटी, पर आज से पहले कभी देखा नहीं इसे कहाँ थी इतना वक़्त पूजा:- मैं यूएसए में थी, पढ़ाई करने गयी थी, पर वहाँ का माहॉल कुछ ज़्यादा ही पसंद आ गया मुझे इसलिए कुछ साल वहीं रह गयी  मैं:- बढ़िया है!! तो अभी वापस कैसे किसी ख़ास मकसद से यहाँ आई हो या  मेरी बात सुन के अंशु के चेहरे की हवाइयाँ उड़ गयी वो कुछ सोचने लगी, और फिर बोली अंशु:- नहीं बेटा, मकसद कैसा, बस अब इसकी शादी करनी है कोई लड़का हो तुम्हारी नज़र में तो बताना ज़रूर  मैं:- जी पक्का अभी मेरी ऑफीस में ही एक लड़का आया है न्यू ज़ोइनी बहुत ही अच्छा लड़का है, आप कहें तो बात चलाऊ मैं आपकी बेटी की उधर  शायद अंशु और पूजा को मेरी ये बात अच्छी नहीं लगी दोनो एक दूसरे को ही देख रही थी कि क्या जवाब दें इस बात का तभी मेरी प्यारी आंटी, शन्नो रांड़ आई शन्नो:- किसी ऐसे वैसे को थोड़ी हाथ दे दूँगी मैं अपनी पूजा का  इसके लिए तो को प्रिन्स ही ढूंढूंगी मैं शन्नो ने एक रांड़ वाली हसी के साथ कहा मैं:- तो यूएसए से यहाँ क्यूँ आई यूके भेज देते, वहाँ बहुत सारे प्रिन्स हैं, कोई ना कोई तो इसे पसंद कर ही लेता मैने गुस्से में कह दिया मेरा ये जवाब शायद किसी को अच्छा नहीं लगा दोनो बहने तो रंडिया थी ही, इसलिए वहीं खड़ी रही, पर पूजा वहाँ से निकल के रूम में जाने लगी  ये देख मैं भी वहाँ से निकल के अपने रूम में जाने लगा  जैसे ही मैं अपने रूम में पहुँचा “क्लॅप क्लॅप वेलकम मेरे भाई  वेलकम आपकी दुल्हन दिखाने ही लाए हो क्या मुझे यहाँ” पायल ने मुझे टॉंट मारते हुए कहा “नहीं बात ये है कि” मैं कुछ बोलता उससे पहले पायल ने मुझे काट के कहा “जानती हूँ मैं ये यहाँ क्यूँ आई है और आपने क्या कहा, मैं सब जानती हूँ” मैं:- क्या जानती है तू  पायल:- छोड़ो भाई अब मैं समझ गयी आप यहाँ क्यूँ लाए हो मुझे मैने आप लोगों की बात चीत सुन ली  प्रिन्स चाहिए उस रांड़ की औलाद को  प्रिन्स तो छोड़ो, उसकी शादी किसी भिखारी से मैने ना करवाई तो मेरा नाम पायल नहीं और उसकी मा को भी मैने सीधा नहीं किया तो “डोंट वरी मैने उसकी मा का सोच रखा है उसे थाइलॅंड के रेड लाइट एरिया में छोड़ आएँगे हम” मैने पायल को कट करके कहा पायल:- दिस ईज़ नोट फन्नी भाई कुछ सोचा है आपने इन मा बेटी का मैं:- डोंट वरी मैने सोच रखा है, इसलिए तो तुझे यहाँ लाया हूँ मेरी जान मैने पायल की बाहों में अपने हाथ डालते हुए कहा पायल:- ओह!!!! मतलब मेरा इस्तेमाल कर रहे हो वाह भाई वाह क्या बड़ा काम कर रहे हो आप  इतना कहके पायल मुझसे दूर हट गयी और मुझसे मूह फेरके खड़ी हो गयी  “अरे नहीं यार क्यूँ ऐसा सोच रही है, अब सुन ” इतना कहके मैने उसे आगे का प्लान बता दिया प्लान सुनके वो एक ही पल में मुस्कुराने लगी  “ओह मेरे भाई यूआर सो क्लेवर पहले बताते ना मुझे, क्यूँ नाराज़ करते हो आप मुझे” इतना कहके वो मुझसे गले लग गयी  हम दोनो एक दूसरे से चिपक कर खड़े थे, तभी मैने खिड़की की तरफ देखा तो उधर अंशु और पूजा खड़े हमे ही देख रहे थे  ये देख मैने पायल को और ज़ोर से गले लगा लिया और उसके बालों में हाथ फिराते हुए बोला “डोंट वरी