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जुड़वाँ बहनों की चुदाई-3


प्रेषिका : हेमा


आप लोगो ने पिछली कहानी “जुड़वाँ बहनों की चुदाई-2” पढ़ी अब उसके आगे लिख रही हु…… धरम ने सीमा को छेड़ा, “सीमा, हेमा तो अपने बाल साफ़ करके रखती है लेकिन तुम अपने बाल साफ़ नहीं करती क्या?” वो थोड़ा शरमाते हुए बोली, “मौका नहीं मिला। नहीं तो मैं भी अपने बाल साफ़ करके ही रखती हूँ।” धरम बोले, “अगर तुमको ऐतराज़ ना हो तो लाओ मैं तुम्हारे बाल साफ़ कर दूँ। मैं तो हेमा के बाल साफ़ कर देता हूँ।” वो बोली, “जीजू, रहने दो, मैं खुद ही साफ़ कर लुँगी।” मैंने कहा, “अगर धरम कह रहे हैं तो आज उनसे ही अपने बाल साफ़ करा लो।” वो कुछ नहीं बोली। नाश्ता करने के बाद मैं ड्रेसिंग टेबल से शेविंग किट निकाल कर ले आयी। धरम ने सीमा से कहा, “सीमा, अब तुम लेट जाओ।” सीमा चुपचाप लेट गयी। धरम ने सीमा की टाँगें फैला दी और उसके बाल साफ़ करने शुरु कर दिये। सीमा को गुदगुदी होने लगी तो उसने सिसकरियाँ भरना शुरु कर दिया। थोड़ी ही देर में धरम ने सीमा की चूत के बाल साफ़ कर दिये। उसके बाद धरम ने उसकी चूत पर हाथ फिराना शुरु कर दिया और बोले, “अब तुम्हारी चूत अच्छी लग रही है।” सीमा पहले ही बहुत ज्यादा जोश में आ गयी थी। धरम के हाथ फिराने से थोड़ी ही देर में वो झड़ गयी। उसकी चूत से पानी निकलता देख धरम ने कहा, “साली जी, तुम्हारी चूत से तो पानी निकाल रहा है।” वो बोली, “जीजू, आज तक मेरी चूत को राज के अलावा किसी दूसरे ने नहीं साफ़ किया था इसलिये मुझे बहुत गुदगुदी हो रही थी। मैं अपने आपको रोक नहीं पायी और पानी निकल गया। मैं इसी लिये आप को मना कर रही थी।” धरम ने कहा, “कोई बात नहीं है। मैं तो हेमा की चूत का पानी रोज ही चाट लेता हूँ। आज मैं तुम्हारी चूत का पानी भी चाट कर देखुँगा कि उसका टेस्ट कैसा है।” इतना कह कर धरम ने सीमा के चूत पर अपनी जीभ लगा दी और उसकी चूत को चाटने लगे। सीमा पागल सी होने लगी। थोड़ी देर बाद जब उसकी चूत साफ़ हो गयी तो धरम हट गये। सीमा बेड पर पड़ी हुई अभी भी सिसकरियाँ भर रही थी। मैं चाहती थी कि सीमा खुद ही धरम से चुदवाने के लिये तैयार हो जाये। तब ही उसकी आग भड़केगी और मैं उसकी सैक्स की आग को भड़काना चाहती थी। थोड़ी देर बाद वो शाँत हो गयी। दोपहर के बारह बजे धरम ने कहा, “रानी, चुदवाने के लिये तैयार हो जाओ।” मैंने कहा, “मैं तैयार हूँ।” धरम ने कहा, “अगर सीमा मेरे लंड को चूस कर खड़ा कर दे तो तुम्हें चोदने में और मज़ा आयेगा।” मैंने कहा, “सीमा से पूछ लो।” धरम ने अपना लंड सीमा के मुँह के पास कर दिया। सीमा थोड़ी देर तक देखती रही। फिर उसने शरमाते हुए धरम का लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी। पहले वो थोड़ा शरमाते हुए चूस रही थी लेकिन जब वो जोश में आ गयी तो उसने तेजी के साथ धरम का लंड चूसना शुरु कर दिया। जब धरम का लंड खड़ा हो गया तो उसने अपना लंड सीमा के मुँह से बाहर निकाला और मेरी चूत में घुसेड़ दिया। उसके बाद धरम ने मुझे चोदना शुरु कर दिया। सीमा भी