All Golpo Are Fake And Dream Of Writer, Do Not Try It In Your Life

मोटा तगड़ा लंड मेरी छोटी सी चूत


प्रेषिका: सुमोना


मेरा नाम सुमोना है. मुझे लोग सूमी कह कर बुलाते हैं. मेरी उमर 39 साल, रंग गोरा और और बॉडी एक दम स्लिम. मैं वापी की रहने वाली हूँ. मेरे पति बहुत ही अमीर बिज़्नेसमॅन थे. 2 साल पहले ही उनका एक एक्सिडेंट में स्वरगवास हो गया था. मैने 32-33 साल की उमर तक उनसे चुदवा कर खूब मज़ा लेती थी. उसके बाद मुझे ना जाने क्या हुआ कि वो मुझे चोदने के बाद जब 30-35 मिनट में झड़ने वाले होते तब कहीं जा कर मुझे थोड़ा थोड़ा जोश आना शुरू होता था और मैं चुदाई का बिल्कुल मज़ा नहीं ले पाती थी. 33 साल की उमर के बाद से मुझे चुदवाने में बिल्कुल मज़ा नहीं आता था क्यों कि मैं झड़ नहीं पाती थी.उनके स्वरगवस के बाद मेरा संबंध अपने मॅनेजर से हो गया. मैने उस से भी खूब चुदवाया लेकिन मुझे उस से भी मज़ा नहीं मिला. क्यों कि जब तक मुझे जोश आना शुरू होता तो वो झाड़ जाता था. मेरी एक सहेली नेहा है. उमर में वो मुझसे 5 साल बड़ी है लेकिन वो मुझसे भी ज़्यादा सेक्सी है. उसके पति भी एक बिज़्नेस मैं थे और मेरे पति से ज़्यादा अमीर थे. वो भी 1 साल पहले ही गुजर चुके थे. वो अक्सर मेरे घर आया करती है. एक दिन मैने उस से अपनी समस्या बताई. वो बोली तुम्हारी समस्या मैं एक चुटकी में दूर कर सकती हूँ. मैने कहा तो करो ना, देर किस बात की है. नेहा बोली कि वो अपने मॅनेजर से खूब चुदवाती है. लेकिन उनको अपने लंड पर बहुत घमंड है क्यों कि उन का लंड बहुत ही लंबा और मोटा है. वो मुझे भी बिना पैसे लिए नहीं चोद्ते. एक बार चुदवाने का 2000 मैने जब उन से पहली पहली बार चुदवाया तो मैं 4-5 दिनो तक ठीक से चल भी नहीं पाती थी. लेकिन उन से चुदवाने में मुझे जो मज़ा आता है वैसा मज़ा मुझे आज तक कभी नहीं मिला. वो इतनी बुरी तरह से चोद्ते हैं कि मैं 7-8 दिनो में केवल एक बार ही उनसे चुदवाती हूँ. मैने कहा हम जैसे लोगो के लिए 2000 क्या मतलब रखते हैं, केवल ज़िंदगी का मज़ा मिलना चाहिए. नेहा बोली तुम ठीक कहती हो. मैने कहा मेरा काम कब हो जाएगा तो वो बोली उन से पूच्छ कर कल फोन कर दूँगी, अगर वो खाली होंगे तो मैं उन्हें कल ही तुम्हारे पास भेज दूँगी. मैने कहा ठीक है.दूसरे दिन मैं ऑफीस में पूरे दिन नेहा के फोन का इंतेज़ार करती रही लेकिन उसका कोई फोन नहीं आया. मैने काई बार नेहा का मोबाइल ट्राइ किया तो उसका मोबाइल ऑफ था.शाम के 5 बजे ऑफीस के बाद मैं घर पहुचि और नेहा के फोन का इंतेज़ार करती रही लेकिन फिर भी उसका फोन नहीं आया. रात के 8 बजे मैने खाना खाया और टीवी देखने लगी. रात के 10 बज चुके थे और घर के सारे नौकर अपने घर चले गये. मैं भी सोने की तैयारी कर रही थी तभी मेरा मोबाइल बजा. वो नेहा थी. वो बोली मैं कुच्छ ज़रूरी काम में फस गयी थी इस लिए फोन नहीं कर पाई. मैं अभी अभी घर आई हूँ और मैने उन से बात कर ली है. वो आज खाली हैं, फिर उसके बाद 10 दिनो तक वो बिल्कुल खाली नहीं हैं. उन्हें दूसरे काम पर भी जाना है. अगर तुम कहो तो