मैं किसी रांड़ से शादी नहीं करने वाला मेरी जान ” “डोंट वरी मेरी जान किसी रांड़ से शादी नहीं करने वाला मैं ” मैने पायल को अपने साथ कस के सटा लिया और उसकी गर्दन को चूमने लगा  हमारी रास लीला देख, बाहर खड़ी मा बेटी, मतलब अंशु और पूजा जल रही थी और कुछ सेकेंड्स में वहाँ से नीचे चली गयी  “उम्म्म्म छोड़ो भाई गले लगाके हमेशा के लिए ठिकाने लगाने का प्लान है क्या आपका इतना ज़ोर से गले लगा रहे हो या गला दबा रहे हो” ये कहके पायल मुझसे अलग हुई और ज़ोर ज़ोर से साँसें ले रही थी  “अरे नहीं यार सॉरी , दोस्तों आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है   बस अचानक ही बहुत प्यार आ गया आज तुझ पे,इसलिए मेरी जान ” मैने फिर उसे पीछे से गले लगा लिया पायल:- ह्म्‍म्म्म जानती हूँ, आपका प्यार दिख रहा है मुझे भाई, महसूस कर रही हूँ मैं इससे ये कहके पायल मेरे पॅंट के उपर से मेरे लंड पे हाथ फिराने लगी मेरा लंड उसकी गान्ड का स्पर्श करके पहले से ही जागने लगा था अब उसका हाथ लगा तो मानो 440 वॉल्ट का झटका लग गया हो  उसका हाथ लगते ही मैं कुछ नहीं बोल पाया “उम्म्म्म  आहहहहहहः” बस मैं यही बोल पा रहा था  “ह्म लगता है मेरे भाई का ध्यान रखना ही पड़ेगा अब कुछ दिन मुझे ये कहते पायल नीचे झुक गयी और मेरी पॅंट को उतारने लगी  जैसे ही उसने मेरा पॅंट उतारके मेरा अंडरवेर नीचे किया उसके मूह से निकला “आहहाहहाहहा  ये इतना बड़ा कैसे हो गया भाई hot sex stories read (www.mastaram.net) (31)अहहहहहसीसीसीसीसीसीसिस कोई पिल्स तो नहीं ले रहे ना आप उह हुहहहहहहहहा” “आआहहा नहीं मेरी रानी अहहहहहा सीसीसिसिस, तेरा बदन ही ऐसा है अहहहहहहहा इसे देख के उम्म्म्मम ओह आउट ऑफ कंट्रोल हो जाता है ये मेरा लंड आहहाहहहहहहा” “उम्म्म्मम अहहहहहाहा उम मेरे आ जी  अहहाहाहहहहः हां भाई अहहहहहहहहा मुझे भी नंगा करो ना अहहहा अपने हाथों से उम्म्म्मममम” पायल कसमसा रही थी मैने तुरंत उसका टॉप निकाल के उसे बाद पे ले गया जहाँ उसे सुला के मैने उसकी जीन्स भी उतारी अब उसके शरीर में सिर्फ़ ब्रा पैंटी थी एक एक करके मैने वो भी उसके शरीर से अलग कर दी  अब पायल मेरे नीचे बिल्कुल नंगी पड़ी थी उसका शरीर मुझे वैसे ही पागल कर देता था आज इस कदर नंगा देख के मैने अपना आपा खो दिया और ज़ोर ज़ोर से उसकी चूत चाटने लगा  “आहहाहाः उम्म्म्मम सीसीसीसी अहहहहहहा हां मेरे भाई अहहहहा , वहीं चाटो अहहहहहा सीसीसीसिस  उम्म्म्मम आपका लंड दो ना आहहा अहहहहहहा उम्म्म्ममममम” कहते कहते पायल मेरे लंड के भी चूपे मारने लगी  देखते देखते हम 69 पोज़िशन में आ गये  “उम्म्म्म अहहहहा सीसीसिस  ह्म्‍म्म्मम और ज़ोर से चोदो ना भाई अपनी जीब से आहाहहहहा मेरे सैयाँ अहहहहहहहाः अहहहहहः ”  “उहह अहाहहाहा भाई मैं झाड़ रही हूँ अहहहहहहहहा और ज़ोर से अहहहहहा सीसिसीसीसीसिस” इतना कहके पायल ने अपना पूरा पानी मेरे मूह पे गिरा दिया  मैं थोड़ा शॉक हुआ, आज इतना जल्दी कैसे निकल गयी  झड़ने के तुरंत बाद पायल मेरे उपर से उठ गयी  “चलो उठो नीचे चलते हैं” पायल ने अपने कपड़े ढूँढते ढूँढते कहा “क्या !!! अभी, इस हालत में छोड़ के, मेरा काम तो पूरा कर यार” मैने गुज़ारिश करते हुए कहा “ओफफो भाई दरवाज़ा खुला था, कोई देख लेता तो और आप चिंता नही करो मैं इधर ही हूँ ना, रात को ज़्यादा मज़ा करेंगे अभी थोड़ा तड़प्ते रहो आप” पायल ने अपने कपड़े पहनते कहा मैं उधर ही मूह लटका के बैठा हुआ था इतना बड़ा खड़े लंड पर धोका आज तक नहीं हुआ, मैं सोच रहा था “अब चलोगे भी नीचे कि नहीं” पायल ने पूछा मैं:- तू चल मैं नहा के आता हूँ  पायल:- नहीं नहाने जाओगे तो ठंडे हो जाओगे ये गर्मी लेके ही नीचे चलो, रात को मैं ठंडा करूँगी आपको अब जल्दी चलो ना नीचे “चल बाबा चल कपड़े पहनु, ” ये कहके मैं भी ट्रॅक पेंट पहनने लगा और नीचे चला गया पायल के साथ  हम नीचे गये, नीचे अंशु, शन्नो और पूजा बैठे थे टीवी के सामने, मेरी मोम से बातें कर रहे थे हमे नीचे आता देख अंशु ने कहा ” बेटा, हमारे साथ भी तो नीचे बैठो पायल तुम भी आओ ना, पूरा दिन तुम भाई बहेन एक दूसरे से चिपके रहते हो मेरी बेटी यहाँ आई है, ज़रा इसे भी तो अपने साथ शामिल करो ” मैं कुछ कहता इससे पहले पायल ने जवाब दिया “क्यूँ नहीं एक काम करते हैं, भाई को पूजा से राखी बन्धवा दो फिर हम तीनो भाई बहेन आराम से घूमेंगे और फिरेंगे क्यूँ ठीक है ना भाई ” पायल ने मेरी तरफ देखते हुए कहा “अरे नहीं कुछ ज़रूरी नहीं है ऐसा यार पूजा हमारे साथ घूम सकती है, कोई प्राब्लम नहीं है उसमे” मैने अंशु को देखते हुए कहा  मेरे इस जवाब से पायल को बहुत गुस्सा आया वो गुस्से से मेरी तरफ ही घुरे जा रही थी मैं नही चाहता था कि वो और गुस्सा करे, इसलिए उसके फेवर में भी एक जवाब दिया “वैसे अंशु आंटी पायल सही बोल रही है इसमे कुछ बुराई नहीं है, पूजा मुझे राखी बाँधेगी तो नुकसान क्या है इसमे” मैने पायल को देखते हुए कहा ये सुनके पायल ने आँखों से सिर्फ़ एक ही बात कही “लव यू मेरे भाई” मेरे दो दो जवाब सुन के अंशु तो शायद स्टंप्ड हो गयी थी उसे समझ ही नहीं आ रहा था क्या कहे “अरे रहने दो बेटे तुम क्यूँ मज़ाक कर रहे हो, बच्ची अभी तो यहाँ आई है, अभी से इसके साथ मज़ाक करने लगे हो” मेरी मोम ने बात को संभालते हुए कहा मेरी मोम की बात सुन के शन्नो और अंशु झूठ मुस्कुराने लगे जानते वो भी थे कि पायल और मैने ये बात किस सन्दर्भ में कही “नहीं डोंट वरी, मुझे किसी कंपनी की ज़रूरत नहीं थॅंक्स आंटी ” पूजा ने मेरी मोम को देखते हुए कहा  पायल और मैं टीवी देखने बैठे , और बाकी के लोग बातें करने में व्यस्त थे घड़ी में रात के 9 30 बज रहे थे तभी घर की बेल बजी  पापा और अंकल ऑफीस से आ चुके थे पूजा को देखते ही जैसे विजय अंकल को उनकी पुरानी पालतू रांड़ दिख गयी हो सब कुछ इग्नोर करके वो सीधे पूजा से गले मिले गले मिले तो मिले, पर अंकल पूजा को छोड़ ही नहीं रहे थे गले लग लग के उसके चुचों का मज़ा ले रहे थे धीरे धीरे वो उसकी पीठ पे हाथ घुमाने लगे हाथ घुमाते घुमाते वो उसकी गान्ड की तरफ ही जा रहे थे तभी उन्हे होश आया के वो कहाँ है उन्होने तुरंत पूजा को अलग किया विजय:- बेटे, तुम कब आई इधर मैं कितने टाइम से अंशु को