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मेरी चूत की गुदगुद्दी


प्रेषिका: हिना त्रिपाठी


मेरा नाम हिना है और मै काफी अच्छे पोस्ट पर कार्यरत हु | मेरा सामाजिक कार्यक्षेत्र काफी ज्यादा है, तो आये दिन, मै घुमती रहती हु | मै एक शादी शुदा औरत हु और मेरे पति भी एक अच्छे पोस्ट पर काम करते है | हमारे बच्चे नहीं है और शादी के काफी साल बाद अब हमे बच्चे नहीं चाहिए | हम दोनों अपने काम और जिन्दगी मे काफी मसरूफ हो चुके है | हम दोनों पति पत्नी काफी खुले विचारो वाले है और हम कपल सेक्स और दुसरे लोगो के साथ सम्भोग पसंद करते है | हम दोनों ने एक-दो सेक्स क्लब की भी सदस्ता ले ली है, ताकि हम दोनों ही सम्भोग का आनंद उठा सके | जब भी हम दोनों मे से एक जन बाहर होता है, तो दूसरा जन सेक्स क्लब मे जाकर आनंद उठा सकता है | आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |

इस बार मुझे ज्यादा दूर तो नहीं जाना था, लेकिन रात को रुकना पड़ा | मै अकेले होटल मे बोर हो रही थी, तो मै बार मे चली गयी और उस दिन मैने कुछ ज्यादा ही पी ली | मुझे अपना होश भी नहीं था | मुझे काफी देर हो चुकी थी और बार मे, ज्यादा लोग भी नहीं थे | तभी, मेरे पास एक जवान युवक आया, करीब २६-२७ साल का होगा और उसने मुझे सँभालने के लिए पूछा | मैने उसको अपने होटल का पता बताया और उसने मुझे अपनी कार मे डाला | मेरी हालत कुछ ज्यादा अच्छी नहीं थी और मै काफी नशे मे थी | मै ३७ साल की होने बाद भी, नवयुवतियो को मात करती थी | मेरा बदन काफी गठा हुआ था, मेरे चुचे बहुत मस्त थे; क्लब मे तो लोग मेरे लिए नंबर लगाते थे और ताश की बाजी मे लोग मेरे पति से मेरे साथ एक रात की शर्त रखते थे | कार मे लीटाते-लीटाते वो मेरे चूचो को दबा चुका था और मेरी पेंटी के ऊपर से मेरी चूत के लकीरों को महसूस कर चुका था | मेरी हालत देखकर उसके चेहरे पे एक मुस्कान सी दौड़ गयी | आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |

वो मुझे मेरे होटल लेकर गया और मेरे रूम की चाबी लेकर मुझे मेरे रूम मे ले गया | रूम मे जाते ही, मैने उसको होटो पर एक चूमा जड़ दिया और नीचे-नीचे गिरते-गिरते मैने उसका लंड पकड़ लिया | उसको सिर्फ ये ही तो चाहिए था | उसने मुझे पलंग पे लिटा दिये और मुझे ऊपर से आधा नंगा कर दिये और खुद भी ऊपर से आधा नंगा हो गया | फिर, वो लड़का मेरे ऊपर गिर पड़ा और मुझे चूमने लगा | उसने मेरे होट, गरदन और ऊपर के शरीर को इतना चूमा, कि मेरी चूत मे पानी आने लगा | उसका लंड भी खड़ा होना शुरू हो गया और वो मेरी चूत की लकीरों को छुने की कोशिश करने लगा, लेकिन, उसके और मेरे कपडे बीच मे आ रहे थे | उसने मुझे चूमना नहीं छोड़ा, वो मेरे होटो को मज़े मे चूस रहा था | एक हाथ से उसने मुझे पकड़ा था और दुसरे हाथ से उसने अपनी पेंट को उतार फेका और फिर उसने मुझे भी नंगा कर दिया | मै पलंग पे नंगी पड़ी हुई थी और वो मेरे गोरे, मस्त नंगे शरीर को ललचाई नज़रो से देख रहा था और अपनी जीभ अपने होटो पे घुमा रहा था ?