जोश में आ गयी थी लेकिन कुछ बोल नहीं रही थी। वो केवल धरम को मुझे चोदता हुआ ध्यान से देखती रही। धरम ने सीमा के बूब्स को पकड़ लिया और उसके बूब्स को मसलते हुए मुझे चोदने लगे। धरम ने सीमा से पूछा, “सीमा, कैसा चोद रहा हूँ हेमा को?” सीमा बोली, बहुत ही अच्छी तरह।” बीस-पच्चीस मिनट की चुदाई के बाद धरम की स्पीड एक दम बढ़ गयी। सीमा भी जोश के मारे अपनी चूत को सहला रही थी। थोड़ी देर बाद जब धरम झड़ गये तो उन्होंने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाल कर सीमा के मुँह के पास कर दिया और पूछा, “चाटोगी इसे?” सीमा तो जोश में थी। उसने धरम का लंड अपने हाथ में ले लिया और चाटने लगी। मैं मन ही मन खुश हो रही थी। मैंने सीमा से पूछा, “कैसा लग रहा है?” वो बोली, “ठीक ही है।” मैंने सीमा की चूत पर हाथ लगाया तो उसकी चूत एक दम गीली हो चुकी थी। मैंने सीमा की चूत में अपनी अँगुली डाल दी और अंदर बाहर करने लगी। वो अभी भी धरम का लंड चाट रही थी। जोश में आकर वो सिसकरियाँ भरने लगी और थोड़ी ही देर बाद वो झड़ गयी। जब उसने धरम का लंड चाट-चाट कर साफ़ कर दिया तो मैंने सीमा से कहा, “तुमने धरम का लंड तो चाट कर साफ़ कर दिया। अब मैं तुम्हारी चूत को भी चाट कर साफ़ कर देती हूँ।” धरम ने मुझसे कहा, “तुम क्यों तकलीफ करती हो। मैं ही सीमा की चूत को चाट कर साफ़ कर देता हूँ।” सीमा कुछ नहीं बोली। धरम ने सीमा की चूत को चाटना शुरु कर दिया। जब धरम ने सीमा की चूत को चाट कर साफ़ कर दिया तो मैंने धरम से कहा, “मेरी चूत को कौन चाट कर साफ़ करेगा?” धरम ने कहा, “आज तुम सीमा से साफ़ करा लो।” मैंने सीमा से कहा तो उसने मेरी चूत को चाट कर साफ़ करना शुरु कर दिया। उसके बाद हम सब बेड पर लेट कर आराम करने लगे। लगभग तीन बजे धरम ने मुझसे कहा, “हेमा, अगले राऊँड के लिये तैयार हो जाओ।” मैंने कहा, “मैं तैयार हूँ।” सीमा भी जाग रही थी। धरम ने सीमा से पूछा, “मेरा लंड चूसोगी?” उसने शरमाते हुए कहा, “हाँ।” धरम ने अपना लंड सीमा के मुँह के पास कर दिया और सीमा ने उसे मुँह में लेकर चूसना शुरु कर दिया। धरम मेरी चूत को चाटने लगे। सीमा इस बार धरम के लंड को बड़े प्यार से चूस रही थी। वो अपने हाथों से धरम की दोनों गोलियाँ भी सहला रही थी। जब धरम का लंड खड़ा हो गया तो उसने अपना लंड सीमा के मुँह से बाहर निकाला और सीमा से कहा, “मज़ा आ गया। इस बार तुमने मेरा लंड बड़े प्यार से चूसा है।” धरम मेरे ऊपर आ गये और मुझे चोदने लगे। सीमा बैठ कर बड़े ध्यान से देख रही थी और अपनी चूत को सहला रही थी। उसकी आँखें एक दम गुलाबी हो गयी थी। धरम बहुत ही तेजी के साथ मुझे चोद रहे थे। दस मिनट चुदवाने के mast chudasi bhbhi ki kahani (www.mastaram (33)बाद मैं झड़ गयी तो धरम ने अपनी स्पीड और बढ़ा दी। लगभग बीस मिनट की चुदाई के बाद जब मैं फिर से झड़ गयी तो धरम ने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला और मुझसे डॉगी स्टाइल में होने को कहा। मैं डॉगी स्टाइल में हो गयी। धरम मेरे पीछे आ गये और मुझे चोदने लगे। वो बहुत ही