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मकान मालकिन की गांड की खुजली 3


देर ना करो, और मेरी चूत में अपना लंड डालो. Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai

Antarvasna राहुल ने अपने लंड को पकडा और मेरी चूत पर घुसाने की कोशिश करने लगा. लेकिन

बच्चू यहीं मात खा गया. उसे पता ही नहीं चल रहा था कि असली छेद किधर है.

मैंने उसकी प्रोब्लम को समझा और उसके लंड को पकड़ कर अपनी चूत की सही छेद

के मुह पर रख दिया. उसने सडाक से अपने लंड को मेरे चूत में घुसेड दिया.

मेरा चूत तो टाईट नहीं था लेकिन उसके मोटे लंड की वजह से संकरा हो गया था.

उसने पूरा लंड मेरी चूत में अन्दर तक डाल दिया. पहले तो वो कर अपने लंड से

मेरे चूत के अन्दर का अहसास लेने लगा. फिर २ मिनट तक रुकने के बाद उसने

चुदाई प्रारम्भ की. उफ्फफ्फ्फ़ क्या चुदाई की उसने. मेरी चूत की तो हालत

ख़राब कर दी. हैरतंगेज बात तो ये थी कि 5 मिनट तक लगातार चुदाई के बाद भी

उसके लंड से पानी नही निकल रहा था. जबकि मेरी चूत ने दूसरी बार पानी छोड़ना

चालु कर दिया. 5 मिनट और चुदाई करने के बाद उसके धक्के तेज़ होने लगे. अब

वो झड़ने वाला था.


मैंने कहा- चूत में माल मत गिरा देना.


लेकिन उत्तेजना में उसने कुछ नहीं सुना और कस कर अपना लंड मेरे चूत में

दाबा और माल मेरे चूत में ही गिराने लगा. मैंने कोशिश की कि उसके लंड को

किसी तरह से अपने चूत से निकाल दूँ लेकिन उसने इतनी कस के मेरी चूत में लंड

डाल रखा था कि मै कुछ ना कर सकी. और चुपचाप उसका माल को अपनी चूत में

गिरने दिया. 1 मिनट के बाद उसने मेरे चूत से लंड निकाला तो मैंने देखा कि

उसका लंड का माल मेरे चूत में से निकल कर मेरे गांड की दरार से बहते हुए

बिस्तर पर जा गिरा है.फिर देखा अभी भी उसका लंड उसी तरह खड़ा है. मैंने भी अभी थकी नहीं थी.


मैंने उसके लंड को पकड़ कर कहा- शाबाश राहुल, तुम कमाल के खिलाड़ी हो. मज़ा

आ गया. मेरा एक और काम करो न.


वो बोला – क्या?


मैंने कहा- मेरी गांड की खुजली मिटा दो ना राजा.


वो बोला – ठीक है. किस स्टाइल में गांड मरवायेंगीं आप? मेरे लंड के ऊपर बैठ

कर या खड़े खड़े या डौगी स्टाइल में?


मै ज्यादा आश्चर्यचकित नही थी कि उसे इतना सब कैसे पता.


सिर्फ मैंने इतना कहा – तुम्हे किस स्टाइल में मारने आता है?


वो बोला- आज तक तो मैंने कभी मारा नहीं लेकिन इन्टरनेट पर देख कर जानता

हूँ.


मैंने कहा – मुझे सबसे अच्छा डौगी स्टाइल ही लगता है. क्यों कि इसमें दर्द

भी होता है और दर्द का मज़ा भी आता है.


उसने कहा- ठीक है.


उसने मुझे खड़े खड़े ही आगे जमीं पर झुक जाने को कहा. मैं जमीं पर खड़े हो

कर अपने टांगो को सीधा रखते हुए आगे बेड पर झुक गयी. इस से मेरी गांड का

छेद राहुल को साफ़ साफ़ दिखने लगा. उसने मेरी गांड के छेद में ऊँगली लगाईं .

उसके उंगली लगाते ही मेरी गांड, और चूत से ले कर चूची तक सिरहन दौड़ गयी.

