All Golpo Are Fake And Dream Of Writer, Do Not Try It In Your Life

चलते चलते बात करें

दोस्तो, चलते चलते बात करें आज मैं आपको वो बताने जा रहा हूँ, जो आपने पहले शायद कभी न सुना हो। मेरा नाम अमित है और मैं नासिक में रहता हूँ। मेरा अपना बिज़नेस है। जब काम थोड़ा बढ़ा तो मैंने अपनी एक ब्रांच पुणे में भी खोल ली, वहाँ मेरा भाई रहता है जो मेरा काम संभालता है। काम के सिलसिले में मुझे अक्सर नासिक और पुणे आना जाना लगा रहता है, कभी ट्रेन से तो कभी अपनी कार से। एक बार की बात है मैं अपने काम से नासिक से पुणे आ रहा था। रात के करीब साढ़े गयारह बज रहे थे,
चलते चलते बात करें
चलते चलते बात करें


अभी नासिक से कोई 50-60 किलोमीटर ही आया था कि मैंने देखा सुनसान सड़क पर एक औरत सफ़ेद साड़ी में खड़ी मुझे हाथ का इशारा कर रही है। पहले तो मेरी फट गई कि कहीं यह कोई भूत-वूत तो नहीं। मगर मैंने देखा, उसके पास ही एक टोयोटा कार खड़ी थी और उस लड़की ने भी पूरा मेकअप किया हुआ था, पूरे गहने पहने थे, शक्ल से तो भूत नहीं लग रही थी।

चलते चलते बात करें
चलते चलते बात करें

मैंने हिम्मत करके कार रोक ली। वो मेरे पास आई और खिड़की के पास आकर थोड़ा झुकी, जब झुकी तो उसके गोरे गोरे बूब्स के दर्शन हुये, उसने मुझे ताड़ते देख लिया मगर बड़ी मीठी मुस्कान के साथ बोली- एक्सयूज मी, क्या आप मुझे थोड़ा आगे तक लिफ्ट दे सकते हैं, मेरी गाड़ी खराब हो गई है और आस पास कोई गैरेज भी नहीं है। मैंने भी पूछा- इतनी रात को आप अकेली इस सुनसान रास्ते पे क्या कर रही हैं? वो बोली- दरअसल मैं फिल्मों में असिस्टेंट आर्ट डाइरेक्टर हूँ, हमारी फिल्म की शूटिंग चल रही है और मैं वहीं जा रही थी। मुझे बड़ी खुशी हुई, वैसे वो खुद भी किसी हेरोईन से कम नहीं थी, मैंने पूछा- कौन सी फिल्म की शूटिंग है, कौन कौन है फिल्म में?

वो मुस्कुरा कर बोली- चलते चलते बात करें?

मुझे बड़ा फील हुआ- अरे सॉरी, प्लीज़ आइये।

मेरे कहने पे वो मुझे उंगली से एक मिनट रुकने का इशारा करके अपनी कार के पास गई और कार में से अपना, पर्स, मोबाइल और एक बड़ा सा पैक उठा लाई, सामान कार में रख कर बोली- चलिये।

मैंने गाड़ी चला ली- इस बैग में क्या है? मैंने पूछा।

‘वो हमारी शूटिंग का समान है।’ उसने कहा।
‘ओके…’ मैंने कहा- क्या मैं आपका नाम जान सकता हूँ?

वो बोली- मेरा नाम रेखा है, और आपका?

मेरी हंसी निकल गई और हंस कर बोला- अमित…

सुन कर वो भी हंस पड़ी।

‘तो रेखा जी, कौन सी फिल्म की शूटिंग कर रही हो आप?’

वो बोली- अमित जी, अब हर किसी की किस्मत रेखा जी जैसी तो नहीं होती, मैं तो छोटी मोटी फिल्मों में काम करती हूँ।

मुझे हैरानी हुई- छोटी मोटी फिल्में, मतलब?
‘मतलब, बी ग्रेड फिल्में…’ वो थोड़ा शर्मा के मुस्कुरा के बोली।

‘ओ हो, तो शीला की जवानी, कच्ची कली, गुलाबी जिस्म, ऐसी फिल्में?’ मैंने थोड़ा शरारती अंदाज़ में पूछा।

‘जी बिल्कुल!’ वो बोली।

‘तो क्या आप फिल्मों में एक्टिंग भी करती हो?’ मैंने पूछा।

‘जी नहीं, मैं सेट डिज़ाइनिंग का काम करती हूँ’ उसने कहा।

‘ओके, तो आप वो बिस्तर सजाती हैं, जिस पर हीरो और हेरोइन प्रेम लीला रचाते हैं।’ मेरे ऐसा कहने पर वो झेंप गई पर बोली कुछ नहीं।
चलते चलते बात करें
चलते चलते बात करें

