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घतना मेरे और मेरे नोकर के बीच kamukta hindi sex kahaniya


घतना मेरे और मेरे नोकर के बीच – kamukta hindi sex kahaniya


मेरा नाम अंजलि शर्मा है ये घतना मेरे और मेरे नोकर रहूल के बीच क है. तो मैं अपने बड़े में आपको बताती हूँ, मेरी एज 38 य्र्स है और मेरे नोकर की एज 18 य्र्स है. मैं एक हाउसवाइफ हू. मेरे हज़्बंद एक कंपनी मे इंजिनियर है. हम देल्ही में रहते है. एक बार मेरे हज़्बंद का ट्रान्स्फर लंडन, उ.क. मैं टू मंत्स के लिए हो गया तो रहूल और में भी उनके साथ लंडन घूमने के लिए उनके साथ चल पड़े. लंडन एक खूबसूरात सिटी है और वही पर कंपनी की तरफ से हमे फ्लॅट मिला था. मेरे हज़्बंद मॉर्निंग मैं जल्दी ही ऑफीस चले गये ईव्निंग मैं जब वो आए त उन्होने बताया की वो 15 डेज़ के लिए दूष्री सिटी के ऑफीस में जायगे और वही रहेंगे तो मेरा और रहूल का मूड बिल्कुल खराब हो गया.


तब उन्होने कहा तुम दोनो यहा घुमओ मैं 15 डेज़ बाद तुम्हे जाय्न करूँगा. अगले दिन वो चले गये मेरा बिल्कुल मूड खराब हो गया था तब रहूल मेरे पास आया और उसने मुझे कहा की मालकिन चलो बाहर घूम कर आते है, फिर हम दोनो लुनदूं घूमने निकल पड़े. हम दोनो ने घूमते हुए काफ़ी एंजाय किया और मेरा मूड भी फ्रेश हो गया था फिर हम दोनो शॉपिंग के लिए गाए रहूल ने अपने लिए कपड़े खड़ीदे लेकिन मेरे लिए वाहा पर कुछ खड़ीदने के लिए मिला नही क्योकि मैं केवल सूट सलवार और शादी ही पहनती थी. तब रहूल ने मुझे जीन्स टी-शर्ट्स ओर शॉर्ट्स दिलवाए मेने काफ़ी माना किया पर वो बोला की मालकिन यहा तो आप ये पहन सकती हो और आप पर ये कपड़े अच्छे लगेंगे तो मैने भी वो ले लिए फिर मैने अपने लिए ब्रा और पेंटी खड़ीदे तब रहूल ने मुझे नेट वाले ब्रा और स्ट्रिप्स वाली पेंटी चूज़ करने को कहा और बोला की ये बहुत सेक्सी लगेंगे मैं उसको ऐसा कराता देख कर हैरान हो गयी तब मैने ट्राइ रूम मे जाके कपड़े पहने और रहूल को दिखाए तो उसने कहा “मालकिन आप बहुत हॉट लग रही हो” तो मैने स्माइल दे कर कहा “चल हट” फिर मैं वोही ड्रेस पहन कर रहूल के साथ अपने फ्लॅट पर आ गयी वाहा आने के बाद हमने खाना खाया और टीवी देखने लगे.


तब रहूल ने कहा मालकिन क्या आपको आज मज़ा आया घूमने मैं तो मैने हा मे शिर हिलाया तो रहूल ने कहा की मालकिन क्या हम कल शाम को डिस्को मैं चले मेरा मूड वाहा जाने को कर रहा है और वाहा पर सिंगल एंट्री नही है तो हम दोनो चले तो मैने पहले माना कर दिया पर रहूल ने ज़िद करते हुए कहा वाहा हम दोनो डॅन्स करेंगे और काफ़ी मज़ा आयगा तो मैने हा कर दी, तो रहूल ने खुश होकर मुझे हग कर लिया और थॅंक्स मालकिन बालकर मेरे गाल पर किस भी कर दी और वो सोने चला गया उसके गाले लगने और किस करने पर मैं रात को सोते वक्त उसके बड़े मैं ही सोचती रही की कही रहूल मुझे एक मालकिन की बजाए एक हॉट औरात की तरह देख रहा है और हर समय मुझे टच करने के लिए मेरे करीब रहने की क़ोस्सिस कराता रहता है. ये सोचते हुए मैं सो गाइ और अगली सुबह. उठी और रहूल को जगाया और हम दोनो ने फ्रेश हो कर ब्रेकफास्ट किया और मैने रहूल को कहा की में नहाने जा रही हू मेरे नहाने के बाद तुम भी नहा लेना फिर हम घूमने चलेंगे रहूल ने हा में सिर हिलाया और में नहाने आ गयी नहाने के बाद मैने रहूल को आवाज़ दी और मेरी ब्रा और पेंटी देने को कहा जोकि में जान भुज कर लेकर नही आई थी क्योंकि मैं रहूल को देकना चाहती थी की वो मेरे बड़े में क्या सोचता है और में भी उसको लीके करने लगी थी तो उसको सिड्यूस करना चाहती थी


