All Golpo Are Fake And Dream Of Writer, Do Not Try It In Your Life

पापा ने अपने दोस्त के साथ मिल कर मेरी सील खोली


दोस्तों आज मैं आपको अपने एक दोस्त की कहानी उसी की ज़ुबानी सुनाता हूँ. ये कहानी मेरे दोस्त ने मस्तराम डॉट नेट पर पोस्ट करने के लिए भेजा सो मैंने जैसे का तैसे ही गुरु मस्तराम को भेज रहा हु मुझे आशा है की आप लोग जरुर पसंद करेगे |


मेरा नाम सागर है.मेरे परिवार में मेरी बीवी सुषमा की उम्र ४१ साल,2 बेटियाँ है निशा २० साल की है और रितिका(रितु) 18 साल है.मैं मस्तराम डॉट नेट की कहानियाँ अपने ऑफीस कंप्यूटर पर खाली समय में पढ़ता रहता हूँ और इसलिए मेरे मन में भी कभी कभी अपनी छोटी बेटी रितिका जो कि सरीर में काफ़ी हशट पुष्ट है को लेकर ग़लत विचार आते रहते थे.लेकिन मैं अपने रिस्ते के बारे में सोचकर अपने मूड को डाइवर्ट कर लेता था. मेरे घर के पास रहने वाले एक दोस्त की बीवी डिंपल के साथ संबंध भी है मैं उसके घर समय निकालकर चुपके से जाता रहता हूँ .


अब मैं अपनी स्टोरी पर आता हूँ.मेरी दोनो बेटिओं की स्कूल की छुट्टियाँ थी.छोटी बेटी रितिका को फीवर था और सुषमा के मायके में एक शादी थी.सुषमा ने बोला कि मैं प्रोग्राम कॅन्सल कर देती हूँ.तो मैने कहा कोई बात नहीं,तुम जाओ लेकिन शादी अटेंड करते ही आ जाना.तो वो बोली 2-3 दिन तो लग ही जाएँगे,तो मैने कहा कोई बात नहीं लेकिन जल्दी आने की कोशिश करना.और अगले दिन वो बड़ी बेटी को साथ लेकर मायके सुबह 06.00 पर ही चली गयी.घर में अब मैं और मेरी बेटी के अलावा कोई नहीं था और मेरी बेटी को सुबह 9-10 बजे तक जागने की आदत है.


मैने अपने दोस्त की बीवी डिंपल को फोन किया कि कहाँ हो वो पार्क में मॉर्निंग वॉक के लिए आई थी तो मैने कहा मेरे घर आजाओ,सुषमा मायके गयी है.वो जल्दी से आ गयी.मैं उसको पहली बार अपने घर पर बुलाया था.डिंपल बोली रितिका तो यहीं है.मैने कहा वो तो 9-10 बजे तक जागेगी तब तक तो हमारा गेम हो जाएगा.और मैं उसको अपने कमरे में ले गया.अपने कमरे का गेट बंद किया और डिंपल के मस्त 32-30-34 शरीर का मज़ा लेने लग गया.थोड़ी देर बाद ही किसी ने गेट नॉक किया हम दोनो ही डर गये दोनो ने जल्दी जल्दी से अपने कपड़े पहने और मैने डिंपल को बेड के नीचे छुपा दिया.जब मैने गेट खोला तो देखा रितिका बाहर खड़ी है.उसने पूछा पापा अंदर कौन है ,मोम और दीदी तो चले गये,आप किससे बातें कर रहे थे.मैने हकलाते हुए बोला कोई नहीं.लेकिन मेरे बोलने के अंदाज से उसको शक हो गया कि कोई है.वो सीधे बेड के पास झाँकने लगी और अंदर देखकर बोली डिम्पी आंटी,उसने बोला बाहर निकलो वो जब बाहर निकली तो देखा उसके शरीर पर एक भी कपड़ा नही था.और उसकी चूत और पेट पर मेरा वीर्य सॉफ दिखाई दे रहा था.रितिका बोली डिम्पी आंटी आप अभी यहाँ से चली जाओ वरना बहुत बुरा होगा.वो चुपचाप वहाँ से चली गयी.लेकिन रितिका मुझसे कुछ नहीं बोली.जब वो चली गयी तो मैं रितु के रूम में गया और उसे बोला सॉरी रितु बेटा ग़लती हो गयी. दोस्तों आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |


