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जुड़वाँ बहनों की चुदाई-2


प्रेषिका : हेमा


आप लोगो ने पिछली कहानी “जुड़वाँ बहनों की चुदाई-1” पढ़ी अब उसके आगे लिख रही हु …. उसके बाद उन्होंने टॉवल से मेरी चूत को एक दम साफ कर दिया और फिर अपना लंड साफ़ करने लगे। उसके बाद उन्होंने फिर से मेरी चूत में एक झटके से अपना लंड घुसा दिया। चूत ड्राई हो जाने की वजह से इस बार मुझे थोड़ा दर्द हुआ तो मेरे मुँह से एक सिसकरी सी निकल पड़ी। उसके बाद उन्होंने तेजी के साथ मेरी चुदाई शुरु कर दी। दस मिनट चुदवाने के बाद मैं झड़ गयी लेकिन वो रुके नहीं। मुझे चोदते रहे। लगभग बीस मिनट तक और चोदने के बाद राज भी झड़ गये। उनके साथ ही साथ मैं भी फिर से एक बार झड़ गयी। उसके बाद उन्होंने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला और बोले, “चाटोगी या मैं टॉवल से साफ़ कर दूँ।” मैंने कहा, “नहीं, अपना लंड इधर करो। मैं इसे चाट-चाट कर साफ़ करूँगी।” उन्होंने अपना लंड मेरे मुँह के पास कर दिया और मैं उनका लंड चाट चाट कर साफ़ करने लगी। अब तक दोपहर के ग्यारह बज चुके थे। दो-तीन बजे सीमा आने वाली थी। मैंने सोचा अब राज को मालूम हो जाना चाहिये कि वो सीमा को नहीं अपनी साली हेमा को चोद रहे थे। मैं एक दम नंगी ही खाना बनाने चली गयी। खाना बनाने के बाद हम दोनों ने खाना खाया। फिर आराम करने लगे। जब दोपहर के एक बज गये तो मैंने राज से कहा, “राज, अब एक बार मैं तुम्हें चोदना चाहती हूँ।” वो बोले, “इसमें पूछने की कौन सी बात है। आज ही तो तुम्हें चोदने में मज़ा मिला है।” मैंने राज का लंड मुँह में ले लिया और चूसने लगी। जब उनका लंड खड़ा हो गया तो मैं उनके ऊपर आ गयी। मैंने उनका लंड अपनी चूत में डाल लिया और धक्के लगाने लगी। पाँच मिनट बाद मेरी चूत से पानी निकलने लगा लेकिन मैंने धक्का लगाना ज़ारी रखा। लगभग पंद्रह मिनट बाद जब राज का बदन अकड़ने लगा तो मैं समझ गयी कि अब वो झड़ने वाले हैं। मैं भी दूसरी बार अब झड़ने ही वाली थी। मैंने सोचा अब यही मौका है कि राज को मालूम हो जाना चाहिये कि मैं सीमा नहीं हेमा हूँ। मैंने और तेज धक्के लगाने शुरु कर दिये और जोश में आ कर कहने लगी, “ओह जीजू, आज मज़ा आ गया आप से चुदवा कर।” वो बोले, “तुम पागल तो नहीं हो गयी हो। मुझे जीजू कह रही हो?” मैंने धक्के लगाते हुए ही कहा, “जीजू, मैं सीमा नहीं हेमा हूँ। सीमा तो अपनी फ्रैंड के पास गयी है। आप जानते हैं कि मैं बहुत सैक्सी भी हूँ। मैं आप से चुदवाना चाहती थी इसलिये झूठ बोल दिया था।” वो मुझे अपने ऊपर से हटाना चाहते थे कि तभी उनके लंड से पानी निकलना शुरु हो गया। वो चाह कर भी ना तो मुझे अपने ऊपर से हटा पाये और ना ही अपने लंड का पानी रोक पाये। उन्होंने अपनी आँखें बंद कर ली। उनके साथ ही साथ मेरी चूत से भी पानी निकलने लगा। जब हम दोनों पूरी तरह झड़ गये तो मैं राज के ऊपर से हट गयी और उनके बगल में लेट गयी। थोड़ी देर बाद राज ने अपनी आँखें खोली और बोले, “मैं सुबह से ही सोच रहा था कि आज सीमा को क्या हो गया है। वो मुझसे खूब चुदवा रही है। मैं नहीं जानता था कि मैं सीमा को नहीं हेमा को चोद रहा हूँ। तुम बड़ी शैतान हो। खैर अब जाने दो। जो हुआ सो हुआ। अगर सीमा को पता चल गया तो क्या होगा।” मैंने कहा, “कुछ भी नहीं होगा। वो जानती है कि मैं बहुत ही नटखट और सैक्सी हूँ और कुछ भी कर सकती हूँ। मैं सीमा को भी सैक्सी बना सकती हूँ। अगर आपको कोई ऐतराज़ ना हो तो आप सीमा को दस दिन के लिये मेरे साथ भेज दो। मैं उसे दस दिनों में ही बहुत ज्यादा सैक्सी बना दुँगी। लेकिन आपको एक बात बर्दाश्त करनी पड़ेगी।” राज ने पूछा, “वो क्या?” मैंने कहा, “सीमा को सैक्सी बनाने के लिये मुझे शायद उसकी चुदाई धरम से करवानी पड़े।” राज ने कहा, “मुझे मंज़ूर है। लेकिन धरम से चुदवा कर वो सैक्सी कैसे बन जायेगी। आखिर मैं भी तो उसे खूब चोदता हूँ।” मैंने कहा, “मैं सीमा से पूरी तरह वकिफ़ हूँ। मैं ये अच्छी तरह जानती हूँ कि उसे कैसे सैक्सी बनाया जा सकता है।”