उसने धीरे से मेरी गांड के छेद में उंगली डाली और चारों तरफ घुमाया. इस से

मेरे गांड का छेद कुछ खुल गया. अब उसने दोनों हाथों का अंगूठा मेरे गांड के

छेद में डाला और उसे फैला दिया. मुझे उसकी इस हरक़त से बहुत मज़ा आया. जब

कोई आपके हरेक अंग से प्यार करे तो सेक्स का आनन्द ही अलग हो जाता है. अब

उसने दोनों अंगूठों से मेरी गांड के छेद को फैला कर अपने लंड को उसकी मुह

पर लेते आया.लेकिन अभी भी उसे संशय हो रहा था क्यों कि मेरे गांड का छेद उसके लंड के

मोटाई के अनुपात में कम ही चौड़ा था.


उसने कहा- लगता है कि मेरा लंड इसमें नहीं जा पायेगा. जबरदस्ती करने पर

आपके गांड को नुक्सान पहुँच सकता है.


मैंने पीछे देखते हुए कहा- मेरे गांड की चिंता मत करो. तुम लंड डालो.


उसने ऐसा ही किया. उसने जोर लगा कर अपना लंड मेरे गांड की छेद में डाल

दिया. उसका लंड मेरे पति के लंड से कुछ तो मोटा था लेकिन मेरा गांड भी कोई

कमजोर नही था. मै दांत पर दांत बैठा कर हर दर्द सह गयी. उसने अपने पूरे लंड

को मेरे गांड में एक बार में डाल दिया. अब उसने मेरी कमर पर अपने हाथ की

पकड़ मज़बूत बनाई और मेरे गांड की चुदाई चालु कर दी. मुझे तो जैसे जन्नत

नसीब हो रहा था. ऐसा लग रहा था कि मेरे गांड की वर्षों की खुजली राहुल आज

ही मिटा देगा. २ मिनट में ही मेरी गांड की छेद चौड़े हो गए. मुझे इतना आनद

तो अपने पतिदेव से भी कभी प्राप्त नही हुआ. राहुल ने मेरी कमर पर से हाथ

हटा कर मेरी चुचियों को थाम लिया. एक तरफ वो मेरी गांड की भापुर चुदाई कर

रहा था दूसरी तरफ वो मेरी चुचियों को भी दबा रहा था.


१० मिनट तक वो इसी तरह से मेरी गांड मारता रहा. १० मिनट के बाद उसका लंड से

माल निकलना शुरू हुआ तो अपना पूरा लंड मेरी गांड में घुसेड दिया और स्थिर

हो कर माल मेरी गांड में गिरा दिया. जब सारा माल निकल गया तो उसने मेरे

गांड से अपना लंड निकाला. मै धीरे धीरे अपने गांड के छेद को छूती हुई उठ

खड़ी हुई. मेरा गांड का छेद अभी भी पूरी तरह से खुला हुआ था. मेरी गांड से

राहुल का रस निकल कर मेरी जाँघों से होता हुआ जमीन पर गिर रहा था.


मैंने राहुल के लंड को हाथ में लिया और उसे सहलाते हुए कहा- थैंक्स राहुलफिर मैंने कपडे से अपनी गांड और बुर से निकल रहे माल और पानी को पोछा.

राहुल मेरे बेड पर चित्त हो कर लेट गया . मैंने कपडे से उसके लंड को भी

साफ़ किया फिर कपडे को एक तरफ फ़ेंक कर उसके सीने पर अपनी चूची दबाते हुए

उसके ऊपर लेट गयी और अपनी चूत को उसके लंड में घसते हुए बोली- राहुल, आज

मज़ा आ गया. तुम्हे कैसा लगा?


राहुल बोला- मुझे भी अच्छा लगा.


मैंने कहा – कल फिर आओगे ना?


वो बोला – हाँ.


घडी पर नजर डाली तो साढ़े तीन बजने वाले थे.


राहुल ने कहा- अब मुझे चलना चाहिए. 4 बजे शान वापस आ जाता है.


मैंने कहा- ऐसे कैसे जा सकते हो? पहले कॉफ़ी पियो .