वो बोली ये क्यूँ किया आपने,आप मोम के पीछे ये सब करते हो मैं मोम को ये सब बताउन्गि.मैने कहा रितु मोम को मत बताना प्लीज़.तो वो बोली क्यूँ नही बताउ. तो मैने कहा ठीक है तुम्हारी मर्ज़ी है लेकिन तुम्हारी मोम मेरे साथ नही सोती है अक्सर तुम लोगों के साथ ही सोती है और मेरा ख्याल नहीं रखती तो मैं क्या करूँ बताओ. वो शांत रही और कुछ नहीं बोली और मैं भी वहाँ से अपने कमरे में चला आया.मैं अब यही सोचता रहा कि अगर रितु ने सब कुछ बता दिया तो क्या होगा.अब मेरे दिमाग़ में विचार आने लगे कि कैसे मैं अपनी बेटी को बताने से रोकू.मेरे पास एक ही रास्ता था कि उसकी भी कोई ग़लती हो तो मैं उसको ये बात मेरी बीवी को बताने से रोक पाउ.मगर मेरे पास उसका कुछ नहीं था.वो तो मुझसे अब बात करने के लिए भी तैयार नही थी.मैं सोचता रहा कि उससे बात करने का कोई रास्ता निकले जिससे उसका दिल नरम हो जाए.


रितु अभी तक नॅचुरल कॉल्स के लिए बाथरूम मे नही गयी थी.मेरे दिमाग़ मे एक आइडिया आया उसके मुताबिक बाथरूम मे वॉश बेसिन और टाय्लेट शीट के पास मोबाइल आयिल फैला दिया और बाथरूम के बाहर अपने वो स्लीपर रख दिए जिनसे तो मैं कई बार नॉर्मल फर्श पर भी स्लिप हो गया था.मेरा आइडिया था कि अगर वो स्लिप हुई तो उसके चोट ज़रूर लगेगी और उसकी देखभाल तो मुझे ही करनी होगी.और देखभाल करते करते रितु को मनाने का चान्स लेकर देखते हैं.मैं अपने रूम में जाकर बैठ गया और उसका बाथरूम जाने का इंतजार करता रहा.रितु थोड़ी देर बाद ब्रश लेकर बाथरूम की ओर बढ़ी उसकी तबीयत तो ऐसे ही ठीक नहीं थी कमज़ोरी भी थी उसने वही स्लीपर पहने और जैसे ही अंदर घुसी मुझे एक ज़ोर की आवाज़ सुनाई दी.वो स्लिप हो गयी थी.मैने देखा कि वो पीठ के बल गिरी हुई है,उसकी राइट कोहनी से ब्लड निकल रहा है और अपने कूल्हे को पकड़ कर आआआआआआः आआआआआआआआहह कराह रही है,आँखों मे आँसू आ रहे हैं उसकी स्कर्ट उपर उठी हुई है उसकी गोल भरी हुई दूधिया जांघें और चॉकलेट कलर की पैंटी जो सॉफ दिखाई दे रही थी मेरा दिमाग़ खराब करने लगी जबकि मैने अपना प्लान उससे बात करके उसे समझाने के लिए बनाया था .


मैने उसे पूछा क्या हुआ.वो बोली स्लिप हो गयी.मैने पूछा कहाँ लगी वो बोली राइट हॅंड में और हिप के पास.मैने बोला चलो खड़ी हो जाओ.उसने उठने की कोशिश की तो उसको दर्द और बुखार की कमज़ोरी के कारण से चक्कर आने लगे वो वहीं पर बैठ गयी तो मैने कहा क्या हुआ तो वो बोली पापा सिर घूम रहा है चक्कर आ रहे हैं.तो मैने कहा चल मैं तुझको बेड पर लिटा देता हूँ.जब मैने उसको उठाने के लिए राइट हॅंड को पकड़ कर उसको गोदी मे लेना चाहा तो उसको बहुत दर्द हुआ और वो बोली पापा नही ऐसे तो काफ़ी दर्द हो रहा है.मैने उसको फिर से फर्श पर बैठा दिया और गोदी की बजाय उसको सीधे खड़े खड़े उठने के लिए बोला.वो मेरा सहारा लेकर खड़ी हो गयी.मैने उसको अपने से सटा लिया और उसके 32 इंच बूब्स का स्पर्श महसूस करने लगा.