राज ने कहा, “मुझे तो सैक्सी बीवी ही चाहिये जो मुझसे खूब चुदवाये। तुम सीमा को अपने साथ ले जाना।”


मैंने कहा, “ठीक है, मैं उसे अपने साथ ले जाऊँगी लेकिन आप सीमा से कुछ मत बताना। नहीं तो वो कभी भी मेरे साथ जाने के लिये तैयार नहीं होगी।”


राज ने कहा, “ठीक है।”


तभी कॉलबेल बजी। मैं अपने रूम में चली गयी और रूम का डोर अंदर से लॉक कर लिया। राज ने एक टॉवल लपेट लिया और डोर खोला। सीमा ने राज से पूछा, “हेमा कहाँ है।”


राज ने कहा, “वो सो रही है।”


सात दिनों में मैंने मौका पा कर राज से कई बार चुदवाया और जब वापस अपने घर आने लगी तो राज ने सीमा से कहा, “तुम बहुत दिनों से बाहर नहीं गयी। तुम भी दस दिनों के लिये हेमा के साथ चली जाओ। तुम्हारा मन बहल जायेगा।”


सीमा बहुत खुश हो गयी। मैं सीमा के साथ अपने घर आ गयी। मैं अपने घर पहुँची तो सीमा बाथरूम चली गयी। मौका पाकर मैंने धरम को सारी बात बता दी। मैंने ये भी बता दिया कि मैंने राज से चुदवाया है। धरम पहले तो नाराज़ हुए फिर मान गये। मैंने धरम को ये भी बता दिया कि मैं सीमा को उनसे चुदवा कर सैक्सी बनाना चाहती हूँ और इसी लिये सीमा को साथ लायी हूँ। मैंने धरम से ये भी वादा ले लिया कि वो सीमा को तब तक नहीं चोदेंगे जब तक वो उनसे चुदवाने के लिये तड़पने ना लगे।


धरम ने कहा, “ठीक है। जैसा तुम कहोगी मैं वैसा ही करुँगा।”