तेजी के साथ मुझे चोद रहे थे। दस-पंद्रह मिनट तक और चोदने के बाद धरम झड़ गये और उनके साथ ही साथ मैं भी झड़ गयी। धरम ने अपना लंड मेरी चूत से निकाल कर सीमा के मुँह के पास कर दिया तो सीमा ने धरम के लंड को चाटना शुरु कर दिया। उसके बाद मैंने सीमा से अपनी चूत को चाटने को कहा तो उसने मेरी चूत को भी चाट-चाट कर साफ़ कर दिया। लगभग पाँच बजे धरम फिर से तैयार हो गये। इस बार सीमा ने बिना कुछ कहे ही धरम का लंड चूसना शुरु कर दिया। धरम मेरी चूत को चाट रहे थे। जब धरम का लंड खड़ा हो गया तो धरम ने सीमा से कहा, “लेट जाओ।” वो चुपचाप लेट गयी। धरम उसकी टाँगों के बीच आ गये और अपना लंड सीमा की चूत पर रख दिया। सीमा फिर भी कुछ भी नहीं बोली। मैं समझ गयी कि वो चुदवाने के लिये एक दम तैयार है। मैंने धरम से कहा, “ये क्या कर रहे हो?” वो बोले, “कुछ नहीं। मैं केवल अपना लंड थोड़ी देर तक सीमा की चूत पर रगड़ुँगा।” मैंने कहा, “अच्छा ठीक है। लेकिन कुछ और मत करना।” वो अपना लंड सीमा की चूत पर रगड़ने लगे। दो मिनट में ही सीमा झड़ गयी तो धरम हट गये। सीमा ने धरम को पकड़ लिया और बोली, “आग लगा कर भाग रहे हो। अपने लंड के पानी से इस आग को बुझा दो प्लीज़।” धरम ने कहा, “बाद में बुझा दुँगा।” वो कुछ नहीं बोली। उसके बाद धरम ने अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया और मुझे चोदने लगे। बीस-पच्चीस मिनट की चुदाई के बाद जब धरम झड़ने वाले थे तो उन्होंने अपना लंड मेरी चूत से निकाल लिया और मुझसे बोले, “इस बार मैं अपने लंड के पानी से सीमा की चूत की आग बुझा देता हूँ।” वो फिर से सीमा की टाँगों के बीच आ गये। उन्होंने सीमा की चूत पर फिर से अपना लंड रगड़ना शुरु कर दिया। सीमा जोश से पागल हुई जा रही थी। दो-तीन मिनट बाद धरम के लंड से पानी निकलने लगा तो धरम ने सारा पानी सीमा की चूत पर और उसके आसपास गिरा दिया। लंड का पूरा पानी गिरा देने के बाद धरम ने सीमा से पूछा, “मैंने आग पर पानी डाल दिया है। अब आग ठंडी हो गयी?” सीमा बोली, “इस तरह तो आपने मेरी आग को और भड़का दिया। मेरी आग तभी ठंडी होगी जब आप हेमा की तरह ही मुझे भी खूब चोदेंगे।”


धरम बोले, “मेरा लंड तुमने देख ही लिया है। इसे अपनी चूत के अंदर ले पाओगी। तुम्हारी चूत फट जायेगी।”


वो बोली, “जब हेमा आपका इतना बड़ा लंड अपनी चूत के अंदर ले लेती है तो मैं भी इसे पूरा अंदर ले लुँगी। मैं अपनी चूत की आग में जल रही हूँ। मुझे तो बस केवल आपसे चुदवाना है भले ही मेरी चूत फट जाये। मेरी आग बुझा दो प्लीज़।”


धरम ने कहा, “अगर तू कहती हो तो मैं अगले राऊँड में तुम्हें चोद दुँगा। तुम हेमा से पूछ लो। उसको कोई ऐतराज़ तो नहीं है।”


हेमा बोली, “सीमा तैयार है तो भला मुझे क्या ऐतराज़ हो सकता है। आखिर ये मेरी बहन है।” और आप लोग अब आगे की कहानी सीमा की ज़ुबानी पढ़िए “मेरी चूत भरने लगीतब तक के लिए बिदा चाहती हु |


 


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जुड़वाँ बहनों की चुदाई-3

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