मैं उनको भेज दूं. मैने कह मैं तो पूरे दिन तुम्हारे फोन का इंतेज़ार कर रही थी. तुम उन को तुरंत भेज दो. लेकिन मैं उन को कैसे पहचान पाउन्गि. नेहा बोली कि तुम उनके कार का नंबर नोट कर लो मैने उनकी कार का नंबर नोट कर लिया और उन दोनो का इंतेज़ार करने लगी. लगभग 11 बजे एक कार मेरे घर के सामने आ कर रुकी. केयी साल बाद आज मैं जोश के मारे पागल सी हो रही थी. मैने दरवाज़ा खोला तो सामने दो लड़के खड़े थे उन्होने मुझसे पूछा, सूमी? मैने कहा हां. मैने उनके कार का नंबर देखा तो वही नंबर था जो नेहा ने बताया था. मैने उन से उनका नाम पूछा तो उन्होने अपना नाम बता दिया. उनकी उमर लगभग 24-25 साल की थी और वो दोनो दिखने में एक दम हट्टे कट्टे थे. मैं उन्हें बड़े प्यार से अंदर ले गयी और पूछा कुच्छ पियोगे तो उन्होने मना कर दिया. वो बोला बेडरूम में चलेंगी या यहीं कालीन पर. मैने कहा जहाँ तुम ठीक समझो. वो बोला कालीन पर ठीक रहेगा. कालीन पर धक्के ठीक से लगते हैं. राहुल ने मुझसे पूछा कि आप अपने कपड़े खुद उतारेंगी या मैं उतार दूं. मैने कहा तुम ही उतार दो. उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए. आज केयी साल बाद मेरी चूत अभी से गीली हो गयी थी. मेरे कपड़े उतारने के बाद उन दोनो ने भी अपने कपड़े उतार दिए. राहुल का लंड लगभग 7″ लंबा और बहुत ही मोटा था. बोला कैसा लगा मेरा लंड. मैने कहा बहुत ही अच्च्छा है लेकिन देखना ये है कि तुम मेरी चूत से कितनी बार पानी निकाल पाते हो. वो बोला हम आपकी चूत से इतनी बार पानी निकाल देंगे कि आप की चूत एक दम ड्राइ हो जाएगी और इतना चोदेन्गे कि आप खुद ही हम को मना कर दोगि.


फिर रितेश बोला मेडम मेरा लंड कैसा है मैने कहा तुम्हारे दोनो के लंड बहुत बड़े है ठीक हैं लेकिन मैने तो आज तक इतने बड़े लंड से कभी नहीं चुदवाया है. मुझे दर्द बहुत होगा. आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |


हां कुच्छ दर्द ज़रूर होगा और उस दर्द को आप को ही सहना पड़ेगा. उसके बाद राहुल ने अपना लंड मेरे मूह के पास कर दिया. मैने उसका लंड चूसने लगी. 5 मिनट में ही उसका लंड एक दम लोहे जैसा हो गया. मैने आज तक कभी इतने मोटे लंड से कभी नहीं चुदवाया था. मेरे पति का और मेरे मॅनेजर का लंड 6″ ही लंबा था. लंड खड़ा हो जाने के बाद उसने मेरी चूत को चाटना शुरू कर दिया. थोड़ी देर बाद उसने मुझसे डॉगी स्टाइल में हो जाने को कहा. मैं कालीन पर ही डॉगी स्टाइल में हो गयी. वो मेरे पिछे आ गया और उसने मेरी चूत की लिप्स को फैला कर अपने लंड का सुपाडा बीच में रख दिया. उसने मेरी कमर को पकड़ कर थोड़ा ज़ोर लगाया तो उसका आधा लंड मेरी चूत में घुस गया. मुझे बहुत तेज़ दर्द होने लगा और मेरे मूह से चीख निकल गयी. लग रहा था कि जैसे कोई गरम गरम लोहा मेरी चूत में घुसेड रहा हो. मेरे मूह से चीख निकलते ही रितेश ने अपना हाथ मेरे मुँह पर रख दिया और मेरी चीख दब कर रह गयी. तभी राहुल मेरी कमर को ज़ोर से पकड़ कर एक जोरदार धक्का मारा. मुझे इस बार बहुत तेज़ दर्द हुआ लेकिन मेरे मूह में रितेश ने