हमारा घर केवल एक ही रूम का था। रात में जब सोने का वक्त आया तो सीमा ने कहा, “मैं तो भूल गयी थी कि तुम्हारा घर केवल एक ही रूम का है। अगर मुझे याद होता तो मैं यहाँ कभी नहीं आती। तुम बहुत सैक्सी हो। मेरे यहाँ रहने पर तुम दोनों को बड़ी दिक्कत होगी। तुम जीजू से कैसे चुदवाओगी।”


मैंने कहा, “तू तो जानती है कि मुझे बिना चुदवाये नींद नहीं आती। जब धरम मुझे चोदेंगे तो तुम अपना सिर दूसरी तरफ़ कर लेना।”


सीमा बोली, “मुझे शरम आयेगी।”


मैंने कहा, “इसमें शरम की कौन सी बात है। आखिर वो भी तो तुम्हारे जीजू हैं।”


रूम में एक ही बेड भी था। सोने का वक्त हो चुका था। सीमा ये भी जानती थी कि हम दोनों नंगे ही सोते हैं। मैंने अपने कपड़े उतारने शुरु कर दिये तो वो बोली, “तुझे शरम नहीं आती। कम से कम मैं जब तक यहाँ पर हूँ तब तक तो कपड़े पहन कर सो जाओ।”


मैंने कहा, “तुम्हारे सामने कैसी शरम। तू तो मेरी जुड़वा बहन है और मेरी दोस्त भी। तुझसे मेरी कोई बात छुपी भी नहीं है। अभी तो धरम भी अपने सारे कपड़े उतार कर एक दम नंगा हो जायेगा, तब क्या करेगी।”


वो बोली, “तुम दोनों बड़े बेशरम हो।”


उसके बाद वो चुप हो गयी। जब धरम भी अपने कपड़े उतारने लगा तो सीमा ने अपना मुँह दूसरी तरफ़ कर लिया।


धरम बोला, “साली जी, क्या मैं इतना बदसूरत हूँ कि आपने अपना मुँह फेर लिया।”


सीमा ने बड़े प्यार से कहा, “नहीं जीजू, ऐसी बात नहीं है। आप नंगे हो रहे हैं, इसलिये मुझे शरम आ रही है।”


कपड़े उतारने के बाद धरम ने मुझसे कहा, “सीमा से कहो कि वो भी अपने कपड़े उतार दे। तब ही साथ साथ सोने में मज़ा आयेगा। मैं उसके साथ कुछ नहीं करुँगा, आखिर वो मेरी साली है।”


मैंने सीमा से कहा, “सुना तूने, तेरे जीजू क्या कह रहे हैं। तू भी अपने कपड़े उतार दे।”


सीमा बोली, “मैं जीजू के सामने अपने कपड़े नहीं उतारुँगी। मुझे शरम आयेगी।”


मैंने कहा, “कैसी शरम, सीमा। आखिर हम दोनों भी तो तेरे सामने एक दम नंगे हैं।”


सीमा बोली, “तुम दोनों बड़े बेशरम हो। तुम दोनों को शरम नहीं आती। मुझे तो आती है।”


मैंने आगे बढ़ कर सीमा की साड़ी खींच कर निकाल दी। उसके बाद मैंने बटन खोल कर उसका ब्लाऊज़ भी उतार दिया। फिर मैंने उसका पेटीकोट भी उतार दिया। अब सीमा केवल ब्रा और पैंटी में थी। मैंने जब उसकी ब्रा और पैंटी भी उतारनी चाही तो वो बोली, “बस, अब रहने दे। मैं एक दम नंगी नहीं हो सकती।”


धरम ने सीमा को देखते हुए कहा, “तुम दोनों तो एक दूसरे की कॉपी हो। तुम दोनों को देख कर ये बता पाना मुश्किल है कि कौन सीमा है और कौन हेमा।”