मैने जान भूजकर उसकी स्कर्ट को उपर उठाकर ही अपने कंधे पर उठा लिया.अब उसके बूब्स मेरे कंधों से उपर और उसकी चॉकलॅटी पैंटी वाला पिछवाड़ा मेरे राइट हॅंड से उठाया हुआ था.मैने जानभूजकर उसको अपने राइट हॅंड से हिप के पास प्रेस किया जहाँ उसको चोट लगी थी.रितु बोली पापा आराम से उठाओ चोट लगी है.मैने कहा कहाँ.वो बोली हिप के पास तो मैने उसके हिप को लेफ्ट हॅंड से टच करके सहलाते हुए बोला यहाँ. तो बोली हां पापा.मैने कहा कोई बात नहीं कोई क्रीम लगा देंगे.और मैने उसको बेड पर लेटा दिया. मैने उसको उठाकर बिस्तर पर लिटा दिया. उसको हिप और राइट हॅंड में काफ़ी चोट लगी थी आगे क्या हुआ कंटिन्यू…………….. मैने रितु को बेड पर लिटा दिया और बोला रितु क्रीम लगा दूं तो वो बोली हां पापा लगा दो मैं एक क्रीम लेकर आ गया मैने रितु से पूछा बेटा दिखाओ कहाँ लगी है लगा देता हूँ.वो झेन्प सी गयी और बोली नही पापा मैं लगा लूँगी और अपना राइट हॅंड आगे बढ़ाने की कोशिश की लेकिन मूह से आअहह की आवाज़ लगाते हुए रुक गयी.


उसका राइट हॅंड जाम सा हो गया था अब उसने अपना लेफ्ट हॅंड बढ़ाया और क्रीम अपने हाथ में लेकर खोल दी और अपने पिछवाड़े को मुझसे छुपाने की कोशिश करते हुए लेफ्ट हॅंड से अपने राइट हिप को क्रीम से मालिश करने की कोशिश करने लगी लेकिन उससे ठीक तरह से मालिश नही हो पा रही थी और थोड़ा ट्विस्ट होने की वजह से उसको दर्द भी हो रहा था और वो दर्द के कारण बार बार चहेरे के एक्सप्रेशन भी बदल रही थी | मैने उसके हाथ की तरफ हाथ बढ़ाया और उसके हाथ से क्रीम छीन ली और बोला क्यूँ संकोच कर रही है बेड पर लेट जा मैं लगाए देता हूँ ऐसे भी एक हाथ से कितनी देर मालिश करेगी थक जाएगी चोट बहुत है और इस क्रीम को काफ़ी देर मालिश करने से ही असर होगा चल ज़िद मत कर मुझसे कैसी शरम. दोस्तों आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | दोस्तों आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | रितु ना चाहते हुए भी बेड पर लेट गयी मैने उसको पेट के बल लेटने के लिए बोला वो पेट के बल लेट गयी मैने उसकी स्कर्ट को उसकी कमर पर चढ़ा दिया और उसकी पैंटी को राइट साइड से थोड़ा नीचे खिसका दिया मैने उसकी पैंटी थोड़ी ही खिसकाई जिससे उसको शरम महसूस ना हो मैने थोड़ी सी क्रीम निकाली और उसके हिप पर लगा दी और हल्के हाथ से मालिश करने लगा उसके दोनो हिप्स के बीच का कट थोड़ा दिखाई दे रहा था जिसकी वजह से मेरा दिमाग़ खराब होने लगा मैं मालिश कर रहा था तो उसकी पैंटी बार बार उपर खिसक आती थी और मैं उसको फिर से वहीं थोड़ा सा कर देता था