अपनी फिंगर्स ठूंस रखी थी इस लिए मेरे मूह से कोई आवाज़ नहीं निकली. मैं दर्द से तड़पने लगी. मेरे चेहरे पर पसीना आ गया और मेरी टाँगें थर थर काँपने लगी. अब रितेश ने अपना लंड मेरे मुँह मे ठूँस दिया और मैं उसके लंड को लोलीपोप की तरह चूसने लगी राहुल बोला अभी तो 2″ बाकी है. अचानक उसने फिर से एक धक्का मारा. इस बार उसका धक्का बहुत ही ज़ोर का था. मैं अपने आप को नहीं संभाल पाई और रितेश को धकेलते हुए आगे गिर पड़ी. लंड बाहर निकल गया और मैं दर्द के मारे चीखने लगी. मेरी साँसें बहुत तेज़ चलने लगी.तभी रितेश संभला और उसने फिर से अपना लंड मेरे मूह में ठूंस दिया और बोला अब ज़्यादा चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है. अब केवल 1″ ही बाकी है. राहुल ने धीरे धीरे धक्का लगाना शुरू कर दिया. थोड़ी देर में मेरा दर्द कुच्छ कम हो गया. अभी 5 मिनट भी नहीं बीते थे कि आज मैं काई बरसों के बाद झाड़ गयी. जब मेरी चूत गीली हो गयी तो राहुल ने फिर से एक जोरदार धक्का मारा. मैं दर्द से तड़प उठी और मैने रितेश को धकेल दिया. जैसे ही रितेश का लंड मेरे मूह से बाहर निकला तो मैं ज़ोर ज़ोर से चीखने लगी. रितेश बोला अब तो राहुल का पूरा लंड अब आपकी चूत में घुस चुका है. अभी थोड़ी देर में आप का दर्द भी कम हो जाएगा. उसके बाद राहुल ने ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए. अभी उसका लंड मेरी चूत में आराम से अंदर बाहर नहीं हो रहा था. 5 मिनट ही और बीते थे कि मैं दूसरी बार झाड़ गयी. अब मेरा दर्द भी कुच्छ कम हो चुका था. 2 बार झाड़ जाने से मेरी चूत एक दम गीली हो गयी थी. अब राहुल का लंड मेरी चूत में कुच्छ आराम से अंदर बाहर होने लगा था. राहुल ने अपनी स्पीड भी तेज़ कर दी थी. 5 मिनट और चुदवाने के बाद मेरा दर्द जाता रहा और मुझे मज़ा आने लगा. आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |


राहुल बहुत ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाते हुए मुझे चोद रहा था. मैं पूरे जोश के साथ राहुल का लंड चूस रही थी. 10 मिनट की चुदाई के बाद मैं तीसरी बार झाड़ गयी. अब मुझे बहुत मज़ा आने लगा था. मैं अपना चूतड़ आगे पिछे करते हुए राहुल का साथ दे रही थी. राहुल ने मुझसे पूछा अब आप को कैसा लग रहा है. मैने कहा अब मुझे मज़ा आने लगा है. तुम इसी तरह मुझे चोद्ते रहो. 5 मिनट तक और चोदने के बाद जब राहुल के लंड का पानी निकलने वाला था तो उसने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाल लिया और उसने अपने लंड का सारा पानी मेरी चूतड़ पर निकाल दिया. उसके बाद वो हट गया और मेरे सिर की तरफ आ कर बैठ गया. राहुल ने मुझे लगभग 20 मिनट तक चोदा.