उसके बाद धरम बेड पर लेट गये। उनके बगल में मैं लेट गयी और उसके बाद सीमा। मैंने धरम का लंड सहलाना शुरु कर दिया। जब उनका लंड खड़ा हो गया तो मैं बेड पर डॉगी स्टाइल में हो गयी।


धरम ने मेरे पीछे आकर अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया और मुझे चोदने लगे। सीमा ने अपना सिर दूसरी तरफ़ कर रखा था। थोड़ी देर बाद जब धरम जोश में आ गये तो मुझे बहुत ही तेजी के साथ चोदने लगे। वो जोर जोर से धक्के लगा रहे थे। मैंने जान बूझ कर ऊऊहहह… आहहह… करना शुरु कर दिया जिससे सीमा को थोड़ा जोश आ जाये लेकिन वो तो अपना सिर दूसरी तरफ़ किये हुए चुपचाप पड़ी थी। धरम सीमा कि तरफ़ देखते हुए मुझे खूब जोर-जोर से चोद रहे थे। पूरा बेड हिल रहा था। मैंने सीमा को चिढ़ाने के लिये उसे कई बार पुकारा लेकिन वो नहीं बोली। फिर मैंने अँगुली से उसको कुरेदा तो वो बोली, “बेशरम, चुपचाप तू अपना काम कर। मुझे क्यों परेशान कर रही है। मुझे सोने दे।”


मैंने कहा, “तू कुछ ना कर। अपना सिर तो मेरी तरफ़ कर सकती है। देख मुझे धरम कैसे चोद रहा है।”


वो कुछ नहीं बोली तो मैंने फिर से उसे कुरेदा। उसने इस बार मेरा हाथ झटक दिया।


मैंने कहा, “सीमा, काहे को शर्मा रही है। हम दोनों की कोई बात एक दूसरे से छुपी नहीं है। मैंने तुझे ये भी बताया है कि धरम मुझे कैसे चोदता है। फिर कैसी शरम।”


मैंने उसे दो-तीन बार और कुरेदा तो वो नाराज़ हो कर बोली, “तू नहीं मानेगी, ले मैं अपना सिर तेरी तरफ़ कर लेती हूँ। अब खुश है।”


उसने अपना सिर मेरी तरफ़ कर लिया लेकिन उसने अपनी आँखें बंद कर ली।


धरम ने कहा, “साली जी, अपनी आँखें तो खोलिये। आप तो बस केवल ये देखिये कि मैं हेमा को कैसे चोद रहा हूँ। मैं आपके साथ थोड़े ही कुछ करुँगा। “


वो कुछ नहीं बोली तो मैंने कहा, “मेरी ना सही, तू अपने जीजू कि बात तो मान जा।”


मैंने उसे फिर से कुरेदा तो उसने अपनी आँखें खोल दी। वो शरमायी आँखों से मुझे चुदवाते हुए देखने लगी। थोड़ी ही देर में उसकी आँखें जोश से भर कर एक दम गुलाबी हो गयी। अब तक धरम को मुझे चोदते हुए बीस-पच्चीस मिनट हो चुके थे। उनके लंड ने मेरी चूत को भरना शुरु कर दिया और साथ ही साथ मैं भी झड़ गयी।


धरम ने पूरा पानी निकल जाने के बाद अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला और मेरे मुँह के पास कर दिया। मैंने बड़े प्यार से उनका लंड चाटना शुरु कर दिया। सीमा धरम के लंड को बड़े ध्यान से देख रही थी। उसने अपनी जाँघें एक दूसरे पर कस रखी थी और कसमसा रही थी। जब मैंने धरम का लंड चाट-चाट कर साफ़ कर दिया तो फिर धरम ने मेरी चूत को चाटना शुरु कर दिया। मैंने देखा कि सीमा कि निगाहें अभी भी धरम के लंड पर थी।