मैने रितु से पूछा बेटा आराम मिल रहा है बेटा वो बोली पापा कोई फरक नही है तो मैने बोला कई दिन तक अच्छी मालिश करनी पड़ेगी तभी आराम मिलेगा मैने उससे बातें करते करते इस बार उसकी पैंटी को थोड़ा और नीचे खिसका दिया अब उसकी हिप्स की दरार आधे से भी ज़्यादा दिखाई दे रही थी मैं मालिश करते करते उसको उत्तेजित करने की कोशिश करने लगा मैं बीच बीच मे उसकी दरार मे हाथ लगाता रहता और जैसे ही उसकी हिप की दरार पर हाथ लगता वो हिप्स को हल्का सा सिकोड लेती थी मैं ऐसा बार बार करता और वो भी बार बार अपने चुतडो को सिकोड लेती थी. थोड़ी देर बाद मैने फिर उससे पूछा बेटा कैसा लग रहा है थोड़ा आराम मिल रहा है क्या.तो वो बोली हां पापा ठीक है लेकिन अब रहने दो तो मैने कहा ठीक है लेकिन अब तुम्हे इस क्रीम से दिन में 3-4 बार मालिश करनी होगी वो बोली ठीक है पापा.और मैने फिर से एक बार उसके हिप पे मजाकिया अंदाज में थप्पड़ लगाते हुए बोला चल अब आराम कर ले वो मेरी तरफ नीचे से उपर की तरफ उठते हुए मुस्करा दी वो पलटी और अपनी पैंटी उपर चढ़ा ली और जब वो अपनी स्कर्ट को डाउन कर रही थी तो मैने देखा उसका आगे का हिस्सा गीला था मैं समझ गया कि मेरे स्पर्श से उसको सेक्स का रितुभव हुआ है मैं वहाँ से खड़ा हो गया और अपने कमरे में चला गया थोड़ी देर बाद वो सो गयी और मैं फिर से उसके पास पहुँच गया . वो करवट के बल सो रही थी और उसका राइट हिप उपर की तरफ था मैं फिर से क्रीम लेकर उसके पास पहुँचा और उसकी स्कर्ट उपर कर दी और उसकी पैंटी को इस बार तो दोनो हिप की तरफ से ही नीचे कर दिया उसके दोनो हिप्स मेरे सामने थे मैने थोड़ी सी क्रीम ली और मालिश करना शुरू कर दिया मैने थोड़ा आगे की तरफ धकेला तो उसकी चूत के उपर के छोटे छोटे बाल साफ दिखाई दे रहे थे लेकिन चूत नही दिख रही थी मैं धीरे धीरे उसके हिप्स को ही सहलाता रहा और कभी कभी अपना एक हाथ उसके आगे के बालों पर भी घुमा देता.उसके बूब्स पर जो कि नॉर्मल आकार के मालूम पड़ते थे उनपर भी मैं टच करने लगा मुझे उसकी साँसों से महसूस हुआ कि वो जाग गयी है लेकिन उसने अपनी आँखें बंद की हुई हैं | मैं एक हाथ से उसके हिप की मालिश कर रहा था और एक हाथ से उसके दोनो हिप्स को बड़े प्यार से सहला रहा था मैं काफ़ी देर तक ऐसे ही उसकी मालिश करता रहा लेकिन मैं इससे ज़यादा आगे नही बढ़ा मुझे डर था कि कहीं बात बिगड़ ना जाए और मैने उसकी पैंटी को फिर से उपर कर दिया और वहाँ से उठ खड़ा हुआ और वो भी थोड़ी देर बाद जाग गयी मैं दोबारा से कमरे में गया और रितु से पूछा बेटा कैसी हो. दोस्तों आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |


रितु बोली पापा ठीक हूँ मैने उसको बोला बेटा ऐसे ही ठीक थोड़े ही हो मैने तुम्हारी एक बार और मालिश की थी जब तुम सो रही थी रितिका बोली हां पापा मुझे भी लगा कि आपने मालिश की थी.मैने उससे बोला देखा बेटा मैं तुम्हारा कितना ख्याल रखता हूँ और तुम हो कि मेरा ख़याल ही नही रखती हो. रितु बोली कैसे पापा? मैं बोला कि तुम को मेरी खुशी अच्छी ही नही लगती इसीलिए तुम मेरे बारे मे सब कुछ अपनी माँ को बताना चाहती हो वो बोली नही पापा मैं तो सिर्फ़ आपको डरा रही थी जिससे आप ऐसी औरत के चक्कर मे ना पडो इस पर मैने चुटकी लेते हुए कहा कि अगर मुझे पता होता कि तुम सिर्फ़ मुझे डरा रही हो तो मैं तुम्हारी डिम्पी आंटी को दोपहर को फिर बुला लेता इस पर वो मुस्कुरा दी और बोली पापा ये सब ठीक नही है. अगर बाहर किसी को पता चलेगा तो हम लोगों की बदनामी होगी इस पर मैने कहा कि तुम्हारी बात तो ठीक है लेकिन मेरा क्या मैं क्या करूँ तुम्हारी मोम मेरा ख्याल रखती नही मुझे देती ही नही इस वर्ड की मुझको देती ही नही सुनकर रितु ने अपना सिर नीचे झुका लिया और बोली तो क्या हुआ इस पर मैने बोला तो क्या हुआ बेटा ये सेक्स ऐसी चीज़ है जिस में लोग कुछ भी कर सकते है और तुम बोल रही हो तो क्या हुआ? वो चुप हो गयी और कुछ नही बोली दोनो ही शांत हो गये. फिर मैने उससे कहा कि बेटा क्या तुम्हारे लिए कुछ बना दूँ भूख लगी होगी वो बोली हां पापा भूक तो लगी है लेकिन आज तो मैने स्नान भी नही किया है तो मैं बोला तो अब कर लो इस पर वो बोली कि पापा मैं कैसे नहा पाउन्गी ऐसी हालत मैंमेरा राइट हॅंड तो बिल्कुल काम ही नही कर रहा और उठने बैठने के लिए भी आपके सहारे की ज़रूरत है. दोस्तों आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |


तो मैने कहा कि मैं तुम्हारी मदद कर दूँगा. रितु बोली पापा मैं आपके सामने कैसे नहाऊंगी मैने कहा जैसे बचपन में नहाती थी.वो शर्मा गयी और बोली नही पापा ऐसा करती हूँ कि गीले कपड़े से शरीर पोंच्छ लेती हूँ और कपड़े चेंज कर लेती हूँ आप उसी में मेरी मदद कर देना मैं बोला ठीक है और उसने वहीं से बोला पापा सामने कपबोर्ड मैं मेरे अंडर गारमेंट्स हैं थोड़ा दे दो मैने कपबोर्ड में देखा 03-04 कलर्स की पैंटी और ब्रा उसमें थे ब्लॅक कलर की पैंटी और ब्रा भी थे जो कि नेट मे थे उनमें शरीर छुपाने के लिए कुछ नहीं था तो मैने उससे पूछा कौन से वाले तो उसने कहा पापा ब्लू वाले दे दो तो मैने कहा मुझे तो ये ब्लॅक वाले अच्छे लग रहे हैं आज इनको ही पहनो और उनको लेकर उसके सामने खड़ा हो गया उसने मेरे हाथ से झेन्पते हुए उनको ले लिया और बोली पापा आप बहुत गंदे हो इस पर मैने कहा क्यूँ रितु? रितु बोली आपने वही लिए हैं जिनमें सबसे ज़्यादा दिखाई दे. तो मैने बोला हां रितु मैं भी तो देखूं कि मेरी बेटी कितनी सुंदर दिखती है ऐसे कपड़ों में. वो बोली मुझे शरम आएगी इनको आपके सामने पहिनने में प्लीज़ ब्लू वाले ले लो ना अब मुझे लगने लगा था कि रितु मेरी हरकतों से थोड़ा थोड़ा उत्तेजित होने लगी थी और अगर ऐसा ही चलता रहा तो बात बन सकती है वो फिर बोली पापा पापा थोड़ा मुझे खड़ा कर दो मैने उसे अपनी बाहों में भर लिया उसकी चुचियाँ मेरे सीने से सटी हुई थी और मेरे दोनो हाथ उसकी पीठ को पकड़े थे मैं उसको लेकर खड़ा हो गया वो मेरे सामने थोड़ी सी संभलकर खड़ी हो गयी और खड़ी होकर स्कर्ट में से लेफ्ट हॅंड की सहायता से पैंटी को खिसकाने लगी और उसे उतारने मे सफल भी हो गयी उसे पता था कि वो बिना मेरी मदद के उसे पहन नही सकती है मैं उसके पास गया और बोला पैंटी लाओ उसने तुरंत अपनी ब्लॅक पैंटी मुझे दे दी. दोस्तों आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |


मैं उसके नीचे बैठ गया जब मैं नीचे बैठा तो मैने देखा उसकी उतरी हुई पैंटी आगे से गीली है क्यूंकी उसकी चूत का माल मैने जब मालिश की थी तो एग्ज़ाइट्मेंट की वजह से निकला होगा और शायद अब भी वो मेरे बिहेव से ऐसा ही फील कर रही है. अब मैने उसे अपने कंधे पर हाथ रखने को बोला उसने अपना हाथ मेरे कंधे पर रख दिया और अपना लेफ्ट पैर थोड़ा उपर कर लिया ताकि मैं उसकी पैंटी को उसमें पहना सकूँ मैने उसकी पैंटी को जैसे ही उसके पैर में फसाया उसकी स्कर्ट थोड़ी सी और उपर हो गयी और मुझे उसकी मुनिया के दर्शन हो गये उसकी छोटी सी मुनिया को देखते ही मेरे चेहरे का कलर बदल गया जिससे रितु को भी मालूम हो गया कि मैने उसकी चूत को देख लिया है लेकिन वो क्या करती कुछ नही बोल पाई.


कहानी जारी है आगे की कहानी पढने ने लिए निचे दिए गए पेज नंबर पर क्लिक करे ….


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