अब रितेश मेरे पिछे आ गया. उसने अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया और मुझे चोदने लगा. उसका लंड भी राहुल के लंड जैसा था इस लिए मुझे कोई तकलीफ़ नहीं हुई. रितेश ने भी बहुत तेज़ धक्के लगाते हुए मुझे चोदना शुरू कर दिया. राहुल मेरे सिर के पास 10 मिनट तक बैठा रहा और फिर उसने अपना लंड मेरे मूह में डाल दिया. मैं राहुल का लंड चूसने लगी. उधर रितेश बहुत तेज़ी के साथ मुझे चोद रहा था. मैं खूब मज़े से चुदवा रही थी. आज मेरी बरसों की तमन्ना पूरी हो रही थी. रितेश को मुझे चोद्ते हुए 15-20 मिनट हो चुके थे और मैं फिर से बहुत ज़्यादा जोश में आ चुकी थी. मैं झड़ने ही वाली थी. मैने जोश में आ कर राहुल का लंड तेज़ी के साथ चूसना शुरू कर दिया. राहुल का लंड भी फिर से खड़ा हो कर एक दम टाइट हो चुका था. 2 मिनट में ही मैं फिर से झाड़ गयी. अब तक मैं 4 बार झाड़ चुकी थी. मैं शादी के बाद अपने पति से चुदवाने के दौरान 2-3 बार झड़ती थी लेकिन आज कयि साल बाद 4 बार झाड़ चुकी थी. अब जा कर मेरी चूत की खुजली कुच्छ कुच्छ शांत हो चुकी थी. रितेश मुझे आँधी की तरह चोद रहा था. लगभग 10 मिनट और चोदने के बाद रितेश भी झड़ने वाला था. उसने मेरी कमर को पकड़ कर ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए थे. 2 मीं में ही उसने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला और सारा पानी मेरे चूतड़ पर निकाल दिया. उसके बाद रितेश हट गया और मेरे सिर की तरफ आ कर बैठ गया. रितेश ने मुझे लगभग 30 मीं तक चोदा और मुझे चुदवाते हुए लगभग 50 मीं हो चुके थे. राहुल फिर से मेरे पिछे आ गया और उसने अपना लंड एक झटके से मेरी चूत में डाल दिया और मुझे चोदने लगा. मैं अभी तक बहुत ज़्यादा जोश में थी. मैं अपना चूतड़ आगे पिछे कर के उसका साथ देने लगी. वो मेरी कमर को पकड़ कर बहुत तेज़ी के साथ मुझे चोद रहा था. राहुल से 15-20 मीं चुदवाने के बाद मैं फिर से झाड़ गयी. उधर रितेश ने फिर से अपना लंड मेरे मूह में डाल दिया था और मैं उसका लंड चूस रही थी. इस बार राहुल ने मुझे लगभग 30-35 मीं तक चोदा और फिर उसने अपने लंड का सारा जूस मेरे चूतड़ पर निकाल दिया. अब तक मुझे चुदवाते हुए लगभग 1 1/2 घंटे हो चुके थे. मैं चुदवाते चुदवाते थोड़ा थक चुकी थी. लेकिन मैने राहुल को मना नहीं किया. इधर रितेश का लंड फिर से एक दम टाइट हो चुका था. राहुल के हट जाने के बाद रितेश ने फिर से मुझे चोदना शुरू कर दिया. राहुल मेरे सिर के पास आ कर बैठ गया. रितेश मुझे बहुत तेज़ी के साथ चोद रहा था. मैं अभी तक डॉगी स्टाइल में ही चुदवा रही थी. 10 मीं बाद राहुल मेरे बेडरूम में गया और 2 तकिये ले आया. रितेश ने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला और मुझसे लेट जाने को कहा. मैं लेट गयी तो उसने मेरे चूतड़ के नीचे 2 तकिये रख दिए. फिर उसने मेरी टाँगों को फैला कर अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया और मुझे चोदने लगा. वो ज़ोर ज़ोर के धक्के लगा रहा था. अब मुझे उसका धक्का बहुत भारी पड़ रहा था. मेरी चूत अब लंड की रगड़ से धीरे धीरे ड्राइ हो रही थी और मुझे तकलीफ़ होने लगी थी. लेकिन रितेश रुका नहीं, वो मुझे चोद्ता रहा. इस बार उसने मुझे लगभग 45 मीं तक चोदा और फिर अपने लंड का सारा जूस मेरे पेट और मेरी चुचियों पर निकाल दिया. इस बार रितेश से चुदवाने में मैं नहीं झाड़ पाई जिस से मेरी चूत एक दम ड्राइ हो चुकी थी. चूत ड्राइ हो जाने की वजह से मुझे अब चुदवाने में बहुत तकलीफ़ होने लगी थी. रितेश के हट जाने के बाद राहुल ने मुझे फिर चोदना शुरू कर दिया. वो बहुत तेज स्पीड के साथ मुझे चोद रहा था. अब मुझे बहुत ज़्यादा तकलीफ़ हो रही थी. मेरी चूत में बहुत दर्द होने लगा था लेकिन राहुल मुझे चोदे जा रहा था. मैने राहुल से कहा कि मेरी चूत एक दम ड्राइ हो गयी है और मुझे बहुत तकलीफ़ हो रही है. वो बोला अभी 1 बार रितेश आप की ड्राइ चूत को चोदेगा. तब आप की चूत एक दम सूज कर डबल रोटी की तरह हो जाएगी. हम दोनो इसी चुदाई की फीस लेते हैं. अब आप झाड़ नहीं पाएँगी और हम दोनो आप की ड्राइ चूत को खूब चोदेन्गे. इतना कह कर राहुल ने बहुत ही तेज़ी के साथ मेरी चुदाई शुरू कर दी. मैं दर्द से तड़पने लगी लेकिन वो रुक नहीं रहा था. लगभग 45 मीं चोदने के बाद जब वो झड़ने वाला था तो मैने राहुल से कहा प्लीज़. इस बार अपने लंड का पानी मेरी चूत में निकाल दो. जिस से मेरी चूत गीली हो जाए. उसके बाद चाहे जितना मुझे चोदना. वो बोला मैं तो अपना पानी आप की चुचियों पर ही निकालूँगा.hindi sex kahaniya (www.mastaram (3)मैने राहुल से बहुत रिक्वेस्ट की लेकिन वो नहीं माना. मैं रोने लगी. मैने कहा अब रहने दो. अब मुझे नहीं चुदवाना है. वो बोला हम दोनो इसी तरह तडपा तडपा कर चुदाई करते हैं इसी लिए हमारे पास काई अमीर कस्टमर हैं. उसने अपने लंड का सारा जूस मेरी चुचियों पर ही निकाल दिया. राहुल के हट जाने के बाद रितेश ने मेरी चुदाई शुरू कर दी. वो भी मुझे बहुत तेज़ी के साथ चोद्ता रहा. मुझे बहुत तकलीफ़ हो रही थी और मेरी चूत में दर्द भी बहुत हो रहा था. मेरी चूत ड्राइ हो जाने की वजह से काई जगह से कट चुकी थी. मैं चीखती रही और वो मुझे बड़ी बेरहमी से चोद्ता रहा. वो मुझे एक दम आँधी की तरह चोद रहा था. दर्द के मारे मेरी आँखों से आँसू निकल रहे थे. मेरी चूत बहुत ज़्यादा सूज चुकी थी. थोड़ी देर बाद उसने अपना लंड मेरी से चूत से बाहर निकाला और मेरी टाँगों को मेरे कंधे के पास सटा कर दबा दिया. मेरी चूत एक दम उपर उठ गयी. वो ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाते हुए मुझे चोदने लगा. अब उसका धक्का मुझसे बर्दास्त नहीं हो पा रहा था. मैं दर्द के मारे तड़पति रही और मेरे मूह से चीख निकलती रही. वो मुझ पर कोई रहम नहीं कर रहा था. मैं चीखती रही और वो मुझे चोद्ता रहा. लगभग 45 मिनट चोदने के बाद जब वो झड़ने वाला था तो मैने उस से रोते हुए कहा प्लीज़. तुम ही मुझ पर रहम करो. तुम तो अपना पानी मेरी चूत में निकाल दो और मुझे इस दर्द से छुटकारा दिलाओ. वो बोला ठीक है इस बार मैं अपना सारा जूस आप की चूत में निकाल दूँगा. मैं मन ही मन खुश हो गयी. उसने बहुत ही जोरदार धक्के लगाने शुरू कर दिए. 2 मीं बाद मेरी चूत रितेश के लंड के जूस से भरने लगी. जब उसके लंड का पूरा पानी मेरी चूत में निकल गया तो वो हट गया. अब जाकर मेरी चूत को कुच्छ रेस्ट मिला. उन दोनो ने मुझे 3-3 बार चोदा और मैने बिना रेस्ट लिए लगातार 6 बार चुदवाया. मुझे लगातार चुदवाते हुए 3 घंटे से