वो कुछ नहीं बोली। उसके बाद हम सोने लगे। दूसरे दिन रात में जब हम सोने के लिये बेड पर जाने लगे तो मैंने और धरम ने अपने कपड़े उतार दिये। सीमा ने भी बिना कुछ कहे अपने कपड़े उतार दिये लेकिन उसने आज भी अपनी ब्रा और पैंटी नहीं उतारी। लेकिन जब मैंने उसकी ब्रा और पैंटी उतारने की कोशिश कि तो उसने मुझे रोका नहीं। मैंने उसकी ब्रा और पैंटी उतार दी। अब सीमा भी एक दम नंगी हो गयी। उसके बाद हम सब बेड पर आ गये।


धरम ने सीमा से कहा, “साली जी, अगर आपको कोई ऐतराज़ ना हो तो मैं हेमा की चुदाई शुरु कर दूँ।”


वो शरमाते हुए बोली, “जीजू, मैं कैसे मना कर सकती हूँ। आखिर ये आप कि बीवी है।”


धरम ने अपना लंड मेरे मुँह के पास कर दिया। मैंने धरम का लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी। आज सीमा ने अपना सिर दूसरी तरफ़ नहीं किया। वो मुझे धरम का लंड चूसते हुए बड़े ध्यान से देख रही थी। मैं समझ गयी कि अब उसे मज़ा आने लगा है।


जब धरम का लंड खड़ा हो गया तो मैं लेट गयी। धरम ने अपना लंड मेरी चूत के बीच रखा और एक ही झटके में अपना पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया। उसके बाद उन्होंने मेरे बूब्स को पकड़ कर मसलना शुरु कर दिया और जोर जोर से धक्के लगाते हुए मुझे चोदने लगे। सीमा बड़े ध्यान से धरम का लंड मेरी चूत के अंदर बाहर आता जाता देख रही थी।


धरम ने सीमा से कहा, “साली जी, कैसा लग रहा है। मैं ठीक से चोद रहा हूँ ना हेमा को?”


वो बोली, “आप बड़े बेशरम हैं।”


सीमा को भी जोश आने लगा था और वो अपनी जाँघों को एक दूसरे पर रगड़ रही थी। धरम ने मेरी चुदाई जारी रखते हुए सीमा से कहा, “साली जी, आप के बूब्स बहुत ही अच्छे लग रहे हैं। मैं हाथ लगा कर देख लूँ?”


वो कुछ नहीं बोली। मैं समझ गयी कि सीमा जोश में है। धरम ने अपना हाथ सीमा के बूब्स पर रख दिया। सीमा के मुँह से एक सिसकरी निकली। उसने धरम को मना नहीं किया और ना ही उसका हाथ हटाने की कोशिश की। धरम की हिम्मत बढ़ गयी और उन्होंने सीमा के बूब्स को मसलना शुरु कर दिया। वो सीमा के बूब्स को मसलते हुए मुझे चोद रहे थे। बीस-पच्चीस मिनट तक चोदने के बाद धरम झड़ गये। उन्होंने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला और सीमा की तरफ़ कर दिया।


मैंने सीमा से कहा, “मैंने तुझसे कहा था ना कि धरम का लंड आठ इंच का है और तू नहीं मानती थी। तूने धरम का लंड अपनी आँखों से देख लिया। अब तो तुझे विश्वास हो गया ना। कैसा लगा धरम का लंड।”


सीमा ने शरमाते हुए कहा, “बहुत ही अच्छा है। लेकिन तू इतना बड़ा लंड कैसे पूरा अंदर ले लेती है। तुझे ज़रा भी तकलीफ नहीं होती?”mast chudasi bhbhi ki kahani (www.mastaram (36)


मैंने कहा, “शुरु-शुरु में कुछ दिन हुई थी। लेकिन अब ये मेरी चूत में आराम से घुस जाता है और मुझे खूब मज़ा आता है।”


तभी धरम बोले, “साली जी, ध्यान से देख लो मेरा लंड। इतना लंबा और मोटा लंड तुम्हारी बहन पूरा का पूरा अपनी चूत के अंदर ले लेती है।”


वो बोली, “क्या जीजू, आप को शरम नहीं आती कि आप अपना लंड मुझे दिखा रहे हो।”


धरम बोले, “मैं तो केवल दिखा रहा हूँ, कुछ कर थोड़े ही रहा हूँ। अगर तुम कहोगी तो मैं जरूर इसका मज़ा तुम्हें भी दे सकता हूँ।”


सीमा शरमाते हुए बोली, “धत्त!”


