All Golpo Are Fake And Dream Of Writer, Do Not Try It In Your Life

मेरी पहली प्यारी चुदाई


हैलो, मेरा नाम राहुल (बदला हुआ) है। मैं 22 साल का हूँ। मेरी लंबाई 5′.9″ है, मैं दिखने में अच्छा हूँ, अभी जयपुर राजस्थान में रहता हूँ, मैं यहाँ पढ़ाई कर रहा हूँ।


अभी कुछ टाइम पहले मेरे इम्तिहान चल रहे थे तो जब मेरा पेपर ख़त्म हुआ मैं टाइम से पहले ही क्लास में से बाहर आ गया।


जब मैं पार्किंग में आ रहा था, तो मुझे वहाँ एक आंटी मिलीं।


मैंने उनसे पूछा- आप भी सीए कर रहीं हो क्या?


उन्होंने कहा- हाँ !


तो इस तरह हमारी बातें चालू हुईं। बाद में पता चला कि उन्हें एक सब्जेक्ट के नोट्स की ज़रूरत थी। वो नोट्स मेरे पास रखे हुए थे।


मैंने कहा- जब कल मैं इम्तिहान देने आऊँगा तो ले आऊँगा।


उन्होंने मुझसे मेरा फोन नंबर लिया और अपना भी दिया।


जब हम अगले दिन मिले तो मैंने कहा- आपके पास समय हो तो क्या हम पास में कॉफी पीने चलें?


उन्होंने हाँ कर दी।


हम दोनों वहाँ अपनी-अपनी गाड़ी से गये, जाते वक़्त मैंने उनसे पूछा- अब कब मिलना होगा?


तो उन्होंने बोला- रविवार को अगर तुम फ्री हो तो घर आ जाना।


मैंने कहा- रविवार को तो नहीं पर मैं सोमवार को आ जाऊँगा।


फिर हम अपने घर चले गये। सोमवार को मॉर्निंग में उनका मैसेज आया ‘गुड मॉर्निंग’


मैंने उन्हें फोन किया और हलचाल पूछे, तो उन्होंने कहा- तुम आ रहे हो क्या?


मैंने कहा- चलो, मैं अभी आधे घण्टे में आता हूँ।


मैं दिन में 2 बज़े के आस-पास उनके घर पहुँच गया। मैंने डोरबेल बजाई। मुझे लग रहा था पता नहीं कौन दरवाजा खोलेगा? लेकिन मेरी किस्मत थी कि उन्होंने ही दरवाजा खोला।


वो काले रंग की साड़ी पहने हुई थीं, बहुत अच्छी लग रही थीं। उन्होंने मुझे अंदर बुलाया, फिर वो मेरे लिए कॉफी बनाने चलीं गईं। फिर बाद में हमारी बातें शुरू हुईं, तो मैंने उनसे मज़ाक में पूछ लिया कि आपका शादी के पहले कोई प्रेमी था क्या?


उनका जवाब आया- हाँ !


मैंने पूछा- फिर आपने उससे शादी क्यों नहीं की?


तो बोली- यार राहुल, जाने दो जो गया वो गया।


फिर उन्होंने पूछा- तुम्हारी कोई है क्या?


मैंने कहा- नहीं कोई नहीं है। कोई पटती ही नहीं।

तो उन्होंने मुझे अलग ही तरह से देखा और कहा- कभी कोशिश की हो तो बात बनेगी ना !!


मैंने भी हँस कर ‘हाँ’ में जवाब दे दिया।


फिर अचानक ही वो मुझे अजीब तरीके से देखने लगी और कहा- राहुल पता है, शादी के पहले जो मेरा प्रेमी था, वो तुम्हारे जैसा ही दिखता था, बातें भी तुम्हारे जैसे ही करता था।


मैंने कहा- तो क्या हुआ? मुझे ही अपना बॉय-फ्रेंड बना लो।


वो हँस पड़ीं और कहा- पागल, मेरी अब शादी हो चुकी है।


मैंने कहा- मुझे तो कोई परेशानी नहीं है।


उन्होंने कहा- चलो, सोच कर जवाब देती हूँ।


फिर वो मुझे अपने फैमिली के बारे में बताने लगीं। उन्होंने कुछ ऐसी भी बातें बताईं जो उनके और उनके पति की निजी बातें थीं। उन्होंने बताया कि उनके पति उन्हें प्यार नहीं करते हैं, जब भी मैं उनका साथ माँगते हैं, तो चिढ़ जाते हैं। उनकी आँखों में आँसू आने लगे।


मैंने कहा- प्लीज़, आप रोना बंद नहीं करोगी तो मैं चला जाऊँगा।


तो फिर वो चुप हुईं। फिर अचानक उन्होंने मुझे गाल पर किस कर दिया, मैं हैरान था और फिर उन्होंने मुझे ‘आई लव यू’ बोला, तो मैं फिर हैरान था।


उन्होंने कहा- राहुल क्या तुम मुझे अपने कंपनी दोगे?


