All Golpo Are Fake And Dream Of Writer, Do Not Try It In Your Life

Indian Desi Young Manservant Forcing Romance To Hot Owner

मैं खुशबू शर्मा आजआप Indian Desi Young Manservant Forcing Romance To Hot Owner लोगो केसामने अपनी कहानीपेश करना चाहतीहूँ जिसमे 85% सच्चाईहै और बाकी15% जो होना चाहियेथा पर क़िसीवजह से नहीहुआ में एकमिड्ल क्लास फेमिलीसे हूँ मेरेपिताजी एक सरकारीदफ्तर में कामकरते है  हर तीनया पाँच सालमें उनका ट्रान्सफरहोता रहता हैजिसके कारण मेरीपढ़ाई में दिक्कतहोती रहती मुझेभी अपनी स्कूलबार बार चेंजकरनी पडती हैहर बार चेंजहोने के कारणएक ही कक्षामें 2-2 साल होजाता था  इसलिये जब में10 वी क्लास मेंपहुँची तो मेरीउम्र दूसरे बच्चोसे ज़्यादा थीमतलब 4 साल बड़ीथी.
Indian Desi Young Manservant Forcing Romance To Hot Owner
Indian Desi Young Manservant Forcing Romance To Hot Owner


उस वक़्त मेरी उमर19 साल थी मेंहमेशा फर्स्ट आतीथी और शारीरिकरूप से भीमें कुछ ज़्यादाही बड़ी लगतीथी क्लास मेंसबसे बड़ी होनेके कारण मुझेक्लास मॉनिटर केपद पर नियुक्तकिया गया सभीक्लास टीचर्स मुझसेखुश थे मेंसबकी दुलारी थीमें दिखने मेंबहुत ही फेयरथी अभी भीऔर मेरे कालेघने बाल तबभी थे अभीभी है लेकिनमेरी हाइट औरवेट उस वक़्त( हाइट 5’2 वेट 40 किलोग्राम) आमलड़की से ज़्यादाबड़े लगते मेरेबूब्स तब एकटेनिस बॉल जितनेथे स्कूल यूनिफॉर्म(वाइट शर्ट औरब्लू स्कर्ट, वाइटसॉक्स ब्लेक शूज,गले मेंटाई भी रहती) मिड्ल क्लास फेमिलीसे होने केकारण ज़्यादा अफोर्डनही कर सकतेथे में ब्राके बदले एकछोटा सा एप्रनजैसा अंदर पहनतीथी जो गलेमें और कमरमें बँधा रहतापेंटी की जगहशॉर्ट्स पहनती थी लेकिनपसीना आने सेअंदर एप्रन गीलाहो जाता तोनिपल शर्ट परहल्के से दिखाईपडते.

Indian Desi Young Manservant Forcing Romance To Hot Owner
Indian Desi Young Manservant Forcing Romance To Hot Owner
Indian Desi Young Manservant Forcing Romance To Hot Owner

एक दिन गर्मियोंका मौसम थाएप्रन पसीने सेभीग गयी थीऔर निपल कुछज़्यादा ही दिखाईदे रहे थे  स्कूलमें ज़्यादातर टीचर्सफीमेल होने केकारण परेशानी नहीथी टीचर मेंरोमा मेडम मेरीसबसे बेस्ट टीचरथी उन्होने मुझेदेखकर कहा  खुशबू यहा आओ  मेंचुपचाप उनके पासगयी और विशकिया उन्होने कहाखुशबू तुम अंदरकुछ पहनती नहीहो क्या देखोतुम्हारे निपल कैसेदिख रहे हैमेने कहा मेडमक्या करू पसीनेके कारण ऐसाहो रहा है.Indian Desi Young Manservant Forcing Romance To Hot Owner