धरम का लंड अभी भी सीमा के मुँह के पास था और सीमा चुपचाप धरम के लंड को देख रही थी। उसकी आँखों में भी मस्ती दिख रही थी। थोड़ी देर बाद उसने अपनी आँखें बंद कर ली तो धरम ने अपना लंड हटा लिया। मैंने धरम का लंड चाट-चाट कर साफ़ किया और धरम ने मेरी चूत को चाट- चाट कर साफ़ किया। उसके बाद हम सो गये। तीसरे दिन संडे था। सुबह के आठ बजे हम सब उठ गये।


धरम ने सीमा से कहा, “हेमा ने तो तुम्हें बताया होगा कि संडे को क्या होता है।”


सीमा ने शरमाते हुए कहा, “मुझे सब मालूम है। आपको कुछ बताने की ज़रूरत नहीं है।”


हम सब अभी भी एक दम नंगे ही थे। अब सीमा ज्यादा नहीं शरमाती थी। धरम मेरे ऊपर सिक्स्टी नाईन की पोज़िशन में हो गये। उन्होंने मेरी चूत को चाटना शुरु कर दिया और मैंने धरम का लंड चूसना शुरु कर दिया। सीमा चुपचाप देखती रही। उसे भी जोश आ रहा था और जोश के मारे उसकी आँखें गुलाबी सी होने लगी। जब धरम का लंड खड़ा हो गया तो उन्होंने मेरे चूतड़ सीमा के बगल में बेड के किनारे पर रख कर मुझे लिटा दिया और खुद ज़मीन पर मेरी टाँगों के बीच खड़े हो गये। उसके बाद उन्होंने मेरी चूत में अपना लंड घुसेड़ दिया और मुझे चोदने लगे। धरम जोर-जोर से धक्के लगा रहे थे। थोड़ी देर बाद उन्होंने सीमा के बूब्स पर अपना हाथ रखा तो सीमा कुछ नहीं बोली। वो बड़े ध्यान से धरम का लंड मेरी चूत के अंदर बाहर होता हुआ देख रही थी। धरम ने सीमा के बूब्स को मसलते हुए मेरी चुदाई ज़ारी रखी। वो जोर-जोर से धक्के लगाते हुए बहुत ही तेजी के साथ मुझे चोद रहे थे। थोड़ी देर बाद धरम ने अपना हाथ सीमा की जाँघों पर फिराना शुरु कर दिया तो सीमा ने मना नहीं किया। धरम ने उसकी जाँघों को सहलाना शुरु कर दिया। वो भी जोश में आ गयी थी। धरम की स्पीड अब बहुत तेज़ हो गयी थी। उन्होंने सीमा की जाँघों को सहलाते हुए धीरे से अपना हाथ उसकी चूत की तरफ़ बढ़ा दिया। जब सीमा ने फिर भी कुछ नहीं कहा तो धरम ने उसकी चूत को सहलाना शुरु कर दिया। थोड़ी देर तक सहलाने के बाद सीमा सिसकरियाँ भरने लगी लेकिन उसने धरम को बिल्कुल नहीं रोका। धरम सीमा की चूत को सहलाते हुए मुझे चोद रहे थे। थोड़ी देर बाद जब सीमा की चूत से पानी निकलने लगा तो उसने धरम का हाथ हटा दिया। बीस-पच्चीस मिनट की चुदाई के बाद धरम झड़ गये। मैं भी उनके साथ ही साथ झड़ चुकी थी। धरम ने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला और सीमा के मुँह के पास कर दिया और कहा, “देखो ध्यान से, इस पर हेमा की चूत का और मेरे लंड का पानी लगा हुआ है। कैसा दिख रहा है मेरा लंड। मुँह में लोगी इसे।”