मैंने ‘हाँ’ कर दिया और उन्होंने मुझे गले से लगा लिया। मैंने भी उन्हें अपने गले से चिपका लिया।


तभी मैं उन्हें उनके होंठों पर चूमने लगा और उन्होंने भी मना नहीं किया, उल्टा वो भी मेरा साथ देने लगीं।


फिर उन्होंने कहा- राहुल प्लीज़ मुझे तुम्हारा प्यार चाहिए !

मैंने उनको अपनी गोद में उठा लिया और उन्हें बेड पर लेटा दिया। मैं उनके पूरे शरीर पर चुम्बन कर रहा था। फिर मैं उनके अंगों पर चूमता-चूमता उनके पेट पर भी आ गया और धीरे-धीरे मैंने उनकी टाँगों पर अपने अधरों को फेरना शुरू किया।


मैंने उनको चूमने के साथ-साथ उनकी साड़ी और बाकी के कपड़े भी हटाता जा रहा था। और जब उनके शरीर पर सिर्फ पैन्टी बची तो एक बार फिर मैंने उनके होंठों को छेड़ना शुरू किया था पर वो बहुत गर्म हो चुकी थीं।


मुझसे बोलीं- राहुल प्लीज़ वहीं करो न ! अच्छा लग रहा था।


मैंने अपने पूरे कपड़े उतार दिए और उनके ऊपर छा गया। अब मैं उनके चूचों को अपने हाथों से मसल रहा था, उनकी चूत ने रस छोड़ना शुरू कर दिया था।


वो वास्तव में बहुत प्यासी थीं। फिर मैं अपनी जीभ उनके मम्मों पर और उनके निपल्लों पर घुमाने लगा तो उनके मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगी। उन्हें काफ़ी मज़ा आ रहा था।


उन्होंने अचानक ही मेरे कान पर काटा तो मैं हल्का सा चिल्लाया तो वो हँसने लगीं। मुझे और उनको सब कुछ बहुत अच्छा लग रहा था। हमें इस तरह ही एक दूसरे को प्यार करते करते दो घंटे हो गये थे। उसमें हम दोनों ही अपना प्री-कम छोड़ चुके थे। हमें अब चुदाई की जल्दी होने लगी थी।


उन्होंने कहा- अल्मारी में कपड़ों के पीछे एक कॉन्डोम का पैकेट रखा है, उसे निकाल लाओ।


जब मैं जाने लगा तो पता नहीं क्या हुआ, उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और कहा- रहने दो कोई प्रॉब्लम नहीं होगी।


मैंने उनकी आँखों में देखा और इशारे से पूछा कि क्या वास्तव में उनको कोई दिक्कत नहीं होगी। तो वो इशारे में हाँ बोलीं, मुझे बेड पर खींच लिया। हम फ़िर चालू हो गये, मैं उनके ऊपर आ गया। उन्होंने अपने हाथ से मेरे लण्ड को पकड़ा और अपनी चूत पर लगाने लगीं।


मैंने उनका हाथ हटा दिया और अपना सुपारा उनकी चूत की दरार में फँसा दिया। उनकी चूत से रस का लिसलिसापन एक चिकनाई का अच्छा काम कर रहा था। मेरा लौड़ा उनकी चूत में घुसने को तैयार था। मैंने उनकी आँखों में झाँका और उनकी तड़फ देख कर एक करारा झटका लगाया। मेरा मूसल उनकी ओखली में घुस गया था।


उनके कंठ से एक चीख निकली- आह… ह… ह… ह… बड़े जालिम हो… ओ… ओ… तुम… म… म !


पर मैंने उनकी सिसकारी को अपने लिए शाबाशी समझा और दनादन चोटें मारता चला गया और बीस मिनट की धुआंधार चुदाई के बाद मैंने अपना माल उनकी चूत में छोड़ दिया।


कुछ देर हम यूँ ही पड़े रहे, करीब आधा घण्टे बाद हमने एक बार और सैक्स किया।


वो मुझसे बोली- राहुल, तुम मुझे बहुत पसंद हो लेकिन पता नहीं क्यों मुझे ऐसा लग रहा है कि मैंने तुम्हारे साथ सैक्स करके ठीक नहीं किया।


फिर हमने तय किया कि अब हम नहीं मिलेंगे और उसके बाद अभी तक मैं उनसे नहीं मिला हूँ। बस कभी उनसे फोन पर बात हो जाती है !


आपको मेरी कहानी कैसी लगी। प्लीज़ जरूर बताना।




मेरी पहली प्यारी चुदाई

No comments:

Post a Comment

Facebook Comment

Blogger Tips and TricksLatest Tips And TricksBlogger Tricks