रहूल मेरी ब्रा और पेंटी ले आया और मुझे बाहर से ही देने लगा तो मैने उसको अंदर बुला लिया मैं यूयेसेस टाइम केवल टवल मैं ही थी जिसमे से मेरे 36 इंच के बूब्स आधे दिखाई दे रहे थे और निकचे से मेरी ठिग्स तक मेरी लेग्स दिखाई दे रहे थे, रहूल मुझे देखता ही रह गया मेने उससे ब्रा और पेंटी लिए और उसको बाहर भेज कर कपड़े पहन कर आई. मेने ब्लॅक कलर का टॉप पहना जिसमे से मेरी पूरी कमर दिखाई दे रही थी और मेरे बूब्स की क्लीवेज दिखाई दे रही थी और नीचे मैने स्कर्ट पहनी हुई थी जिससमे से मेरी आधी ठिग्स भी दिख रही थी. मुझे देखकर रहूल का बुरा हाल हो गया था और उसके शॉर्ट में मैने उसके पेनिस को पहली बार खाड़ा होते हुए देखा उसका लंड काफ़ी बड़ा दिख रहा था. फिर वो भी नहाने चला गया उसके नाहकार आने के बाद हम घूमने चले गाए और बाहर ही खाना खाया और शाम तक घूमते रहे हम एक दूसरे का हाथो मैं हाथ लिए जा रहे थे मुझे रहूल का साथ काफ़ी पसंद आ रहा था . फिर हम एक डॅन्स क्लब मैं गये और वाहा जाकर हमने देखे की काफ़ी अँग्रेज़ अपनी फ्रेंड्स के साथ एंजाय कर रहे है कोई डॅन्स कर रहा था कोई ड्रिंक्स ले रहा था मैं और रहूल भी एक दूस्सरे के साथ डॅन्स करने लगे फिर रहूल ने कहा की चलो कोल्ड ड्रिंक पीते है फिर रहूल ने कहा की मालकिन हम बेर पिए तो मैने माना कर दिया पर वो ज़िद कराता रहा त मैने कहा चलो ठीक है पर तदी सी पिएँगे और हम दोनो ने बेर पे ली और हम डॅन्स करने लगे मुझे नशा सा होने लगा और मैं रहूल दोनो काफ़ी क्लोज़ हकेर डॅन्स करने लगे हम दोनो एक दूस्सरे की बहो मे बहे डालकर डॅन्स कर रहे थे तब रहूल ने अपना एक हाथ मेरी कमर पर रखा और मुझे धीरे-धीरे फिचे से सहलाता रहा और एक हाथ मेरे पेट के साइड मे रखते हुए मेरे हिप्स तक ले गया और मेरे बिल्कुल क्लोज़ आगेया था उसे फेस बिल्कुल मेरे साइड मे था और वो अपने गाल मेरे गालो से रग़ाद रहा था.


फिर मैने महसूस किया की उसका लंड खड़ा हो गया है और मेरी थाइस पर रग़ाद रहा है मेरे शरीर मे एक दम से बिजली दौड़ गयी और मैं रहूल के साथ बिल्कुल चिपक गाइ और फिर वो अपने होठ मेरे होतो के पास लाया और हम किस करने लगे कुछ देर किस करने के बाद हम वाहा एक दूस्सरे के साथ चिपक कर डॅन्स करते रहे फिर थोड़ी देर बाद घर पर आ गये में बिल्कुल नशे मे चल रही थी हम 10.30 पर घर आए रहूल मुझे पकड़ कर ला रहा था तो वो मेरे साथ ही मेरे कमरे में आ गया हम दोनो बेड पर एक दूसरे की तरफ आकर लेट गये थे तब रहूल ने मेरी आखों मे देखा और कहा ¡°मालकिन ई लव उ¡± मैने उसको स्माइल दी पर कुछ कहा नही वो मेरे करीब आ गया और मेरे टॉप के उपर से ही मेरे पेट को सहलाने लगा फिर उसने मुझे मुझे होतो पर किस करी हम डोन एक दूसरे को किस करने लगे ये किस काफ़ी लंबा था हम एक दूसरे की जीभ को होतो को चूस रहे थे फिर रहूल और में बेठ गाए वो मुझे किस करते हुए मेरे कपड़े उतरने लगा पहले उसने मेरा टॉप निकल दिया और ब्रा के उपर से ही मेरे बूब्स दबाने लगा.