सीमा बोली, “धत्त, जीजू, तुम बड़े गंदे हो। मैं इसे मुँह में कैसे ले सकती हूँ।”


धरम ने कहा, “ठीक है, मुँह में मत लो। हाथ में तो पकड़ सकती हो।”


धरम ने सीमा हाथ पकड़ कर अपने लंड के पास कर दिया। सीमा ने शरमाते हुए धरम का लंड अपने हाथ में ले लिया। उसका हाथ मेरी चूत और धरम के लंड के पानी से भीग गया तो वो अपना हाथ बेड के चदर से साफ़ कर करने लगी।


धरम ने कहा, “तुम्हें ये पानी अच्छा नहीं लग रहा है। लो मैं अपना लंड साफ़ कर देता हूँ। फिर तुम इसे हाथ में ले लेना।”


धरम ने टॉवल से अपना लंड साफ़ कर दिया और फिर से सीमा के हाथ के पास कर दिया। सीमा ने इस बार बिना कुछ कहे धरम का लंड अपने हाथ में ले लिया और देखने लगी।


थोड़ी देर बाद सीमा बोली, “दस बज रहे हैं, नहाना नहीं है क्या?”


धरम बोले, “नहाना है। पहले तुम एक बार मेरे लंड को चूम लो, फिर नहा लेंगे।”


सीमा ने इनकार कर दिया तो धरम ने अपना लंड सीमा के मुँह के पास कर दिया। धरम ने सीमा से फिर कहा, “प्लीज़! सीमा, एक बार चूम लो।”


सीमा ने शरमाते हुए धरम के लंड को चूम लिया। उसके बाद हम नहाने के लिये जाने लगे। अभी तक हम सब ने एक साथ नहीं नहाया था।


मैंने सीमा से कहा, “तुम भी साथ में नहाने चलो, हम सब साथ ही नहायेंगे।”


वो बोली, “नहीं, तुम दोनों नहा लो, मैं उसके बाद नहा लुँगी। मुझे शरम आती है।”


मैंने कहा, “अब काहे कि शरम। तुम धरम का लंड अपने हाथ से पकड़ चुकी हो। उसके लंड को चूम भी चुकी हो। मुझे धरम से चुदवाते हुआ भी देख चुकी हो। अब बाकी क्या बचा है। आ जाओ।”


मैं उसका हाथ पकड़ कर बाथरूम में ले गयी। धरम भी मेरे पीछे-पीछे बाथरूम में आ गया। धरम ने सीमा का हाथ पकड़ कर उसे शॉवर के नीचे खड़ा कर दिया तो उसका सारा बदन भीग गया। हम सब एक दूसरे से मज़ाक करते हुए नहाने लगे। मैं धरम के बदन पर साबून लगा रही थी और धरम मेरे बदन पर साबून लगा रहे थे।


मैंने सीमा से कहा, “तुम भी अपने जीजू के बदन पर साबून लगा दो।”


उसने शरमाते हुए धरम के बदन पर साबून लगाना शुरु कर दिया। धरम ने अपना लंड सीमा के सामने कर दिया और कहा, “इस पर भी तो साबून लगा दो।”


सीमा कुछ नहीं बोली और चुपचाप धरम के लंड पर भी साबून लगाने लगी। सीमा के साबून लगाने से धरम का लंड खड़ा हो गया तो धरम ने कहा, “सीमा, अब रहने दो। अब मैं तुम्हारे बदन पर साबून लगा देता हूँ।”