उन्होने कहा आजशाम मेरे घरआना कुछ कामहै मेने यसमेडम कहा औरवहा से चलीगयी रोमा मेडमउम्र 30 साल स्कूलमें सबसे सुंदरएक अप्सरा जैसीलगती थी गोलचेहरा स्मूद शाइनीस्किन, लचकदार कमर, सुराहीजैसी गर्दन, हिरणीजेसी आँखें काजललगाया हुआ, कालेलंबे बाल बूब्स34 एकदम गोल जैसेसाचे में ढालाहुआ ब्लाउज एकदमफिट साड़ी मेंस्वर्ग की अप्सरामें सोचती बड़ीहोकर उनके जैसीबनूँगी सुंदर सुशील चंचलस्वभाव मेरी आइडलथी वो आजशाम उनके घरजाना था जैसेही स्कूल केछूटने की बेलबजी में झटसे बाहर निकलकररोमा मेडम केघर चलने लगी5 ही मिनिट मेंउनके घर पहुँचगयी बेल बजायामेडम मुझे देखकरखुश हो गयीआओ खुशबू बैठोमें सोफे परबैठ गयी मेडममेरे सामने बेठगई और अभीभी मेरे निपलशर्ट से दिखरहे थे.

मेडम मेरे पासआई और मुझेखड़े होने कोकहा और मेंखड़ी हो गयीमेडम ने मेरेगालो पर हाथफेरा और प्यारसे कहा खुशबूतुम सुंदर होलेकिन अपने शरीरको संभालो दूसरोकी नज़रों सेशर्ट के ऊपरसे मेरे निपलटच करते हुयेकहने लगी देखतेरे निपल कितनेसाफ दिख रहेहै  उनकेहाथ लगते हीमेरे शरीर मेंजैसे बिज़ली सीदोड़ गयी औरमेरे निपल काँटेजैसे नुकिले होगये पहली बारकिसी ने मेरेनिपल को स्पर्शकिया में सिहरगई  मेडमने कहा क्याहुआ खुशबू  Indian Desi Young Manservant Forcing Romance To Hot Owner मेंने कहा कुछनही मेडम नेहल्के से स्माइलकरते हुये कहायहा आओ औरबेडरूम की तरफले गयी  और पूछाखुशबू तुम्हारे बूब्सका साइज़ क्याहै मेने कहामेडम पता नहीउन्होने कहा शर्टखोलो मेने मनाकिया तो कहाअरे में तुम्हारीमेडम हूँ मुझसेक्यों शरमाती होमें तो सिर्फ़साइज़ देखूँगी औरअगर मेरे पासकोई ब्रा होतो दे दूँगी.

मेडम ने धीरसे मेरा शर्टउतारा और एप्रनजैसा कपड़ा हटाया  मेरेनुकीले निपल देखकरछोटी सी स्माइलकी और मेरेबूब्स को अपनेहाथो से नापनेलगी मुझे ऐसेलगा जैसे मेरेबूब्स बढ़ रहेहै मेडम नेथोड़ी देर देखकरअपनी अलमारी खोलकरएक ब्रा दीपर वो फिटनही आई फिर  दूसरीदी वो भीफिट नही आई  तबउन्होंने कहा कीकल मेरे साथचल के शॉपसे खरीद दूँगीओके मेने कहामेरे पास पैसेनही है तोउन्होने कहा कोईबात नही कलसे रोज़ मेरेघर आना औरमेरे छोटे छोटेकाम कर दोबस में लादूँगी तुम्हे ब्राऔर पेंटी अरेहाँ पेंटी पहनतीहो की नही? मेंने सिर हिलाकरनही कहा तोमेरा स्कर्ट उठाकरदेखा अरे शॉर्ट्सपहना है पेंटीनही कोई बातनही कल लायेगेंठीक है.