फिर उसने मेरी स्कर्ट भी निकल दी और वो मुझे बुरी तरह से किस करने लगा उसके बाद उसने अपने कपड़े भी उतरे और मेरे गले लगते हुए मेरे पीछे से ब्रा का हुक खोल दिया और मेरे बूब्स चूसने लगा मुझे बहुत मज़ा आ रहा था फिर उसने मेरी पेंटी भी उतार फेकि और मेरी चुत को देखने लगा और फिर साथ के साथ मेर ठिग्स पर किस करते हुए मेरी चुत को चातने लगा मुझे तो बड़ा मज़ा आने लगा मेरी सिसकारियाँ निकालने लगी और में उसका सिर पकड़ कर अंदर की तरफ दबाने लगी मेरा तो बुरा हाल हो गया था में “आआआआ रहूल बेटा बड़ा मज़ा आ रहा हाए हाओउउइ” की आवाज़े निकल रही थी उसके बाद रहूल ने अपना लॅंड मेर मूह के पास लाने लगा और मुहन मे लेने को कहा में माना करने लगी पर रहूल ने ज़बरदस्ती मेरे मूह मे अपना लंड दे दिया और मेरे सिर को पकड़ कर अंदर बाहर करने लगा फिर मुझे लंड चूसने मे मज़ा आने लगा और कुछ देर लंड चूसने के बाद रहूल ने मुझे सीधा लिटा दिया और अपने लंबे लंड को मेरी चुत पर रखकर धक्का मारा मेरी तो जान निकल गयी आआआआ रहूल बेटा आराम से में मार गयी उूुउउफफफ्फ़ रहूल का लंड उसके पापा से भी लंबा और मोटा है मैने ये नही सोचा था मुझे बहुत दर्द हुआ रहूल लंड को मेरी चुत के अंदर बाहर करने लगा मेरी भी चीखे निकल रही थी एयाया….. मार..गयी …आराम से उूुउउइइइमाआ ……आआआअ. में बिल्कुल चिल्ला रही थी पर कुछ देर बाद मुझे मज़ा आने लगा और में अपनी गान्ड उठा उठा कर रहूल का साथ देने लगी ऑरा कुछ देर बाद हम दोनो ने एक साथ पानी चोद दिया और हम ऐसे ही लेते रहे और उस रात रहूल ने मुझे कई बार छोड़ा.अगले सुबे जब मेरी निदे कुली तब मैं अपने नोकर के बहो मे थी और पूरी नगी थी. मेरे सारे कपड़े एआधार उधर पड़े थे. मैने उन्हे समेटा और बाथरूम की और चली गयी. मैं तो यही सोच रही थी की जो मैने जो अपने नोकर के साथ किया वो सही था या ग़लत. हलकी मैं नशे मे थी लेकिन मैं क्या कर रही हू ये मुझे होश तो था. मेरा बेटा तो अभी क्या सही क्या ग़लत नही जनता लेकिन अगर मैं चाहती तो इशे रोके सकती थी. पर मैं सेक्स की चाहत मे इतनी बह गयी की एक बार नही काई बार रात मे मैने अपने नोकर से चुद़वाई. लेकिन उस बात का मुझे बहुत ही अप्सोस हो रहा था.मैने सोच लिया था की बस जो हुवा सो हुवा लेकिन अब मैं आगे नही बडूँगी. और नहा के किचन की और बाद गयी. और नाशता बनाने लगी तभी मेरे कमर से होते हुवे दो हट मेरे स्ठानो पे आ गये मैं ने देखा तो मेरा बेटा नगा ही किचन मे आ के मुज़से पीछे से लिपटा है और उसका ठाना लॅंड मेरे साररी के उपर से ही पिछवाड़े गुडो के दरअरमे रग़ाद खा रहा है. मेरे स्ठानो की मसल्न और गांड मे होने वाली रग़ाद से मेरा सायं टूटा सा जा रहा था. मैं तो अपने आप को ही रोक नही पा रही थी. तो बाला नोकर को कैसे रोक पाती.मई ने जैसे तैसे उसे नहाने बेज दिया. फिर नशा ता दिया. आज मेरे नोकर के चारे पे एक अनोकी कुशी ज़लाक रही थी. वो टीवी देख रहा था. मैं ने सोच लिया की मैं अपने नोकर से कल के बड़े मे बात करूँगी.और मैं अपने नोकर के पास आ गयी और उसे कहा रहूल मैं तुमसे बात करना चाहती हू.