‘बाई द वे, आप एक्टिंग क्यों नहीं करती, आप तो माशा अल्ला खुद भी बहुत खूबसूरत हो, जवान हो, और क्या कहूँ, सब कुछ हो?’ मैंने उसके गोल गोल स्तनों की तरफ घूर कर देखते हुये कहा।
साड़ी के पल्लू में से झाँकता उसका यौवन जैसे मुझे अपनी तरफ खींच रहा था, मेरा मन किया कि पकड़ के इसके दोनों स्तन दबा दूँ, मगर मैंने अपने आप को काबू करके रखा।

वो बोली- मैंने एक फिल्म में काम किया है।

‘अच्छा, कौन सी?’ मैंने चहक कर पूछा।

‘गुलाबी रातें!’ वो बोली। चलते चलते बात करें

‘अरे नहीं, कब आई यह फिल्म, मुझे तो पता ही नहीं चला, मैं ज़रूर देखना चाहूँगा।’ दरअसल मैं तो उसके नंगे बदन को देखने की ख़्वाहिश मन में पाले बैठा था।

‘कोई फायदा नहीं, मैं उसमें हीरो की बहन बनी थी और मेरा फिल्म में सिर्फ 2 मिनट का रोल था, वैसा कुछ नहीं जैसा आप सोच रहे हैं।’

उसकी बात सुन कर हम दोनों हंस पड़े।

कुछ देर बातें करने के बाद मैंने सिगरेट निकली और उसे ऑफर की, उसनें डिब्बी से एक निकली और अपने होंठों में दबा ली।

मैंने कहा- अपनी सुलगाइएगा तो मेरी भी सुलगा दीजिये।

उसने दो सिगरेट अपने होंठों में ली और लाईटर से दोनों जला दी, मेरी सिगरेट पे उसके लिपस्टिक के निशान बन गए।

मैंने उसे देखते हुये पहले उसके लिपस्टिक के निशान को चूमा और फिर सिगरेट का कश लगाया।

वो मुस्कुरा कर बोली- आप तो, लगता है, ज़्यादा ही लट्टू हो गए मुझ पर?

मैंने कहा- अरे रेखा और अमित की आशिक़ी के किस्से तो सारी दुनिया में मशहूर हैं।

वो हंसी और बोली- न तो आप वो अमित हैं, और न मैं वो रेखा हूँ।

‘हाँ, वो वाले नहीं हैं, मगर खुद को वो समझ तो सकते हैं।’ मैंने कहा।
तो उसने बड़ी गहरी निगाह से मुझको घूरा।

खैर बातें चलती रही और गाड़ी भी हम दोनों एक दूसरे से लगातार बातें करते रहे, मैंने उसके और उसने मेरे बारे में एक दूसरे को बहुत कुछ बताया और हम दोनों बातों बातों में एक दूसरे के बहुत अच्छे दोस्त बन गए। हमने बहुत खुल कर बातचीत की, मगर मैंने एक मर्यादा से बाहर जाकर कुछ नहीं किया।

एलीफेंटा पहुँच कर मैंने गाड़ी रोकी और उस से पूछा- रेखा क्या लोगी? चलते चलते बात करें

वो भी मस्ती में बोली- कुछ मर्ज़ी ले आओ यार।

मैं दुकान से कोल्ड ड्रिंक, सोडा, नमकीन वगैरह ले आया, शराब मेरे पास गाड़ी में थी।

मैंने गाड़ी बढ़ाई और काफी आगे जा कर जब रास्ता सुनसान सा हो गया, गाड़ी रोक दी।

मैंने बोतल खोली और दो पेग बनाए- किसके साथ लोगी, कोल्ड ड्रिंक, सोडा, पानी?

वो बोली- सोडा और पानी मिक्स!

मैंने दोनों पेग बनाए, एक उसको दिया- अपनी दोस्ती के नाम!

‘दोस्ती के नाम…’ कह कर हम दोनों ने एक एक घूंट पिया।

उसके बाद तो बातों का जो दौर शुरू हुआ, पूछो मत।
हम दोनों आधी से ज़्यादा बोतल गटक गए, सुरूर दोनों को पूरा हो गया था, बेवजह बात बात पे हंसी, ठहाके चल रहे थे।
बात करते करते उसकी साड़ी का पल्लू गिर गया और उसके ब्लाउज़ के लो कट से उसके आधे स्तन बाहर दिखने लगे।
वो अपना पल्लू ठीक करने लगी तो मैंने रोक दिया- मत कर यार, फिर गिर जाएगा, तू फिर ठीक करेगी, यह फिर गिर जाएगा।

तो वो बोली- इसका मतलब यह कि मैं तुझे अपनी छातियाँ बाहर निकाल के दिखाऊँ, या तू खुद इन्हें देखना चाहता है?