उसका लंड ज्यादा बड़ा तो नहीं था, पर मै काम चला सकती थी | मेरे भूरे निप्पल एक दम खड़े थे और उसके मुह मे जाने के लिए बेताब थे | उसके मुह से लार टपक रही थी और कुछ किसी कुते की तरह लार से भरी हुई जीभ अपने होटो पे फिरा रहा था | वो एक दम से मेरे निप्पल पर टूट पड़ा और मेरे दोनों चुचे अपने हाथो मे कसके दबा लिए और एक-एक करके निप्पलो को मसलने लगा और चूसने लगा | मुझे मज़ा आ रहा था और कामुक आवाज़े निकाल रही थी | मेरे दोनों हाथ मेरी चूत पर थे और मै अपनी चूत के दाने को रगड़ रही थी | आज मुझे ऐसा लगा रहा था, कि कोई नया-नया सेक्स करने वाला बच्चा मुझे चोद रहा है | ख़ैर, मुझे मज़ा आ रहा था | मुझे सुसु आ रहा था | मैने उठने की कोशिश की तो, मै गिर पड़ी और उसने मेरी चूत पर अपना मुह रख दिये और अपने होट मेरी चूत के दरवाजी पर पूरी तरह से चिपका दिये | मैने सुसु किया और पूरा का पूरा सुसु पी गया और बाद मे, मेरी चूत को अपनी जीभ से चाट कर साफ़ कर दिया | मैने बहुत से सरफिरो और महा चोदुओ के साथ सम्भोग किया था, लेकिन, इतनी हिम्मत किसी मे नहीं थी | आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | मेरे निप्पल उसने चूस-चूस के लाल कर दिये थे और अब वो मज़े मे उनको अब तक दबा रहा था | मेरे मुह से अजीब-अजीब तरह की आवाज़े निकल रही थी | उसने मेरी टांगो को पलंग के किनारे तक खीचा | मेरे उपरी हिस्सा पलग पर लेटा हुआ था और टाँगे जमीन पर टिकी हुई थी | मेरी चूत पलंग के किनारे पर थी और एक दम ऊपर उठी हुई थी | उसने अपना मुह मेरी चूत पर लगा दिया और उसको चूसने लगा | उसकी जीभ मेरी चूत के अन्दर घूम रही थी और मुझे गुदगुद्दी हो रही थी | फिर, उसने मेरे हाथो को पलंग पर लिटा दिया और उसको अपने हाथो मे दबा दिया और मेरे होटो को अपने होटो के बीच मे दबा दिया | और अपने लंड से मेरे चूत मे घुसड़ की जगह बनाने लगा | एक बार जब, जगह मिल गयी तो उसने अपना लंड चूत के दरवाजे पर रखकर अपनी गांड को जोर से धक्का मारा और लंड तेजी से मेरी चूत मे गुस गया और वो जोर-जोर से धक्के मारने लगा | मुझे किसी ने इस पोज मे नहीं चोदा था, लेकिन उसका लंड छोटा होने के बावजूद मेरी चूत मे अन्दर तक तक घुसा था और मुझे मदहोश कर रहा था | कुछ धक्को के बाद मै झड़ने वाली थी और उसके धक्के भी तेज होने लगे थे | आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |हम दोनों एक साथ ही झड गये और मेरी चूत उसके गाड़े और बहुत सारे वीर्य से भर गयी | वो उठा और मुझे पलंग पर पूरा लिटा दिया और ६९ की मुद्रा मे मेरी चूत पर लेट गया | मेरी चूत पे अपना मुह लगा दिया और अपना लंड मेरे मुह मे घुसड़ दिया | हम दोनों ने एक दुसरे को चाट और चूसकर साफ़ किया और फिर एक साथ नंगे सो गये | सुबह तक हम दोनों सोते रहे और मेरे उठने से पहले वो मुझे छोड़के चला गया | वो अभी तक मेरे लिए अनजान है और मै उसे आज तक नहीं जान पाई | पर वो अनजान लड़का मेरी जिन्दगी के अच्छे अनुभवों मे से एक था |


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