रहूल : हा मालकिन कहो ना.

मई : बेटा कल रात को जो अपने बीच हुवा वो अब फिर नही होना चाहिए.

रहूल : (चॉक ते हुवे) लेकिन कू मालकिन मुझे कुछ ग़लती हुवी क्या.

मई : नही बेटा ऐसी बात नही है.

रहूल : तो मालकिन तो आपको कल रात मेरे साथ मज़ा नही आया. अगर ये बात है तो मुझे एक और मौका दीजिए एस बार मैं आपको कुश कर दूँगा.

मई : बेटा ये बात नही है तूने तो मुझे तेरे पापा से भी जादा कुश कर दिया.

रहूल : फिर के बात है मालकिन.

मई : बेटा मैं तेरी मा हू और मा नोकर मे ऐसे समबाड़ पाप होते है.और हमारे बीच जो हुवा वो किसी को पता चला तो अनरात हो जाएगा.

रहूल : मालकिन ये आप क्या कह रही है. मुझे कुछ समाज नही आ रहा है. अगर मा बेटा सेक्स करना पाप है तो कल रात हम ये पाप कर चुके है. और अपने बीच मे जो हुवा वो हम दोनो के साइवा किसी को पता नही चलेगा.

मई : मुझे ये पता नही लेकिन अब हमारे बीच मे सेक्स नही होगा.

रहूल : मालकिन ये आप क्या कह रही है. अगर आपको मेरे साथ सेक्स करना ही नही था तो आपने मुझे अपने जल मे फसा ही कू आपने मुझे अपने बदन को दिखाया ही कू. एस सब की शूरावट तो आपने ही की थी.और आप ही म्यूज़्ज़ इस तरह दूर कर रही है. ठीक है अगर आप यही चाहती है तो यही होगा. कह

मेरा बेटा गुसे से अपने रूम मे चला गया और दरवाजा लॉक कर लिया. मैं तो अभी भी टीवी के सामने सोफे पे बैठी थी. हा शायद मेरा बेटा रहूल सही कह रहा था.अगर मैं ने उसे उस दिन नहाते हुवे सुदूस नही किया होता. उसके साथ चिपक के डॅन्स नही किया होता तो वो आगे बदाता ही नही था. लेकिन मैने अब जो किया था उसे पीछे हटाना नोकर के लिए बहुत मुषा किल था. अगर वो चाहता तो मुझे ब्लॅकमेल कर के भी चोद सकता था लेकिन उसने ऐसा नही किया. लेकिन मैं तो उसके साथ जाती कर रही थी. मैं अपना फ़यसला अब बदल ना चाहा थी. की अब मैं अपने नोकर को और दुखी नही करना चाहती थी. अगर ये पाप ही सही मैं इस पाप को अपने माथे पे लेने के लिए तैयार थी.और मैं ने सोच लिया की अपने कुशी के लिए नही तो अपने नोकर के कुशी के लिए उससे सेक्स करूँगी.रात मे उसके साथ सेक्स मे जो मज़ा था इसको तो मैं शबाड़ो मे बया नही कर सकती थी. शायद मेरे मन बस इस बात की तकरार थी की वो मेरा बेटा था.यही कारण था की मैं ने ऐसा फ़यसला किया था. लेकिन ऐसा फ़यसला करते वख मैने ये नही सोचा था की मेरे नोकर पर मेरे इस फ़यसले का असर क्या होगा.लेकिन अब और दुख मेरे नोकर को नही देना चाहती थी. मैं ने सोच लिया की अब मैं उसके साथ सेक्स करूँगी और कुध भी मज़े लूँगी.मई तो अपने नोकर से बात करने से दर रही थी. मैं ने एक बार बात करने की कोशिश भी की लेकिन वो मुज़से बात ही नही कर रहा था.अब दोफर हो गयी थी मैं खाना लेके उसके कमरे का दरवाजा खत खाटाया नोकर ने दरवाजा खोला उसके आखे भारी थी. वो मुज़से माफी मॅग रहा था. मैं समाज नही पा रही थी वो ऐसा क्यू कर रहा था.