ज़्यादा हो चुके थे. सुबह के 4 बजने वाले थे. उसके बाद वो दोनो मेरे बगल में लेट गये. मैं भी लेटी हुई थी. लगभग 1 घंटे बाद जब सुबह के 5 बजने वाले थे तो मैने राहुल से कहा तुम्हारी फीस टेबल पर रखी हुई है. उसे ले लो और अब जाओ. 10-12 दिन बाद फिर आ जाना. वो बोला चुदवाने में मज़ा आया. मैने कहा मज़ा तो बहुत आया लेकिन तुम दोनो ने मुझे दर्द से बहुत तडपाया है. मेरी चूत भी एक दम सूज गयी है और काई जगह से कट गयी है. वो बोला इसी तड़पने में तो असली मज़ा है. जब आप ने मुझसे अपनी चूत में लंड का जूस निकालने के लिए कहा था अगर उस समय मैं अपना जूस आप की चूत में निकाल देता तो आप को मज़ा नहीं आता. मैने कहा मुझे दर्द बहुत हो रहा था. वो बोला जब आप हम दोनो से अगली बार चुदवायेन्गि तो आप को इतना दर्द नहीं होगा और आप को और ज़्यादा मज़ा आएगा. आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |


राहुल ने रितेश से कहा अब मेडम से विदा लेने का वक़्त आ गया है. चलो मेडम से बिदाई ले लो. रितेश ने अपने कपड़े उठाए और पॅंट की जेब से एक नाइलॉन की रस्सी, एक कपड़ा और एक क्रीम की ट्यूब निकाल कर ले आया. मैं कुच्छ समझ नहीं पाई. वो रस्सी ले कर मेरे पास आ गया. राहुल ने मेरे मूह में एक कपड़ा ठूँस दिया और फिर उस पर एक टेप चिपका दिया. फिर रितेश और राहुल ने मेरे हाथ पैर बाँध दिए. उन दोनो का लंड फिर से खड़ा हो चुका था. रितेश मेरी टाँगों के बीच आ गया और उसने ढेर सारी क्रीम मेरी गान्ड के छेद पर लगा दी. उसके बाद मेरे पास बैठ गया और बोला अभी 5 मिनट में आप की गान्ड एक दम सुन्न हो जाएगी उसके बाद हम दोनो आप की गान्ड मारेंगे. यही हमारी बिदाई है. 5 मीं बाद उसने अपना लंड का सुपाडा मेरी गान्ड के छेद पर रखा और अपना लंड मेरी गान्ड में डालने लगा. उसका लंड इतना लंबा और मोटा था कि आसानी से मेरी गान्ड में नहीं जा रहा था. 10 मीं की कोशिश के बाद ही वो अपना पूरा लंड मेरी गान्ड में डाल पाया. मुझे कुच्छ भी पता नहीं चल रहा था. पूरा लंड मेरी गान्ड में घुसाने के बाद उसने बहुत तेज़ी के साथ मेरी गान्ड मारनी शुरू कर दी. 15-20 मीं बाद उस क्रीम का असर कम होने लगा तो मुझे दर्द होना शुरू हो गया. लेकिन रितेश रुका नहीं वो बहुत तेज़ी के साथ मेरी गान्ड मारता रहा. उसने 30-35 मीं तक मेरी गान्ड मारी फिर उसके बाद वो मेरी गान्ड में ही झाड़ गया. अब तक मेरा दर्द बढ़ चुका था. मैं चिल्ला नहीं पा रही थी. रितेश के हट जाने के बाद राहुल ने अपना लंड मेरी गान्ड में डाल दिया और बहुत ही तेज़ी के साथ मेरी गान्ड मारने लगा. मेरी गान्ड रितेश के लंड के पानी से गीली हो चुकी थी इस लिए राहुल का लंड मेरी गान्ड में आराम से अंदर बाहर होने लगा. 10 मीं बाद मेरा दर्द कुच्छ कम हो चुका था. जब रितेश ने देखा कि मेरा दर्द कम हो गया है तो उसने टेप हटा कर मेरे मूह से कपड़ा बाहर निकाल दिया. राहुल बहुत ही बुरी तरह से मेरी गान्ड मार रहा था. अब मुझे भी गान्ड मरवाने में मज़ा आ रहा था. रितेश ने जब देखा कि मुझे मज़ा आ रहा है तो उसने मेरे हाथ पैर भी खोल दिए.