‘जैसा तू ठीक समझे!’ मैंने कहा- अगर दिखाना चाहती है तो दिखा दे, मुझे कोई ऐतराज नहीं!’ मैं उसे आँख मार के बोला।

‘भोंसड़ी के, छातियाँ मेरी, तू कौन होता है ऐतराज करने वाला’। मुझे उसके मुँह से गाली थोड़ी अजीब लगी, मगर बुरी नहीं लगी।
अरे यार, अगर तू फिल्म में एक्ट्रेस होती तो भी तो दिखाती, अब दिखा दे।’ मैंने कहा।

‘तू देखेगा?’ उसने पूछा। चलते चलते बात करें

‘अरे लवड़े की… दिखाएगी भी या बातें ही बनाएगी?’ मैंने भी उसे गाली दे ही दी।

उसने मेरी तरफ देखा और बोली- ले देख, हारामी, ठरकी साले!

कह कर उसने अपने ब्लाउज़ के हुक खोले, और ब्लाउज़ ब्रा दोनों उतार दिये।

वाह… क्या शानदार चूचे थे उसके, एकदम मस्त, गोल, भरे हुये और तने हुए।

मैंने देखते देखते उसके दोनों बूब्स अपने हाथों में पकड़ लिए- ओह रेखा, तुम बहुत लाजवाब हो।

कह कर मैंने उसके निप्पल को मुँह लिया और चूसने लगा।

वो व्हिस्की पीती रही और मैं उसके बूब्स चूसता रहा। बूब्स चूसते चूसते मैंने उसके पेट, बगलों, गर्दन और जहाँ तक हो सका, उसे चूमा भी और अपनी जीभ से चाटा भी।

उसकी साँसों की रफ्तार से मुझे पता चल रहा था कि वो भी पूरी गर्म हो चुकी है। अब मैं सोच रहा था कि इससे पूछूं कि आगे का क्या प्रोग्राम है।

तभी वो बोली- अमित, लेगा मेरी?

अरे मुझे तो मुँह मांगी मुराद मिल गई थी, मैंने कहा- अब इतनी आगे आकर पीछे मुड़ने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता।

कह कर मैं अपनी शर्ट के बटन खोलने लगा तो वो बोली- यहाँ नहीं, रुको ज़रा, बाहर चलते हैं।

‘बाहर कहाँ?’ मैंने पूछा।

उसने अपनी साड़ी का पल्लू अपनी कमर में ठूँसा और कार पिछली सीट पे रखा पैक उठाया और बोली- मेरे पीछे आओ।

मैंने भी कार को लॉक किया और उसके पीछे पीछे चल पड़ा। हम दोनों सड़क छोड़ कर पैदल ही सुनसान वीराने में चलते गए।
सड़क से काफी दूर एक बड़े से झाड़ के पीछे जाकर उसने पैक खोला, उसमें बिस्तर सा था, बिस्तर बिछाया और उस पर लेट कर बोली- आ जाओ।

यह तो जन्नत का नज़ारा था। चलते चलते बात करें

मैंने झट से अपने सारे कपड़े उतार फेंके और बिल्कुल नंगा होकर मैं उसके ऊपर लेट गया। मेरे लेटते ही उसने मेरा सर पकड़ा और अपने होंठ मेरे होंठों से लगा दिये।

होंठ क्या, मैंने साथ की साथ अपनी जीभ भी उसके मुख में डाल दी, जिसे वो बड़े मज़े से चूसने लगी।
जब उसने अपनी जीभ मेरे मुँह में डाली तो मैंने भी जी भर के उसकी जीभ को चूसा और दोनों हाथों से उसके स्तन भी दबा रहा था। खुले आसमान के नीचे सेक्स करने का अपना ही मज़ा है।

अब सब्र नहीं होता जानेमन, अब तो यह साड़ी भी उतार दो।’ मैंने कहा तो रेखा ने अपनी साड़ी और पेटीकोट दोनों उतार दिये। चलते चलते बात करें

चाँदनी रात में उसका गोरा बदन चमक रहा था। मैंने उसके दोनों जांघों को अपने हाथों से सहलाया, अपने होंठों से चूमा, दांतों से काटा और उसकी चूत पे चुम्बन भी लिया। चलते चलते बात करें

उसने अपने टाँगें फैला दी- अमित, चाटो इसे! उसने कहा और मेरा सर पकड़ कर अपनी चूत से सटाया।
मैंने बिना कोई हील हुज्जत किए अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया।

थोड़ा सा चटवाने के बाद वो बोली- घूम जाओ अमित, मैं तुम्हारा लवड़ा चूसना चाहती हूँ... चलते चलते बात करें

No comments:

Post a Comment

Facebook Comment

Blogger Tips and TricksLatest Tips And TricksBlogger Tricks