बोल रहा था कि पूजा आती ही नहीं इधर कल रात ही मैं तुम्हारे बारे में शन्नो से बात कर रहा था, और आज तुम इधर आ गयी वॉट आ प्लेज़ेंट सर्प्राइज़ बेटा  (कल रात को तो तू इसकी चुदाई की बात कर रहा था साले भडवे चोद लेना आज इसको भी भोसड़ी के ) मैं सोच रहा था, कल रात के सब नज़ारे मेरी आँखों के सामने घूमने लगे  उधर विजय और पूजा बातें करने में व्यस्त हुए इधर मेरे पापा ने पायल को देख के कहा “वेलकम डियर तुम कब आई ” पायल:- मैं ठीक हूँ मामा आप कैसे हैं, बहुत स्ट्रेस्ड लग रहे हैं आप  पापा:- नहीं बेटे, बस थोड़ा सा काम बढ़ गया है हम अभी एक न्यू फॅक्टरी सेट अप करने में बिज़ी हैं इसलिए उसका काम ज़्यादा है  न्यू फॅक्टरी का सुन के मेरे साथ, शन्नो और अंशु की आँखें भी चमकने लगी शायद वो उसकी वॅल्यू निकाल रही होगी मैं:- न्यू फॅक्टरी क्यूँ पापा आप अभी आराम कीजिए, रिटाइयर्मेंट लीजिए पापा:- ऐसे कैसे  तुम कब तक नौकरी करोगे जल्दी से फॅक्टरी सम्भालो और हमे आज़ाद करो  मैं:- नहीं पापा अकेले मुझसे ये नहीं होगा प्लीज़ आप समझने की कोशिश करें  पायल:- व्हाट भाई मामा की बात ऐसे इग्नोर मत करो इनकी बात सुन तो लो मामा, आप बोलिए क्या कह रहे थे पापा:- देखो बेटा अभी तुम 29 के हो जाओगे जल्दी से शादी के बारे में सोचो और बिज़्नेस सम्भालो एक फॅक्टरी तो मैं देखूँगा, लेकिन बाकी की 2 तो तुम्हें ही देखनी हैं  मैं:- ओके डॅड जैसा आप कहो बट मेरी एक बात मानेंगे आप प्लीज़  पापा:- शुवर  बोलो मैं:- दोनो फॅक्टरीस के डॉक्युमेंट्स में मेरे साथ आप पायल का नेम भी इंक्लूड कीजिए पार्ट्नरशिप रेशियो आप जो ठीक समझें पापा:- पायल ? क्यूँ ? और तुम अकेले क्यूँ नहीं ? किसी का नाम इंक्लूड करना है तो डॉली या ललिता का क्यूँ नहीं ? मैं:- डॅड पायल ने बिज़्नेस मॅनेज्मेंट किया है, आंड अभी वो मार्केटिंग हेड है अपनी कंपनी में इससे हमारी अड्वॅंटेज ये रहेगी कि मार्केटिंग के लिए हमे कहीं बाहर नहीं जाना पड़ेगा पायल ट्रस्टवर्टी है डॉली और ललिता को एक्सपीरियेन्स की कमी तो है ही, उनके पास मॅनेज्मेंट की डिग्री भी नहीं है और वो लोग भी आज नहीं तो कल शादी कर लेंगे उनके बाद मैं फिर अकेला हो जाउन्गा  मोम:- बेटे, शादी तो पायल भी कर लेगी आंड डॉली और ललिता को छोड़ो, तुम्हारी होने वाली पत्नी का नाम इंक्लूड कर लेना बाद में मैं:- नहीं मोम जब तक मेरी शादी होगी, तब तक मैं अकेला नहीं संभाल पाउन्गा और पायल की शादी जब होगी तब होगी तब तक इसका नाम इंक्लूड हो सके तो ठीक है पापा:-  थ्ट्स ओके मैं लीगल आस्पेक्ट्स देख लूँगा और इसके बारे में सोचूँगा  “पायल बेटे, आर यू फाइन वित दिस ?” पापा ने पायल से पूछा पायल:- मामा, आज की डेट में मेरे सब डिसिशन्स भाई ही ले सकते हैं… दोस्तों मजे से पढ़ते रहिये मस्तराम डॉट नेट पर मेरी चुदक्कड बहने और मुझे कमेंट कर कहानी की प्रतिक्रिया बताते रहिये और अगले पार्ट में पढ़िए मस्त चुदाई का मजा |


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मेरी चुदक्कड बहने-12

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