रहूल : मालकिन मैं ने गुसे मे जो कहा मुझे माफ़ कर दो.मई जनता हू की ग़लती मेरी भी है मुझे रुकना चाहिए था.

मई : बेटा माफी तो मुझे तूज़ से मागनी कहिए ये सब मेरे कारण ही हुवा.

रहूल : जो हो गया सो हो गया हमारे बीच जो हुवा ये मैं किसी को नही बताउँगा और आज के बाद इसको बुल ज़ाऊगा.

मई : उसकी कोई ज़रूरात नही कुकी मैं ने सोच लिया है की अब मैं तेरे साथ सेक्स करूँगी फिर इसका एँजम कुछ भी हो.

रहूल : मालकिन तुम सच कह रही हो.

मई : हा. बस एस का किसे पता नही चलना कहिए.जो होगा बंद कमरएमए और बंद कमरएमए तो मैं तेरी हू फिर तुम मुझे अपनी रंडी समझो या तेरी बीवी लेकिन बाहर वालो के लिए तेरी मा.

रहूल : हा मालकिन इस बात की किसी को कबार नही होगी. लेकिन अब मेरा लॅंड भी टाइट हो गया है.


मई भी देख सकती थी की मेरे नोकर का लॅंड छड़ी मे तंबू बनके खड़ा था.मई ने उसके खड़े लॅंड को बाहर निकाला उसके खड़े लॅंड को देख कर मेरे मन मे उसे मुमे लेकर चूस ने की एआछा होने लगी.


तो मैने उसे अपने मुमे भर ने लगा उसका लाल सूपड़ा मुझे ललचाने लगा मैं ने उसे सूप़ड़े पे जीभ फेर ली रहूल के लॅंड ने तो एक ज़तका मार दिया उसके बदन मे भी एक रोमच सा दौड़ पड़ा अब मैने थोड़ी देर सूप़ड़े को चाट ने के बाद उसके लॅंड को अपने मुमे भर लिया उसका मोटा और तगड़ा लॅंड मुमे पूरी तरसे नही ले पा रही थी.उसका पूरा लॅंड मेरे गले तक फस रहा था. मैने तो अब रहूल के लॅंड को अपने मुमे अंदर बाहर करना शुरू कर दिया.मेरे नोकर का लॅंड मुमे लेने मे मुझे परेशानी तो हो रही थी पर लेकिन उसके लॅंड को लोलीपोप की तरह चूसने मे मुझे मज़ा भी आ रहा था.मेरा नोकर मेरी चूसा से पागल हो रहा था. उसके दोनो हट मेरे बालो मे फेज़ थे.वो तो अब पागल हुवा जा रहा था. वो तो खुद मेरे मु को अपने लॅंड पर दबा रहा था.जिससे उसका लॅंड मेरे गले तक अटक रहा था. उसका लॅंड जब मेरे गले तक जाता तो मेरे ससे अटक सी जाती.कुछ ही पॅलो मे उसकी ये हरकत तेज़ हो गयी शायद वो निकालने के नझडीक आ गया था. उसने तो अब मेरे सर को बालो को पकड़ कर अपने लॅंड पर ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा. उसका लॅंड तो मेरे गले मे भी पूरी अंदर गुस रहा था. जिससे मेरी हालत करब हो रही थी. कुछ ही देर मे उसके लॅंड से माल निकालने लगा और मेरा मु उसके रसीले रस से भर गया. और मैं ने उसका लॅंड बाहर नाकला और उसे माल मैं गतक गयी.उसका स्वाद नमकीन था और किस अमृत की तरह नोकर का ये अमृूट पे मैं धनी हो गयी.मैने तो नोकर के लॅंड पे बचा कूचा अमृत भी चाट गयी. फिर उसके लॅंड को मैने चड्डी के अंदर डाल दिया. मेरी सारी ठीक की फिर हम गुम्ने बाहर चले गये.


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