सीमा एक दम चुप रही। धरम ने सीमा के बदन पर साबून लगाना शुरु कर दिया। धरम ने सीमा के बूब्स को साबून लगा-लगा कर खूब मसला। उसके बाद सीमा की चूत पर साबून लगाना शुरु कर दिया। वो कुछ नहीं बोली। थोड़ी ही देर में वो जोश में आ गयी और सिसकरियाँ भरने लगी। धरम ने एक अँगुली सीमा की चूत में डाल दी और अंदर-बाहर करना शुरु कर दिया। सीमा जोश के मारे एक दम पागल सी होने लगी। वो मुझे पकड़ कर मुझसे एक दम चिपक गयी और मेरे होंठों को चूमने लगी। वो बहुत ज्यादा जोश में आ चुकी थी।


थोड़ी देर बाद सीमा की चूत से पानी निकलने लगा। पूरा पानी निकल जाने के बाद सीमा ने धरम का हाथ पकड़ा और उसकी अँगुली अपने चूत से निकाल दी। धरम हट गये और शॉवर के नीचे नहाने लगे। सीमा थोड़ी देर तक मुझसे चिपकी रही, फिर उसके बाद वो बैठ गयी और नहाने लगी। जब धरम के बदन का सारा साबून धुल गया तो उन्होंने अपना लंड सीमा के मुँह के पास कर दिया और कहा, “चूसोगी इसे?”


सीमा ने चुपचाप धरम का लंड अपने मुँह में लिया और चूसने लगी। वो बड़े प्यार से धरम का लंड चूस रही थी। धरम ने उसके सिर पर अपना हाथ फिराना शुरु कर दिया। वो बहुत देर तक धरम का लंड चूसती रही। थोड़ी देर बाद धरम ने मुझे आँख मारी तो मैं समझ गयी कि वो झड़ने वाला है। कुछ ही देर बाद सीमा के मुँह में धरम के लंड का पानी निकलने लगा। मैं सोच रही थी कि सीमा धरम के लंड का पानी थूक देगी लेकिन उसने धरम के लंड का सारा पानी निगल लिया। पूरा पानी निगल जाने के बाद उसने मेरी ही तरह धरम का लंड चाटना शुरु कर दिया और चाट-चाट कर एक दम साफ़ कर दिया। वो बहुत खुश थी और धरम भी बहुत खुश थे। उसके बाद हम सब नहाने लगे। नहाने के बाद हम सब बाथरूम से बाहर आ गये। सीमा ने कपड़े उठाने चाहे तो धरम ने कहा, “हमारे अलावा घर में तो कोई नहीं है। संडे को हम सारा दिन नंगे ही रहते हैं। आज तुम भी कपड़े मत पहनो।”


वो मना करने लगी तो मैंने सीमा से कहा, “अब मान भी जाओ। ज्यादा नाटक मत करो।”


वो बोली, “तू बड़ी बेशरम है और मुझे भी बेशरम बना रही है।”


मैंने कहा, “अब काहे की शरम। आज तुम ऐसे ही रहो।”


वो कुछ नहीं बोली। हम सब नंगे ही रहे। मैंने बस ऊँची हील के सैंडल पहन लिये क्योंकि धरम का और मेरा भी मानना था कि हाई हील के सैंडल पहनने से मेरा फिगर खासतौर से गाँड और भी ज्यादा सैक्सी लगती है और चाल में भी एक नज़ाकत आ जाती है । मैं खुद भी हाई हील के सैंडल पहन कर काफी सैक्सी महसूस करती हूँ। मैंने सीमा को भी ऊँची हील वाले सैंडल पहना दिये और उसका हाथ पकड़ा और किचन में नाश्ता बनाने चली गयी। हम दोनों ने नाश्ता बनाया और फिर नाश्ता ले कर बेडरूम में आ गये। बेड पर बैठ कर हम सब नाश्ता करने लगे। आगे की कहानी अगले भाग में पढ़िए |


 


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