अब मैं खूब मज़े से गान्ड मरवा रही थी. 30-35 मीं बाद राहुल मेरी गान्ड में ही झाड़ गया. उसके बाद वो हट गया और मेरी बगल में लेट गया. थोड़ी देर बाद राहुल ने मुझसे पूछा कैसी रही आज की चुदाई. मैं कुच्छ नहीं बोली. राहुल ने कहा हम जिसकी पहली बार चुदाई करते हैं उस से इसी तरह विदा लेते हैं. अब हम दोनो चलते हैं. 11 दिन बाद हम दोनो खाली हैं अगर चुदवाना हो तो बुला लेना. मैने कहा तुम आ जाना. अगर कहो तो तुम्हारी फीस अड्वान्स में दे दूं. वो बोला नहीं हम दोनो अपनी फीस चोदने के बाद ही लेते हैं. उसके बाद वो चले गये. उन दोनो के जाने के बाद मैं बाथरूम जाना चाहती थी. मैने बहुत कोशिश की लेकिन मैं खड़ी नहीं हो पा रही थी. बहुत कोशिश के बाद मैं खड़ी हुई और दीवार का सहारा लेते हुए बाथरूम गयी. जब मैं पेशाब करने लगी तो लगा जैसे मेरी जान ही निकल जाएगी. लग रहा था कि जैसे किसी ने मेरी चूत में लाल मिर्च डाल दी हो. बाथरूम से वापस आने के बाद मैं बेड पर जा कर लेट गयी. सुबह के 8 बजने वाले थे. घर के नौकर आने लगे थे. जब रामू मेरे पास आया तो मैने उस से चाय लाने को कहा. जब वो चाय ले आया तो मैने चाय पी. चाय पी लेने के बाद मैने रामू से कहा कि आज मेरी तबीयत ठीक नहीं है. मैं सोने जा रही हूँ. मुझे जगाना मत. आज मैं ऑफीस नहीं जाउन्गि. वो बोला ठीक है. उसके बाद मैं सोने लगी.दोपहर के 12 बजे नेहा ने मुझे जगाया तो मेरी नींद खुली. उसने मुस्कुराते हुए पूछा कैसी रही रात. मैने कहा तकलीफ़ तो बहुत हुई लेकिन मज़ा भी खूब आया. उन दोनो ने मुझे इतनी बुरी तरह से चोदा की मैं तो अब ठीक से चल भी नहीं पा रही हूँ. मैने उन दोनो को 11 दिन बाद फिर बुलाया है. नेहा ने मुस्कुराते हुए मुझे 2-3 टॅबलेट दिए और कहा इसे खा लेना. इस से तुम्हारा दर्द ठीक हो जाएगा. मैने वो टॅबलेट खा ली. उसके बाद नेहा चली गयी. 3 दिन बाद मैं ठीक से चलने के काबिल हुई तब मैं ऑफीस गयी.11 दिन बाद राहुल और रितेश फिर से आए. इस बार फिर उन दोनो ने मिलकर मुझे लगभग 3 घंटे तक चोदा. मेरी चूत चौड़ी हो कर उन दोनो के लंड के साइज़ की हो चुकी थी इस लिए मुझे इस बार ज़्यादा तकलीफ़ नहीं हुई और खूब मज़ा आया.
तो मित्रो आपको मेरी ये कहानी कैसी लगी ज़रूर बताना मै आप लोगो की प्रतिक्रिया के इन्तेजार में बैठी हु फिर अपनी आगे की कहानी आप लोगो से शेयर करुगी बाय |


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मोटा तगड़ा लंड मेरी छोटी सी चूत

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