मैने अपने रूम का दरवाजा खोला और नंगे ही किचन चली गयी क्यों कि मैंने घर

के सारे खिड़की और दरवाज़े पहले ही बंद कर रखे थे. राहुल और अपने लिए झट से

काफी बनाई और फ्रीज़ से ताज़ी मिठाइयां और नमकीन निकाली. और कॉफी और

नाश्ता ले कर अपने बेड रूम में वापस आई. राहुल अभी भी नंगा ही बेड पर लेटा

हुआ था. मैंने उसे उठने को कहा. तो उठ कर सोफे पर बैठ गया. मै नंगी ही उसके

गोद में उसके लंड पर बैठ गयी और बोली – तुम दुसरा काम करो मै तुम्हे

खिलाती हूँ. मै उसे मिठाई व नमकीन खिला रही थी और वो मेरी चूची और चूत को

सहला रहा था. काफी और नाश्ता ख़तम करते करते १५ मिनट बीत गए.इन १५ मिनट में राहुल का लंड फिर से तनतना गया. मैंने उसके लंड को पकड़ कर

उसकी आँखों में देखा. उसने मुझे सोफे के नीचे जमीन पर लिटाया और मेरे चूची

में अपना सर डाला और मेरी चूत में अपना लंड. इस बार घातक स्पीड में मेरी

चुदाई की. 5 मिनट में ही कम से कम 500 बार उसने अपने लंड को मेरी चूत में

अपना लंड घुसाया और निकाला. मै तो दुसरे मिनट ही झड गयी थी. उसकी घातक

गेंदबाजी ने मेरे होश फाख्ता कर दिया. 5 मिनट बीतते बीतते उसका ओवर समाप्त

होने को आया. उसने फिर से कस के लंड को मेरी चूत में डाला और माल गिराने

लगा. इस बार माल गिरते ही वो तुरंत खड़ा हुआ और बाथरूम जा कर अपना लंड साफ़

किया. तब तक मै यूँ ही बेसुध जमीन पर पड़ी रही. मेरे सामने उसने अपने कपडे

पहने . मै यूँ ही नंगी लेटी हुई उसे देख रही थी. जब उसने अपने शर्ट का

आखिरी बटन लगाया तो मै किसी तरह खडी हुई. मेरे चूत, चूची और गांड तीनो में

दर्द का अहसास हो रहा था. और बदन भी टूट रहा था. लेकिन ये दर्द भी उतना ही

मजा दे रहा था जितना किसी शराबी को एक बोतल शराब का नशा मज़ा देता है. मै

उठ कर आलमारी के पास आयी और आलमारी से 1000 रूपये का 5 नोट निकाला और राहुल

की जेब में रखने लगी.


राहुल बोला- नहीं नहीं, ये किसलिए ? मुझे ये नहीं चाहिए.


मै उससे लिपटते हुए बोली- ये मेरे प्रेम का उपहार है मेरे राहुल. प्लीज

इनकार मत करो. ये तो वही पैसे हैं जो तुम मेरे मकान में रहने का किराया

देते हो. अब जब तुम मेरे दिल में बस गए हो तो मकान में रहने का किराया मै

तुमसे कैसे ले सकती हूँ?


पहले तो वो मना करता रहा. लेकिन जब मै उसे अपनी नंगी गिरफ्त से छोड़ने को राजी नही हुई

तो उसने फिर कुछ नही बोला. मैंने उसकी जेब में वो नोट रखे और उसे अपनी

नंगी गिरफ्त से आज़ाद कर दिया. 3.55 हो चुके थे. राहुल झट से मेरे कमरे से

बाहर निकल गया. और मै उसके पीछे पीछे उसी हालत में ड्राइंग रूम तक आई और घर

का दरवाज़ा अन्दर से बंद किया और बाथरूम में जा कर बाथ टब में जा कर पानी

में जो लेटी और बीते हुए आनंददायक पलों को याद करते करते कब शाम हो गयी कुछ

पता ही ना चला .


आज मेरी गांड की खुजली मिट चुकी थी. राहुल ने अपना वादा निभाया और अक्सर

मेरी इच्छानुसार आ कर मेरी गांड और चूत की खुजली मिटाता रहता है.


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मकान मालकिन की गांड की खुजली 3

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