दूसरे दिन स्कूलख़त्म होते हीमेडम मुझे साथले गयी औरएक शॉप सेमेरे लिये 2-2 पेंटीऔर ब्रा खरीदलिये और घरसे पर्मिशन लेकरमें रोमा मेडमके वहा चलीगयी मेडम फ्रेशहोकर एक पिंकगाउन पहनकर आईऔर कहा मेरेपास बैठो मेंबैठ गयी फिरउन्होने कहा मेरीमसाज करनी हैतुम्हे रोज़ मेरामन खिल गयाआज एक अप्सराकी मसाज करनीहै सोचकर मेडमने गाउन खोलदिया में अंदरवाइट ब्रा औरपेंटी को देखतीही रह गईइतना सुंदर जिस्मथा ब्रा मेंसे उनके गोलचिकने बूब्स एकदमकड़क और गोलथे मेरी आँखेवही रुक गयीमेडम ने कहाखुशबू क्या देखरही हो तुमचाहो तो ब्राभी निकाल दोमेने हाँ मेंसिर हिलाया औरमेडम ने ब्राभी खोल दीसुंदर पर्फेक्ट गोलगोल बूब्स औरपिंक निपल देखकर मेरा मनकिया की वहीझुक कर चूसनेलगू पर अपनेउपर काबू पाकरमेने हाथ मेंथोड सा क्रीमलिया और मेडमके गले सेलेकर उनके बूब्सके टॉप तकलगाया और धीरेसे हाथ फेरतेहुये मालिश करनेलगी.

Indian Desi Young Manservant Forcing Romance To Hot Owner
Indian Desi Young Manservant Forcing Romance To Hot Owner
Indian Desi Young Manservant Forcing Romance To Hot Owner

मेडम ने अपनीआँखें बंद करली मेरे हाथघूमते रहे उनकेगले में औरबूब्स के उपरतक ही जबमुझे ऐसा लगाकी मेडम सोरही है तोधीरे से हाथबूब्स के उपरफेरने लगी औरधीरे धीरे हाथपूरे बूब्स परफेरने लगी औरमुझे पता हीनही चला कीमें कब निपलको चूसने लगीमेडम ने भीकुछ नही कहामें मधहोश होकरप्यार से चूसनेलगी बूब्स धीरेधीरे और कड़कहो गये मेंमसलती रही चूसतीरही और फिरमेडम का हाथमेरे बालो मेंथा उनके हाथका दबाव मेरेसिर पर थाअब में खुलकरचूसने चूमने लगीमेडम का हाथमुझे नीचे धकेलनेलगा में भीचूमते हुये धीरेधीरे पेट परनाभि के पासकमर पर औरअचानक मेरे सामनेमेडम की पेंटी गई.

में एकदम सिहरगयी मेडम कीपेंटी गीली लगरही थी औरएक अजीब सीखुशबू आने लगीऔर दूसरी हीबार मेने पेंटीपर मेडम केउस प्राइवेट हिस्सेको चूम लियाजिसे इंग्लीश मेंपुसी कहते हैऔर हिन्दी मेंशायद चूत कहतेहै मेडम केहाथ का दबावअब और बडगया उनके गीलेपनका स्वाद ज़ुबानपर मधहोश करनेलगा मेंने धीरेसे पेंटी नीचेखिसकाई और मेंदेखती  हीरह गई इतनेसुंदर फूले हुयेहोंठ जैसे गुलाबकी पंखुड़ी होऔर उनके बीचसे झाकता हुआएक काले जैसागीला चिपचिपा सापानी मेरी ज़ुबाननिकली और टेस्टकिया मीठा सास्वाद आया.

मेंने और एकबार ज़ुबान सेटेस्ट किया औरफिर करती चलीगयी ज़ुबान अपनेआप ही जैसेचलने लगी मेडमकी टाँगे फैलगयी और मेरेसिर पर मेडमका दबाव बडगया में अपनापूरा मुँह मेडमकी चूत सेचिपका के चूसनेलगी थोड़ी देरचूसने के बादमेडम ने अपनेपैरो से मेरेसिर को दबोचलिया और सिसकातेहुये कराहते हुयेगर्म सा जूसचूत से निकलनेलगा और मेंएक प्यासे इंसानकी तरह पीतीचली गयी मेडमकी टाँगे कुछढीली हुई तबसाँस लेने कामौका मिला मेरेहोंठ मेरी नाकमेडम के जूससे चिपचिपे होगये थे मेंफिर से एकबार झुककर मेडमकी चूत कोचूमने लगी मेडमने मुझे अपनेउपर खीच लियाऔर प्यार सेमेरे लिप्स कोचूम लिया औरकहा खुशबू तुममेरी बेस्ट फ्रेंडहो आज सेऔर मुझे चूमनेलगी में मेडमकी बाहों मेंलेटी रही.

थोड़ी देर बादमेडम ने कहाआज रात यहीरुक जाओ खुशबूमें तुम्हारे घरपर फोन करकेबता दूँगी ओकेमेडम ने घरपर फोन करकेइजाजत ले लीबाहर से खानामँगवाया और खानेके बाद सोनेके लिये मेडमबेडरूम में लेगयी और वहापर मेरे कपड़ेउतार दिये औरखुद भी एकजन्मजात नंगे होगये और मुझेपास बुलाकर मुझेचूमा और मेरेटेनिस बॉल जैसेबूब्स के साथखेलने लगी मेरेनिपल कड़क नुकीलेहो गये थेमेडम मेरे निपलको मुँह मेंलेकर चूसने लगीऔर एक हाथको मेरी चूतपर फेरने लगीमेने कितनी हीरातें अपने हाथोसे अपनी चूतपर फेरी होगीपर आज पहलीबार मेडम केहाथ मेरी चूतपर फेरने लगीऔर में गीलीहोती गयी यहातक की मेरीचूत से पानीबहने लगा औरअचानक मेडम मेरीचूत को चाटनेलगी.
अब मेडम घूमगयी थी उनकीटाँगे मेरे मुँहके पास थीमेंने किस कियातो मेडम नेमेरे मुँह परअपनी चूत रखदी अब मेंमेडम की चूतचाट रही थीऔर मेडम मेरीऔर फिर हमएक दूसरे कारस पी रहेथे और पीतेरहे और कुछही देर बादमेरे पैर अकड़गये और मेंछटपटाने लगी मेडमके मुँह कादबाव और बडगया मेरा शरीरएकदम अकड़ गयाऔर एक लंबीसिसकारी लेते हुयेमेरा पानी छूटनेलगा और मेडमका चेहरा भीगगया मेरे चूतके रस से  मेरीचूत से पहलीबार इतना रसनिकला था औरनिकलता जा रहाथा मेडम खुशहोते हुये  चाट रहीथी मेरा छटपटानाबन्द हो गयाअब में थोड़ीशान्त हो गयी. मेडम मेरे पासआई मुझे बाहोंमें भर लियाऔर प्यार सेगालो को चूमनेलगी और मेंभी चूमने लगी.


मेरे मुँह सेअचानक निकल हीगया की मेडमआप मुझे बहुतअच्छे लगते होऔर मेडम नेकहा खुशबू तुमभी मुझे अच्छीलगती हो आजके बाद तुमकोजो चाहिये मुझसेकहना में लादूंगी ओके मेंखुश होकर उनकीबाहों में समागयी और रातबडती गयी औरएक बार फिरसे हमारा खेलशुरू हुआ यहखेल ऐसे हीचलता रहा कभीकभी जब स्कूलमें वक़्त मिलतातो वही परकिसी क्लासरूम मेंदरवाज़ा बन्द करकेमेडम मेरा रसपीती और मेंमेडम का एकदिन में टेबलपर अपनी टाँगेफैलाकर बैठी थीऔर मेडम मेरीस्कर्ट के अंदरमेरी चूत चाटरही थी कीअचानक प्रिन्सिपल साहबअंदर गयेऔर हमें रंगेहाथो पकड़ लियाआगे की स्टोरीआप लोगो केरेस्पोंस के बादलिखूंगी. ये मेरीसच्ची कहानी है. अगर अच्छी लगेतो इसे शेयरजरुर करें.

No comments:

Post a Comment

Facebook Comment

Blogger Tips and TricksLatest Tips And TricksBlogger Tricks